Betul News: अवैध वसूली के आरोपों से घबराया रजिस्ट्री कार्यालय! सर्विस प्रोवाइडरों से फोन करवाकर सफाई देने की कोशिश

खुद को पाक-साफ बता रहे रजिस्ट्रार, फिर खबरों के बाद सर्विस प्रोवाइडरों की सक्रियता क्यों बढ़ी?

Betul News: बैतूल। भूमि और मकान की रजिस्ट्री के नाम पर कथित अतिरिक्त वसूली और सर्विस प्रोवाइडरों के माध्यम से होने वाले लाखो रुपयों के कथित लेन-देन को लेकर रजिस्ट्री कार्यालय इन दिनों सवालों के घेरे में है। लगातार सामने आ रही शिकायतों के बीच अब कार्यालय से जुड़े सर्विस प्रोवाइडरों द्वारा मीडिया कार्यालय में फोन कर सफाई देने और खुद को इस मामले से अलग बताने की कोशिशें चर्चा का विषय बन गई हैं। सवाल यह उठ रहा है कि यदि सब कुछ पारदर्शी है तो फिर सफाई देने के लिए इतनी बेचैनी आखिर क्यों दिखाई जा रही है?

सूत्रों के अनुसार रजिस्ट्री कार्यालय में काम करने वाले कुछ सर्विस प्रोवाइडर खबरों के प्रकाशन के बाद फोन कर अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। यहां तक कि कथित तौर पर विज्ञापन का प्रलोभन देकर खबरों का रुख बदलने की कोशिश की जा रही है। लेकिन लगातार आ रहे फोन कॉल्स ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।

‘सबूत नहीं मिलेंगेÓ वाली चर्चा ने खड़े किए सवाल

बताया जा रहा है कि रजिस्ट्रार दिनेश कौसले लोगों के बीच यह कहते नजर आ रहे हैं कि अखबार में खबरें तो प्रकाशित हो रही हैं, लेकिन कथित लेन-देन के कोई ठोस सबूत नहीं मिल पाएंगे। यदि ऐसा है तो सवाल यह है कि कार्यालय की व्यवस्था को लेकर उठ रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच क्यों नहीं कराई जाती? पारदर्शिता के लिए शिकायतों की जांच होना ही सबसे बेहतर रास्ता माना जा सकता है।

 इधर स्थानीय स्तर लोगों का दावा है कि रजिस्ट्री प्रक्रिया के दौरान निर्धारित शुल्क के अलावा कथित तौर पर 3 हजार से 8 हजार रुपये राशि ली जाती हैं। आरोप यह भी है कि इस कथित राशि का हिस्सा कार्यालय के विभिन्न स्तरों तक पहुंचता है।

हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों का पक्ष भी सामने नहीं आ रहा है। पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि रजिस्ट्री कार्यालय में सब कुछ नियमों के मुताबिक चल रहा है और अधिकारी स्वयं को पूरी तरह पाक-साफ बता रहे हैं, तो फिर खबरों के बाद सफाई देने के लिए सर्विस प्रोवाइडरों को सक्रिय करने की जरूरत क्यों महसूस हो रही है? कथित वसूली के आरोपों की निष्पक्ष जांच ही अब इस पूरे मामले की वास्तविकता सामने ला सकती है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

Related Articles

Back to top button