Betul News: 90 लाख का ठेका, 10 परमिट और काम सिर्फ पोल खड़े करने तक सीमित
कारगिल चौक से गढ़ाघाट रोड तक बिजली पोल शिफ्टिंग में भी सुस्ती, बार-बार बिजली कटौती से नागरिक परेशान

Betul News: बैतूल (सांझवीर टाईम्स)। शहर के कारगिल चौक से गढ़ा घाट रोड तक चल रहे लिंक रोड दोहरीकरण कार्य के बीच बिजली पोल और ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग में भी भारी लापरवाही सामने आई है। पीडब्ल्यूडी द्वारा करीब 90 लाख की लागत से दिए गए इस कार्य में अब तक अपेक्षित प्रगति नहीं होने से सडक़ निर्माण भी प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई महीनों से काम की रफ्तार बेहद धीमी है और नागरिकों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पोल शिफ्टिंग के लिए बार बार बिजली कटौती अलग समस्याएं निर्मित कर रही हैं।
10 से अधिक बार लिया परमिट, काम नहीं पकड़ पाया रफ्तार
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बिजली पोल और ट्रांसफार्मर शिफ्ट करने के लिए भैसदेही के ठेकेदार द्वारा बिजली कंपनी से अब तक 10 से अधिक बार परमिट लिया जा चुका है। प्रत्येक बार घंटों बिजली आपूर्ति बंद रखी गई, लेकिन इसके बावजूद पुराने बच्चा जेल क्षेत्र तक नए पोल खड़े करने के अलावा कोई उल्लेखनीय कार्य नहीं हो सका। लाइन तक नहीं खींची जा सकी है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक यह ठेका भैंसदेही की एक कंपनी को दिया गया है, जिसने अब तक मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य किए हैं। शहरी क्षेत्र में यह उसका पहला बड़ा प्रोजेक्ट बताया जा रहा है। मौके पर अक्सर केवल तीन से चार कर्मचारी ही काम करते दिखाई देते हैं। पर्याप्त मशीनरी और संसाधनों के अभाव में कार्य लगातार पिछड़ रहा है।
सडक़ निर्माण कार्य भी प्रभावित, आधे हिस्से में सडक़, दूसरे में गड्ढे
मजे की बात ये भी है कि बिजली पोल समय पर नहीं हटने के कारण सडक़ निर्माण एजेंसी को कई स्थानों पर पोल छोडक़र सडक़ का निर्माण करना पड़ रहा है। इससे सडक़ का स्वरूप प्रभावित होने की प्रबल आशंका जताई जा रही है। नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द पोल नहीं हटाए गए तो भविष्य में सडक़ की गुणवत्ता और सुरक्षा दोनों पर सवाल खड़े होंगे।
बिजली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि ठेकेदार को कई बार परमिट उपलब्ध कराने के बावजूद कार्य अपेक्षित गति से नहीं हुआ है। इस संबंध में ठेकेदार को कई नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं। वहीं आम लोगों का कहना है कि विकास कार्यों की अव्यवस्था का खामियाजा जनता भुगत रही है। अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि जिम्मेदार विभाग कब सक्रिय होकर काम में तेजी लाते हैं और नागरिकों को राहत मिलती है।
इनका कहना….
ठेकेदार को 10 से अधिक बार कम्पनी परमिट दे चुकी है। नोटिस भी दिए गए है। मेरा दूसरे जोन में ट्रांसफर हो गया है।
सिद्धार्थ यदु, एई बैतूल




