Betul News: 8 हजार क्विंटल का सोयाबीन बीज या मिट्टी का सौदा?

बैतूल बाजार में किसानों को थमाई दी गई मिट्टी मिली बीज की बोरियां

Betul News: (सत्येंद्र सिंह परिहार) बैतूल।। जिले में किसानों के साथ कथित तौर पर बड़ी लापरवाही और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। मध्य प्रदेश बीज एवं फार्म विकास निगम के बैतूल बाजार केंद्र से खरीदे गए सोयाबीन के बीज की बोरियों में बड़ी मात्रा में मिट्टी मिलने की शिकायत किसानों ने की है।

किसानों का कहना है कि करीब 8 हजार रुपये प्रति क्विंटल की कीमत पर खरीदे गए बीज में प्रत्येक बोरी से लगभग 20 से 30 प्रतिशत तक मिट्टी निकल रही है। ऐसे में महंगे दाम चुकाने के बावजूद किसानों को शुद्ध बीज नहीं मिल पा रहा है।किसानों के साथ कि गई ये ठगी अब खुद किसानों के लिए मजबूरी बन गई है। फसल हुई तो ठीक नहीं तो किसानों को फसल से भी हाथ धोना पड़ सकता है।

 सैकड़ों किसानों ने खरीदा बीज, ठगी का लगाया आरोप

 प्राप्त जानकारी के अनुसार यह बीज धार जिले की मनावर तहसील से सप्लाई किया गया है। बोरियों पर प्रक्रिया प्रभारी, मध्य प्रदेश बीज एवं फार्म विकास निगम की सील भी लगी हुई है। बड़ी संख्या में किसानों ने अपनी जरूरत के अनुसार 30 और 40 किलो की बोरियां खरीदी हैं। किसानों की शिकायत है कि अधिकांश बोरियों में मिट्टी की मात्रा अधिक होने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसान अनिल वर्मा और प्रदीप सोनी का कहना है कि बीज की बोरियों में लगभग 20 से 30 प्रतिशत तक मिट्टी मिली हुई है।

इससे खेत में बोए जाने वाले बीज की वास्तविक मात्रा कम हो जाएगी, जिससे फसल का रकबा प्रभावित होगा। किसानों का आरोप है कि बीज सप्लाई करने वाली एजेंसी ने गुणवत्ता से समझौता कर उन्हें ठगने का काम किया है। बीज के साथ साथ उनसे मिट्टी का भी पैसा ले लिया गया है जो सीधे सीधे धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है।

बोवनी की मजबूरी, लेकिन फसल की कोई गारंटी नहीं

किसानों का कहना है कि मानसून की देरी के कारण इस बार बोवनी पहले ही लगभग एक माह लेट हो चुकी है आगामी फसल को लेकर किसान चिंतित हैं। अब उनके सामने सबसे बड़ी मजबूरी यह है कि उपलब्ध बीज से ही बुवाई करनी पड़ेगी। ऐसे में फसल अच्छी होगी या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं है। यदि अंकुरण प्रभावित हुआ तो किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ सकती है।

टैग पर 98Ó शुद्धता, जमीन पर अलग तस्वीर

किसानों को सब्जबाग दिखाकर मिट्टी युक्त बीज तो थमा दिया गया, लेकिन जिस तरह से टैग पर बीज की गुणवत्ता के कसीदे पढ़े गए हैं उससे मामला ज्यादा सन्देह के घेरे में नजर आ रहा है। दरअसल किसानों को जेजे-2098 किस्म का सोयाबीन बीज उपलब्ध कराया गया है, जिसकी परीक्षण तिथि 27 अप्रैल 2026 अंकित है। बीज की बोरी पर लगे टैग में 98 प्रतिशत शुद्धता और 75 प्रतिशत अंकुरण का दावा किया गया है। लेकिन किसानों का कहना है कि जब बोरी खोलने पर ही बड़ी मात्रा में मिट्टी निकल रही है, तो इन दावों पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।

यदि बीज भी घटिया निकला तो किसानों के नुकसान की भरपाई किस अधिकारी से कराई जाएगी प्रशासन को इसकी गारंटी देना चाहिए। किसानों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस मामले की जांच नहीं हुई तो सैकड़ों किसानों की मेहनत और लाखों रुपये दांव पर लग जाएंगे। अब सबकी निगाहें प्रशासन और बीज निगम पर टिकी हैं कि किसानों की शिकायतों पर क्या कार्रवाई होती है और उन्हें राहत कैसे मिलती है।

इनका कहना…

बीज बाहर से आया है। किसानों ने ग्रेडिंग में मिट्टी निकलने की शिकायत भी की है। कुछ किसानों से बोरियां वापस लेकर उच्च अधिकारियों को सूचित भी कर दिया गया है।

नंद किशोर सरले, प्रभारी, बीज विकास निगम केंद्र , बैतूल बाजार

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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