Betul Ki Khabar: बैतूल में 120 से अधिक निवेशकों से 6 करोड़ की कथित ठगी

कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग का करोड़ों का खेल! चेक बाउंस होने पर खुली पोल, अब पीड़ितों को पुलिस से आस

Betul Ki Khabar: बैतूल। जिले में कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के नाम पर बड़े निवेश और मोटे मुनाफे का सपना दिखाकर करोड़ों की कथित ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित निवेशकों ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर आरोप लगाया है कि एक कंपनी और उससे जुड़े पदाधिकारियों ने केंचुआ खाद परियोजना में निवेश कराने के नाम पर करीब 120 से 130 लोगों से लगभग 6 करोड़ जुटाए।

शुरुआत में कुछ महीनों तक 8 प्रतिशत मासिक लाभ देकर भरोसा बनाया गया, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया गया। जिन लोगों को भुगतान के लिए चेक दिए गए, वे भी बैंक में लगाने पर बाउंस हो गए। अब पीड़ित अपने लाखों रुपए वापस मिलने की राह तक रहे हैं।

8 प्रतिशत मुनाफे के दिखाए गए सब्जबाग

शिकायत के अनुसार, पीड़ित उमेश सोनी ने बताया कि करनाल की स्पीट कांट्रेक्ट फार्मिंग कम्पनी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर योगेंद्र कादयान द्वारा, निवेशकों को ग्राम बडोरा स्थित धूनीवाले दादाजी मंदिर के पास संचालित परियोजना दिखाकर कंपनी की विश्वसनीयता का भरोसा दिलाया गया था। इसके बाद कंपनी के अधिकारियों ने अलग-अलग स्थानों पर बैठकें आयोजित कर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया।

दावा किया गया कि केंचुआ खाद तैयार कर कंपनी को उपलब्ध कराने पर निवेशकों को हर माह 8 प्रतिशत तक मुनाफा मिलेगा। झांसे में आकर लोगों ने लाखों निवेश कर दिए। कुछ समय तक अदायगी भी हुई, लेकिन बाद में यह क्रम अचानक बन्द हो गया।

लाखों के चैक एक झटके में हो गए बाउंस

पीड़ितों का आरोप है कि प्रारंभिक भुगतान के बाद कंपनी ने अचानक लाभ देना बंद कर दिया। कई निवेशकों को एक वर्ष बाद की तारीख वाले चेक दिए गए, लेकिन परिपक्व होने पर बैंक में प्रस्तुत किए जाने पर वे बाउंस हो गए। जब निवेशकों ने कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क किया तो उन्हें कथित रूप से नई कंपनी टेग मार्केटिंग में फिर से निवेश करने की सलाह दी गई और कहा गया कि तभी पुरानी राशि वापस मिल सकेगी।

पीड़ितों का कहना है कि कंपनी अब नए नाम से फिर लोगों को निवेश के लिए प्रलोभन दे रही है, जिससे और लोग ठगी का शिकार हो सकते हैं। शिकायतकर्ताओं ने एसपी से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और विश्वासघात सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की जाए।

साथ ही निवेशकों की फंसी हुई राशि ब्याज सहित वापस दिलाई जाए।इस मामले ने जिले में निवेश योजनाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित ठगी की वास्तविक राशि कितनी है और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।

पुलिस की अपील का नहीं हो रहा असर

इस समय बैतूल में एसपी वीरेेंद्र जैन एक सशक्त टीम के माध्यम से साइबर ठगी को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाए हुए हैं। साइबर विशेषज्ञ और निरीक्षक आबिद अंसारी के नेतृत्व में पुलिस विभाग इस तरह के मामले में बड़े खुलासे कर चुका है। इसकी प्रदेश स्तर पर भी सराहना हुई है।

पुलिस ऐसे मामलों में आम लोगों से लगातार अपील कर रही है, लेकिन लोगों पर इसका असर नहीं हो रहा है। देखने में आ रहा है कि ग्रामीण अंचलों में तथाकथित कंपनियों और राशि दोगुनी करने के लालच में लोग अपनी जमा पूंजी कंपनियों के हवाले कर रहे हैं।

जब कंपनी रफ्फूचक्कर हो जा रही या उन्हें दिए गए चेक बाउंस हो रहे हैं तब लोगों को साइबर ठगी का एहसास होता है, तब तक काफी देर चुकी होती है। एसपी वीरेंद्र जैन का मानना है कि ऐसे मामलों में लोगों को जागरूक होनो पड़ेगा। जरा भी संदेह होने पर संबंधित थाना क्षेत्र में शिकायत करें तो ठगी को रोकने के पुख्ता प्रयास किए जाते

हैं।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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