Prashasnik Kona: प्रशासनिक कोना: आखिर पुराने साहब का फेयरवेल क्यों निरस्त हुआ?? राजस्व और पंचायत विभाग के गठजोड़ की क्यों हो रही??? हत्याकांड में जनप्रतिनिधि की नाराजगी के बाद कौन नपेगा???? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम प्रशासनिक कोना में……

पुराने साहब का फेयरवेल नहीं
शासकीय सेवा में वरिष्ठ अधिकारियों का फेयरवेल आम बात है। पिछले दिनों जिला प्रमुख का प्रशासकीय प्रक्रिया के तहत दूसरे जिले में तबादला हुआ। नए साहब की आमद होने के बाद प्रशासनिक स्तर पर पुराने साहब के लिए बड़ी फेयरवेल पार्टी की तैयारी की जा रही थी। चूंकि वे जिले में 2 वर्ष से अधिक रहे और उनकी कार्यप्रणाली भी बेहतर मानी जाती है। इस बीच अचानक फेयरवेल पार्टी रद्द कर दी गई।
चर्चा है कि 18 अप्रैल को पुराने जिला प्रमुख की फेयरवेल पार्टी की तैयारियों के बीच रद्द कर दिया गया। इसके पीछे कारण तलाशे से जा रहे हैं। चूंकि साहब के बगले का सामान यही पर रखा था, इसलिए उनके आने की संभावना थी, लेकिन परिजनों और कर्मचारियों के भरोसे सामान नई पदस्थापना स्थल भेज दिया गया। साहब के फेयरवेल में न आने के कारण प्रशासन अमले में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
अफसरों का यह कैसे गठजोड़
जिले के एक प्रमुख मुख्यालय में राजस्व विभागय के अधिकारी और पड़ोस की सीईओ के बीच करीबी इन दिनों सुर्खियां बटोर रही हैं। चर्चा है कि महिला सीईओ का मुख्यालय करीब 20 किमी दूर है, लेकिन वे काम के बहाने अक्सर साहब के कार्यालय और आवास पर आसानी से देखी जा सकती है। स्थानीय कर्मचारी पहले इसे महज इत्तेफाक समझे थे, लेकिन राजस्व और पंचायत विभाग का एक दूसरे से नाता दूर का है, इसी वजह चर्चाएं अब दोनों विभागों में जोर शोर से कानाफूसी कर सुनी जा रही है। बताते चले कि यह मुख्यालय जिले की आस्था का केंद्र माना जाता है।
जनप्रतिनिधि की नाराजगी का दिखेगा असर
मुख्यालय के एक थानाक्षेत्र में पिछले दिनों हुए चर्चित हत्याकांड में पुलिस ने गुत्थी तो सुलझाकर वाहवाही लूट ली, लेकिन इस मामले में मुख्य किरदार को लेकर जिस तरह दांव पेंच खेला गया। इससे जनप्रतिनिधि खासे नाराज बताए जा रहे हैं। चर्चा है कि स्थानीय और पावरफुल जनप्रतिनिधि ने बीते दिनों राजधानी में विभाग प्रमुख से मिलकर इस मामले में चर्चा की है।
इसके बाद मामले में बड़ी कार्रवाई के संकेत मिल रहे हैं। कहा जा रहा है कि एक अफसर और थानेदार पर किसी भी समय कार्रवाई की गाज गिर सकती है। वैसे ही दोनों ही अधिकारी पर कार्यप्रणाली पर पावरफुल जनप्रतिनिधि पहले नाराजगी जता चुके हैं।
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