Betul Samachar: लाखों का ड्रेनेज निर्माण फेल! सड़क पर बह रहा बारिश का पानी, नालियां खाली 

ठेकेदार पर नपा की यह कैसी मेहरबानी? तेज बारिश में बिगड़ेंगे हालात

Betul Samachar: बैतूल। शहर में विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं ताकि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें, लेकिन कई निर्माण कार्य शुरू होने के कुछ ही समय बाद सवालों के घेरे में आ जाते हैं। ऐसा ही एक मामला कोठीबाजार क्षेत्र में सामने आया है, जहां शिक्षा विभाग कार्यालय से लल्ली चौक तक लगभग 25 लाख रुपये की लागत से बनाए गए ड्रेनेज निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि ड्रेनेज का निर्माण स्वीकृत डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) और तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं किया गया, जिसके कारण बारिश का पानी नालियों में जाने के बजाय सड़क पर बह रहा है।

हाल ही में हुई बारिश के दौरान ड्रेनेज व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने आ गई। जिस ड्रेनेज को वर्षा जल निकासी के उद्देश्य से बनाया गया था, वह पानी को समाहित करने में विफल साबित हुआ। कई स्थानों पर पानी सड़क पर बहता दिखाई दिया, जबकि ड्रेनेज लगभग खाली पड़े रहे। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई है और निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

डीपीआर की अनदेखी के आरोप

स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया। आरोप है कि कई जगहों पर पानी की निकासी के लिए महज 4 इंच के पाइप लगाए गए हैं, जो भारी बारिश के दौरान पानी का दबाव संभालने में सक्षम नहीं हैं। इसके अलावा ड्रेनेज का लेवल भी कई स्थानों पर असमान बताया जा रहा है। कहीं नाली सड़क से ऊंची है तो कहीं उसका ढलान सही नहीं रखा गया है, जिससे पानी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो रहा है।

नागरिकों का कहना है कि यदि ड्रेनेज का निर्माण स्वीकृत डिजाइन और मानकों के अनुसार किया गया होता तो बारिश का पानी सीधे नालियों में जाता और सड़क पर जलभराव जैसी स्थिति नहीं बनती। लोगों का आरोप है कि निर्माण में जल्दबाजी और लापरवाही के कारण लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पा रहे हैं।

सड़क को भी हो सकता है नुकसान

बारिश का पानी लगातार सड़क पर बहने से सड़क की गुणवत्ता पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि लंबे समय तक पानी सड़क की सतह पर बहता या जमा रहता है तो डामर और आधार परत कमजोर होने लगती है, जिससे सड़क समय से पहले खराब हो सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अभी सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में सड़क मरम्मत पर भी अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा, जिसका बोझ अंतत: जनता के टैक्स से ही उठाया जाएगा।

निरीक्षण और भुगतान प्रक्रिया पर सवाल

मामले का सबसे गंभीर पहलू निर्माण कार्य के निरीक्षण और भुगतान से जुड़ा हुआ है। नागरिकों का आरोप है कि ड्रेनेज निर्माण में स्पष्ट खामियां होने के बावजूद नगर पालिका के इंजीनियरों और संबंधित अधिकारियों ने गुणवत्ता परीक्षण और तकनीकी निरीक्षण को गंभीरता से नहीं लिया। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य की समय-समय पर निगरानी की जाती तो ये कमियां पहले ही सामने आ जातीं।

स्थानीय लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि जब निर्माण कार्य में खामियां स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं तो ठेकेदार को लगभग 25 लाख रुपये का भुगतान किस आधार पर किया गया। इससे नगर पालिका अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के बीच मिलीभगत की आशंका भी व्यक्त की जा रही है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

क्षेत्रवासियों में नाराजगी

क्षेत्र के रहवासी इस पूरे मामले को सार्वजनिक धन की बर्बादी बता रहे हैं। उनका कहना है कि नागरिक नियमित रूप से विभिन्न प्रकार के कर और शुल्क नगर पालिका को अदा करते हैं, इसलिए विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्यों में लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में भी ऐसे मामले सामने आते रहेंगे।

जांच और कार्रवाई की मांग

नागरिकों ने पूरे मामले की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने, निर्माण कार्य की गुणवत्ता का परीक्षण कराने तथा दोषी पाए जाने पर ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि जांच केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि दोष तय कर जवाबदेही भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही ड्रेनेज की कमियों को दूर कर उसे तकनीकी मानकों के अनुरूप सुधारने की मांग भी की गई है।

अब यह देखना होगा कि नगर पालिका प्रशासन इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और जांच के बाद क्या कार्रवाई करता है।

इनका कहना

 ‘ड्रेनेज निर्माण यदि डीपीआर के मुताबिक नहीं हुआ है तो इसकी जांच कराई जाएगी। जांच में खामियां मिलने पर संबंधितों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी। ‘

नवनीत पांडेय, सीएमओ, नगर पालिका बैतूल

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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