Betul Today News : भाजपा कार्यालय घेराव की जगह पुतला दहन तक सीमित रही युवक कांग्रेस
प्रदेश नेतृत्व के निर्देशों के बाद भी नहीं दिखी अपेक्षित सक्रियता, संगठन की ताकत पर उठे सवाल

Betul Today News : बैतूल (सांझवीर टाईम्स)। प्रदेश कांग्रेस द्वारा विभिन्न मुद्दों को लेकर भाजपा के खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन का आह्वान किया गया था। इसके तहत सोमवार को भाजपा कार्यालय घेराव और विरोध प्रदर्शन की जिम्मेदारी युवक कांग्रेस को सौंपी गई थी, लेकिन जिले में यह कार्यक्रम अपेक्षित स्तर पर नहीं पहुंच सका। भाजपा कार्यालय घेराव की चर्चा तो हुई, लेकिन कार्यक्रम अंतत: पुतला दहन तक ही सीमित रह गया।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस के अनुसांगिक संगठनों की जमीनी सक्रियता जिले में काफी कमजोर दिखाई दे रही है। युवक कांग्रेस, एनएसयूआई और महिला कांग्रेस जैसे संगठनों की उपस्थिति बड़े आंदोलनों और जनसरोकार के मुद्दों पर भी सीमित नजर आती है। कई बार आयोजित आंदोलनों में इन संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की अपेक्षित संख्या दिखाई नहीं देती, जबकि मुख्य कांग्रेस संगठन के पदाधिकारी ही कार्यक्रमों में प्रमुख रूप से मौजूद रहते हैं।
सूत्रों के अनुसार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाने थे। आंदोलन को लेकर जारी पत्र में जिला अध्यक्षों को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने, धरना देने और पुतला दहन जैसे कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि स्थानीय स्तर पर भाजपा कार्यालय घेराव की चर्चा अधिक रही, लेकिन कार्यकर्ताओं की सीमित संख्या के चलते कार्यक्रम का स्वरूप छोटा ही रहा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि कांग्रेस को आगामी चुनावी मुकाबलों में मजबूत स्थिति बनानी है तो उसे अपने अनुसांगिक संगठनों को सक्रिय और मजबूत करना होगा। वर्तमान स्थिति में युवक कांग्रेस, एनएसयूआई और महिला कांग्रेस जैसे संगठनों की जमीनी पकड़ को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
चर्चा का विषय बनी संगठनात्मक कमजोरी
भाजपा के खिलाफ बड़े आंदोलन की घोषणा के बावजूद सीमित उपस्थिति और प्रतीकात्मक विरोध ने कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे पर चर्चा तेज कर दी है। राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठाया जा रहा है कि यदि अनुसांगिक संगठन ही अपेक्षित संख्या में कार्यकर्ता नहीं जुटा पा रहे हैं, तो भविष्य में बड़े जनआंदोलनों को प्रभावी रूप से कैसे संचालित किया जाएगा।
हालांकि कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य जनता के मुद्दों को उठाना था और आगे भी विभिन्न विषयों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेंगे। वहीं विरोधी दल इसे कांग्रेस की संगठनात्मक कमजोरी के रूप में प्रचारित कर रहे हैं।




