Betul News: उपपंजीयक कार्यालय में वित्तीय अनियमितताओं के खुलासे से हड़कंप, दो रजिस्ट्रियां निरस्त

खेल छिपाने के लिए सर्विस प्रोवाइडरों को बनाया जा रहा ढाल
Betul News: बैतूल। रजिस्ट्री कार्यालय में कथित वित्तीय अनियमितताओं और अवैध वसूली को लेकर लगातार सामने आ रही शिकायतों और खुलासों के बाद अब कार्यालयीन व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि एक के बाद एक मामले सामने आने से रजिस्ट्री कार्यालय में भी हड़कंप की स्थिति बताई जा रही है। सांझवीर टाईम्स में उपपंजीयक कार्यालय में हो रहे बड़े गड़बड़झाले की खबर सिलसिलेवार प्रकाशित करने के बाद नए खुलासे होते जा रहे हैं। कलेक्टर डॉ सौरभ संजय सोनवणे खुद मामले की जांच कर रहे हैं। इसके बाद यहां के फर्जीवाड़े पर बड़ी कार्रवाई संभव दिखाई दे रही है।
इधर जानकारी के अनुसार दस्तावेजों में सामने आई खामियों के चलते दो रजिस्ट्रियों को निरस्त किया गया है। जो रजिस्ट्रियां रद्द की गई हैं, उन रजिस्ट्रियों की जानकारी गोपनीयता की वजह से प्रकाशित नहीं की जा रही है। साथ ही सर्विस प्रोवाइडरों को प्रत्येक लेनदेन में सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। रजिस्ट्री प्रक्रिया में मौके पर खींची जाने वाली फोटो से लेकर बंधक रजिस्ट्रियों में होने वाले लेनदेन तक को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं जिसका खुलासा आने वाले अंकों में किया जाएगा।
लोगों का दावा है कि इन प्रक्रियाओं में भी कथित तौर पर आर्थिक लेनदेन का भारी भरकम खेल चल रहा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस लिए नहीं कि जा रही है, क्योंकि जिनके साथ छल हुआ है या हो रहा है वे अपना नाम सामने नहीं आने देना चाहते हैं, लेकिन लगातार उठ रहे सवालों ने कार्यालय से जुड़े अधिकारियों की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
कार्यवाही से अपने आप को बचाने सर्विस प्रोवाइडर बनेंगे ढाल
सांझवीर टाइम्सÓ द्वारा रजिस्ट्री कार्यालय से जुड़े मामलों को लगातार प्रमुखता से उठाए जाने के बाद अधिकारियों के बीच भी हलचल बढ़ने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि सर्विस प्रोवाइडरों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि क्रेता और विक्रेता से जुड़ी प्रक्रिया नियमों के अनुरूप पूरी की जाए और किसी भी अनियमितता से बचा जाए। लेकिन जिस तरह से अधिकारियों ने अवैध वसूली का जाल बिछाकर रखा है वह भी काबिले तारीफ है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि भविष्य में वित्तीय अनियमितताओं का कोई मामला सामने आता है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी तय होगी? चर्चाओं के अनुसार व्यवस्था कुछ इस तरह संचालित होने की बात कही जा रही है कि किसी भी विवाद की स्थिति में जिम्मेदारी सर्विस प्रोवाइडर पर डालकर संबंधित अधिकारी खुद को बचाने का प्रयास कर सकते हैं। सेवा समाप्त करने या कार्रवाई किए जाने को ही जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया के रूप में प्रस्तुत किए जाने की आशंका भी जताई जा रही है।
पुराने मामलों की जांच से सामने आएगी वास्तविकता
लगातार सामने आ रही शिकायतों के बीच अब जरूरत इस बात की है कि रजिस्ट्री कार्यालय में होने वाले लेनदेन, बंधक रजिस्ट्रियों, फोटो प्रक्रिया और सर्विस प्रोवाइडरों की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित आर्थिक अनियमितताओं में वास्तविक जिम्मेदारी किसकी है और व्यवस्था में सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए। कार्यालय से कौनसी दो रजिस्ट्री कैंसिल की गई है और क्यों कि गई इसको लेकर रजिस्ट्रार से संपर्क किया गया लेकिन सम्पर्क नहीं हो पाया। इस संबंध में उपपंजीयक दिनेश कौशले को उनके मोबाइल 9425995184 पर कई बार काल किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
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