Betul News : शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई में की देरी
Betul News: Police delayed action after complaint
मामला बडोरा में एचडीएफसी सेक्यूरेटी के नाम ठगी और धर्मांतरण का, एसआई की भूमिका कटघरे में
Betul News : (बैतूल)। बडोरा क्षेत्र में जिले के बाहर से आई तथाकथित कंपनी ने युवाओं को नौकरी का सब्जबाग दिखाकर शेयर मार्केट के काम से जोड़ लिया। इस गोरखधंधे के बहाने धर्मांतरण की रूपरेखा तैयार की गई। जब कुछ युवाओं को अपने साथ ठगी होने का एहसास हुआ तो विभाग के एक उपनिरीक्षक ने शिकायत पर जांच के बजाय आरोप लगने वालों से संपर्क कर थाने बुला लिया। फिर होना क्या था हमेशा की तरह सांठ-गांठ के बाद मामला रफा दफा हो गया, लेकिन शिकायत मीडिया तक पहुंची तो वरिष्ठ अधिकारी के निर्देश पर बैतूल बाजार पुलिस को आनन-फानन में मामला दर्ज करना पड़ा।
मामले का पुरा लब्बोलुआद यह है कि बैतूल बाजार थाने के एक उपनिरीक्षक उत्तम मसतकर द्वारा शिकायतकर्ताओं के आवेदन देने के बाद गंभीरता नहीं दिखाई। यहां एक दलाल की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए। भले ही पुलिस ने सांझवीर टाईम्स की खबर के बाद मामला दर्ज कर लिया हो, लेकिन एसआई की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए।
बडोरा में एचडीएफसी सेक्यूरिटी के नाम पर कार्यालय खोला गया था। संचालकों ने इसके लिए पुलिस से वेरीफिकेशन भी नहीं कराया। कहा जा रहा है कि दूसरे जिले से आए युवाओं ने इस कंपनी का बोर्ड बडोरा में टांग लिया। सूत्र बताते है कि इनके पास कोई भी प्रुफ और अन्य जानकारी नहीं थी। चूंकि एक महीने में ही 6 हजार 500 रूपए के वेतन पर नौकरी करने के लिए कई युवाओं ने अपने फार्म भी डाल लिए और देखते ही देखते यहां कई युवाओं को नौकरी देने का प्रलोभन दिया गया।
जानकारी सामने आई है कि बुदनी से आए नीरज पंडागे्र बडोरा के रोशन अतुलकर, प्रथम चौबे, जतिन पंडाग्रे, शिवम इवने आदि के साथ मिलकर बकायदा युवाओं को आईकार्ड भी जारी कर दिए। जानकारी के अनुसार आर्थिक रूप से सशक्त होने के लालच में युवा यहां जुड़ते गए। सूत्रों ने तो यह भी बताया कि एचडीएफसी सेक्यूरिटी के नाम राशि दोगुनी करने का भी लालच दिया गया। इसके बाद बड़ी राशि यहां पर जमा करने की जानकारी सामने आई। यह राशि करोड़ों में आकी जा रही है।
कार्यालय खुलने पर पुलिस को खबर नहीं
सूत्र बताते है कि बडोरा में जिस जगह यह कार्यालय खुला था, यहां पर युवक-युवतियों की भीड़ के बाद लोग सक्रिय हुए और बैतूल बाजार पुलिस को सूचना दी, लेकिन पुलिस आंख बंद करके शिकायत आने का इंतजार करती रही। इस बीच फर्जीवाड़ा और धर्मांतरण की आड़ में काम करने वालों को युवाओं के साथ अन्य युवाओं को लूटने का मौका मिल गया।
जब एक शिकायतकर्ता ने बैतूल बाजार थाने पहुंचकर लिखित में शिकायत दर्ज कराई तो भी पुलिस हरकत में नहीं आई। यहां पदस्थ उपनिरीक्षक उत्तम मसतकर की भूमिका शुरू से आखरी तक संदिग्ध बनी रही। शिकायत लेने के बावजूद उन्होंने बडोरा जाकर जांच करना उचित नहीं समझा।
मीडिया ने मामला उछाला तब सक्रिय हुई पुलिस (Betul News)
जानकारी के मुताबिक सांझवीर टाईम्स और कुछ मीडिया ने बडोरा में चल रहे फर्जीवाड़े का मामला प्रमुखता से उठाया तब बैतूल बाजार के उपनिरीक्षक उत्तम मसतकर अचानक सक्रिय हुए। उन्होंने सबसे पहले जिनकी शिकातय हुई, उन्हें तलब करना उचित समझा। उपनिरीक्षक और नीरज पंडाग्रे समेत कंपनी संचालित करने वालों के बीच क्या खिचड़ी पकी यह तो वही जाने, लेकिन यह चर्चा शहर में बड़े जोरो पर है कि बड़ा लेन-देन हुआ है। मामले में कोई रवि वर्मा नाम के दलाल की भूमिका भी कटघरे में है। इसी के माध्यम से फर्जी कंपनी चलाने वाले और बैतूल बजार के उपनिरीक्षक के बीच खिचड़ी पकने की खबर है। कुछ दलालनुमा पत्रकारों ने भी मामले में जमकर लेन-देन की चर्चा शहर में चल रही है।
दावा किया जा रहा है कि पुलिस ने बाद में सक्रिय होने पर संबंधितों के खिलाफ मामला तो दर्ज कर लिया है, लेकिन सामान जब्ती को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं चल रही है। यह तो शुक्र है एसपी सिद्धार्थ चौधरी का, जिनके संज्ञान में सांझवीर टाईम्स में प्रकाशित खबर के बाद मामला सामने आया। उन्होंने बैतूल बाजार पुलिस को फटकार लगाकर एफआईआर के निर्देश दिए थे। यदि एसपी मामले में निर्देश नहीं देते तो पूरा मामला रफा-दफा करने की तैयारी की जा चुकी थी।
इनका कहना…
मामले में एसपी साहब के निर्देश पर बैतूल बाजार पुलिस ने जांच की है। जो आरोप लग रहे है इस मामले में जांच करवा ली जाएगी।
नीरज सोनी, एएसपी बैतूल
शिकायतकर्ता के आवेदन आने के बाद जांच शुरू की थी। यह आरोप गलत है कि कोई लेन-देन किया गया है। आरोपियों को नोटिस भी जारी कर दिया गया है।
उत्तम मसतकर, उपनिरीक्षक बैतूल बाजार थाना




