Betul News: अंतिम सफर में सहारा: एक वर्ष 825 शवों का नि:शुल्क परिवहन 

मानवता की मिसाल बना शव वाहन, गरीब परिवारों का बोझ हुआ कम

Betul News: बैतूल। किसी परिवार के लिए अपने प्रियजन को खोने का दुख सबसे बड़ा होता है। ऐसे कठिन समय में यदि शव को घर तक ले जाने की व्यवस्था भी चिंता का कारण बन जाए तो पीड़ा और बढ़ जाती है। बैतूल जिले में संचालित नि:शुल्क शव वाहन सेवा ऐसे ही जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत का माध्यम बनकर उभरी है।

पिछले एक वर्ष में इस सेवा के माध्यम से 825 शवों का नि:शुल्क परिवहन किया गया है, जिससे सैकड़ों गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को कठिन परिस्थितियों में सहारा मिला है।

जानकारी के अनुसार जिले में वर्तमान में दो नि:शुल्क शव वाहन संचालित किए जा रहे हैं। इन वाहनों के माध्यम से जिला अस्पताल एवं अन्य स्वास्थ्य संस्थानों से शवों को उनके घरों तक पहुंचाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इस सेवा का सबसे अधिक लाभ उन परिवारों को मिल रहा है जो आर्थिक तंगी के कारण निजी वाहन या एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं कर पाते।

पहले शव ले जाने में होती थी भारी परेशानी

कुछ वर्ष पहले तक जिले में कई ऐसे मामले सामने आते थे, जब आर्थिक अभाव के कारण परिजनों को शव ले जाने के लिए मोटरसाइकिल, बैलगाड़ी अथवा अन्य असुरक्षित साधनों का सहारा लेना पड़ता था। निजी एंबुलेंस संचालकों द्वारा वसूले जाने वाले शुल्क गरीब परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन जाते थे।

परिजन एक ओर अपनों को खोने के दुख से जूझते थे तो दूसरी ओर शव को घर तक पहुंचाने की चिंता उन्हें परेशान करती थी। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए शासन द्वारा निशुल्क शव वाहन सेवा प्रारंभ की गई। धीरे-धीरे यह सेवा जरूरतमंदों के लिए बड़ी राहत साबित होने लगी और आज यह जिले के सैकड़ों परिवारों के लिए संकट की घड़ी में सहारा बन चुकी है।

 अगस्त 2025 से जुलाई 2026 तक 825 शवों का परिवहन

आंकड़ों पर नजर डालें तो अगस्त 2025 से शुरू हुई इस सेवा के तहत पहले पांच माह में ही 366 शवों का परिवहन किया गया। अगस्त 2025 में 53, सितंबर में 77, अक्टूबर में 80, नवंबर में 78 तथा दिसंबर में 78 शवों को अस्पतालों से उनके घरों तक पहुंचाया गया।

वहीं वर्ष 2026 में भी सेवा लगातार जारी रही। जनवरी में 80, फरवरी में 77, मार्च में 53, अप्रैल में 74, मई में 77, जून में 70 तथा जुलाई माह में अब तक 28 शवों सहित कुल 459 शवों का परिवहन किया जा चुका है। इस प्रकार अगस्त 2025 से जुलाई 2026 तक कुल 825 शवों को निशुल्क उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया।

 मानवता की मिसाल बनी सेवा

स्वास्थ्य विभाग और संबंधित संस्थाओं के सहयोग से संचालित यह सेवा मानवता और संवेदनशीलता का उदाहरण बन गई है। कई परिवारों ने बताया कि यदि यह सुविधा उपलब्ध नहीं होती तो उन्हें शव ले जाने के लिए कर्ज लेना पड़ता या अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ता। सेवा से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि किसी भी परिवार को आर्थिक अभाव के कारण अपने परिजन के अंतिम सफर में परेशानी न उठानी पड़े, यही इस योजना का उद्देश्य है।

जरूरत पड़ने पर शव वाहन तत्काल उपलब्ध कराया जाता है ताकि परिजनों को अतिरिक्त तनाव का सामना न करना पड़े। जिले में संचालित निशुल्क शव वाहन सेवा आज उन परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है, जो आर्थिक तंगी के बावजूद अपने प्रियजनों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार करना चाहते हैं। पिछले एक वर्ष के आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि यह सेवा न केवल उपयोगी है बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के लिए एक बड़ी मानवीय पहल भी है।

इनका कहना….

अगस्त 2025 से शुरू हुए शव वाहन में अब तक कुल 825 शवों का परिवहन कर घरों तक पहुंचाने का काम किया है। जरूरत मंदों के लिए यह सेवा वरदान साबित हो रही है। 

शुभम धोटे, 108 जिला प्रभारी बैतूल

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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