Betul Ki Khabar: शाहपुर में निजी भूमि पर लगे सैकड़ों पेड़ों की कटाई पर बवाल

नियमों को ताक पर रख वन विभाग की कार्रवाई संदेह के घेरे में
Betul Ki Khabar: बैतूल। शाहपुर बस स्टैंड के पीछे निजी भूमि पर सैकड़ों हरे-भरे पेड़ों की कटाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लगभग 300 से 400 पेड़ों की कटाई भू-राजस्व संहिता की धारा 240 और 41 के अंतर्गत करवाई गई, लेकिन प्रक्रिया में नियमों के पालन को लेकर कई अनियमितताएं सामने आ रही हैं।
सूत्रों का दावा है कि इतने बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई से पहले विभाग द्वारा न तो विधिवत वृक्ष अधिकारी की नियुक्ति की गई और न ही पेड़ों का समुचित सत्यापन कराया गया। जबकि वन अधिनियम 2001 के तहत यह अनिवार्य है कि कटाई से पूर्व वृक्ष अधिकारी नियुक्त कर प्रत्येक पेड़ का निरीक्षण, प्रजाति का आकलन और संख्या का सत्यापन किया जाए।

इसके साथ ही एक पेड़ के बदले कम से कम पांच पौधे लगाने की बाध्यता भी तय की गई है। लेकिन यहां इन नियमों को दरकिनार करते हुए सीधे कटाई कर दी गई और बाद में ठूंठों व लकड़ियों पर हैमर (मुद्रांकन) भी कर दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया ने वन विभाग की भूमिका को संदेह के घेरे में ला दिया है।
हरियाली को बना दिया खुला मैदान , जवान पेड़ भी बलि का शिकार
स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों का आरोप है कि बिना पूरी वैधानिक प्रक्रिया अपनाए जल्दबाजी में पेड़ों की कटाई कर दी गई, जिससे न केवल नियमों का उल्लंघन हुआ बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर क्षति पहुंची है। गौरतलब है कि जिस स्थान पर कभी घनी हरियाली हुआ करती थी, वहां अब खुला मैदान नजर आ रहा है।
कटाई के दौरान छोटे और बढ़ते हुए युवा पेड़ों को भी नहीं बख्शा गया। जानकारी के मुताबिक 120 बाई 240 और 20 बाई 40 आकार की बल्लियों जैसे पेड़ों को भी काट दिया गया, जो भविष्य में बड़े वृक्ष बनकर पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते थे। साथ ही कई पक्षियों के बसेरे भी नष्ट हो गए हैं।
पर्यावरणविदों का कहना है कि बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन के इस दौर में इस तरह की अंधाधुंध कटाई बेहद चिंताजनक है। नियमों के मुताबिक एक निश्चित परिधि से कम आकार के पेड़ों की कटाई पर भी प्रतिबंध होता है, लेकिन यहां इन पहलुओं की अनदेखी किए जाने के आरोप लग रहे हैं। फिलहाल इस मामले ने तूल पकड़ लिया है और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी है।
यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होना तय माना जा रहा है। पर्यावरण से जुड़े इस गम्भीर मामले को लेकर मुख्य वन संरक्षक मधु वी राजू के सरकारी मोबाइल नम्बर 9424790300 और उत्तर वन मण्डल के डीएफओ नवीन गर्ग के सरकारी मोबाइल नम्बर 9424790301 पर सम्पर्क किया गया लेकिन दोनो ही अधिकारियों ने अपना पक्ष रखे जाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई।
इनका कहना….
निजी भूमि पर लगे पेड़ काटे गए हैं। व्रक्ष अधिकारी नियुक्त किये या नहीं इसकी जानकारी नहीं है, नियमों का अवलोकन किया जाएगा।
मोहन आरसे, परिक्षेत्र अधिकारी शाहपुर
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