Betul Samachar: न्यायालय की नाली के लिए 19.50 लाख की मांग पर उठा सवाल

जब नगर पालिका के अधिकार क्षेत्र में था काम, तो अनुदान की मांग क्यों? सीजेएम के पत्र ने खोली व्यवस्था की परतें

Betul Samachar: बैतूल। जिला न्यायालय परिसर में आरसीसी नाली निर्माण को लेकर सामने आए एक आधिकारिक पत्र ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बैतूल द्वारा नगर पालिका परिषद को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया है कि न्यायालय परिसर में आरसीसी नाली का निर्माण नगरपालिका के अधिकार क्षेत्र का कार्य है और इसे नगरपालिका अपनी मद से करवा सकती है। ऐसे में नाली निर्माण के लिए करीब 19 लाख 50 हजार रुपये के अनुदान की मांग किए जाने पर चर्चा तेज हो गई है।

दस्तावेज के अनुसार, नगर पालिका परिषद बैतूल ने 12 मई 2026 को एक पत्र भेजकर न्यायालय परिसर में आरसीसी नाली निर्माण के लिए 19.50 लाख रुपए की राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। इसके जवाब में 23 मई 2026 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने नगर पालिका को पत्र लिखकर बताया कि न्यायालय परिसर एक सार्वजनिक परिसर है और वहां नाली निर्माण कराना नगर पालिका के दायित्वों में शामिल है।

अनुदान राशि किस आधार पर की?

यहीं से सवाल उठने लगे हैं कि यदि यह कार्य नगर पालिका के नियमित दायित्व और अधिकार क्षेत्र में आता है, तो फिर इसके लिए अलग से अनुदान राशि की मांग किस आधार पर की गई? क्या नगर पालिका अपनी सामान्य विकास मद से यह कार्य नहीं करा सकती थी? यदि करा सकती थी, तो फिर लगभग बीस लाख रुपये के अतिरिक्त प्रावधान की जरूरत क्यों महसूस हुई?

स्थानीय स्तर पर इस पत्र को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। जानकारों का कहना है कि नगर पालिका क्षेत्र के सार्वजनिक स्थलों पर नालियों, सड़कों और अन्य बुनियादी सुविधाओं का निर्माण उसका नियमित दायित्व है। ऐसे में न्यायालय परिसर को लेकर अलग वित्तीय व्यवस्था की मांग प्रशासनिक समन्वय की कमी को भी दर्शाती है।

सीजेएम ने लिखा पत्र

पत्र में सीजेएम ने नगर पालिका से इस संबंध में आगामी कार्रवाई से अवगत कराने को भी कहा है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नगर पालिका इस मामले में क्या कदम उठाती है और क्या बिना अतिरिक्त अनुदान के न्यायालय परिसर में आरसीसी नाली निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा। फिलहाल एक साधारण नाली निर्माण का मामला सरकारी तंत्र की कार्यशैली और वित्तीय प्रक्रियाओं पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है, जिनके जवाब मिलने बाकी हैं।

इनका कहना….

न्यायालय परिसर में नाली बनाने के लिए पत्र आया था, चूंकि शासकीय भवनों का काम लोक निर्माण विभाग और पीआईयू करते हैं, इसलिए न्यायालय से ही बजट की मांग की गई है। हालांकि छोटे काम नपा कर देती है, लेकिन इसका बजट ज्यादा है, इसलिए राशि आवंटित करने के लिए पत्राचार किया था।

नगेंद्र वागद्रे, उपयंत्री, नपा बैतूल 

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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