Betul Politics : टिकट मिलने का कांफिडेंस इतना कि एक माह पहले शुरू कर दी थी तैयारी
Betul Politics: The confidence of getting the ticket was so much that preparations were started a month ago.

हेमंत का अपने आप पर काफी भरोसा, रणनीति से कर रहे काम
Betul Politics : (बैतूल)। भाजपा में पहली बार ऐसा हुआ है जब उम्मीदवारों की पांच सूची निकालने जाने के बावजूद प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार तय नहीं हुए है। इसके उलट बैतूल की सीट पर टिकट के प्रबल दावेदार हेमंत खंडेलवाल को इतना कांफिडेंस था कि एक माह पहले ही वे तैयारियों में जुट गए थे। उनकी तैयारियों का ही नतीजा है कि अब तक वे आधे से अधिक विधानसभा नाप चुके हैं। चौकाने वाली बात यह है कि कई दिग्गज नेता ऐसे थे जिन्हें अपनी टिकट पर भरोसा नहीं था।
जब तक भाजपा के केंद्रीय कार्यालय से सूची जारी नहीं हुई, तब तक भाजपा में किसे टिकट मिलेगी अंदाजा लगाना मुश्किल था। इन सब के बीच जिले के भाजपा राजनीति के मास्टर माइंड हेमंत खंडेलवाल अपनी टिकट को लेकर इतने आश्वस्थ थे कि विधानसभा लड़ने की सारी तैयारियोंं का खाका पहले ही तैयार किया जा चुका था। इसी वजह उन्हें भाजपा की राजनीति का चाणक्य कहा जाता है।
इस बार प्रदेश में चुनाव की कमान खुद गृहमंत्री अमित शाह ने संभाल रखी है। उनकी अगुवाई में दो केंद्रीय मंत्री अश्विन वैष्णव और भूपेंद्र यादव चुनाव की बागडोर संभाले हुए है। ऐसे में भाजपा में पूरे क्राइट एरिया तय कर टिकट वितरण किया जा रहा है। मंत्रियों से लेकर वर्तमान विधायकों को भी भरोसा नहीं था कि उन्हें टिकट मिलेगा, लेकिन अपने काम करने के अंदाज से पूरे प्रदेश में अलग पहचान बना चुके भाजपा के पूर्व सांसद-पूर्व विधायक हेमंत खंडेलवाल अपने टिकट के लिए काफी पहले ही आश्वस्त थे। यही वजह है कि एक माह पहले ही उन्होंने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी थी।
यह साहसिक कदम उन्होंने इतनी आसानी से नहीं उठाया था, बल्कि प्रदेश की भाजपा की राजनीति में एक अलग मुकाम हासिल करने के बाद बनाया है। यही वजह है कि एक माह पहले ही उन्होंने टिकट घोषित होने के पहले अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया था। टीम वर्ग से कार्यकर्ताओं की अलग-अलग टीम को मैदान में उतार दिया और खुद भी आधे से अधिक विधानसभा में लोगों से मेल-मुलाकात कर कदमताल कर चुके हैं।
सारी तैयारियों को दे दिया अंतिम रूप (Betul Politics)
उनको करीब से जाने वालों की माने तो टिकट घोषित होने के पहले ही बेफ्रिक नजर आ रहे खंडेलवाल ने चुनावी तैयारियों को काफी पहले ही अंतिम रूप दे दिया। कार्यकर्ताओं की एक सशक्त टीम को मैदान में उतारकर उन्हें पहले ही इशारा कर चुके खंडेलवाल को एक्टिव मोड पर ला खड़ा कर दिया। वैसे कहा जाता है कि भाजपा में बूथ तक कार्यकर्ताओं की टीम तैयार की जा चुकी है, लेकिन टिकट को लेकर मचे संशय के बीच जिस तरह मझे हुए राजनैतिक के चतुर खिलाड़ी ने चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप दिया इससे चुनावी जानकार भी हतप्रद है।
शायद ही कोई ऐसा राजनेता होगा जो टिकट घोषित होने के पहले इस तरह की तैयारियों को अलमी जामा पहनाए। ऐसे समय जब टिकट के कई क्राइट एरिया पार्टी में तय किए जा रहे थे। तब कोई आसानी नहीं से नहीं कह रहा था कि किसे टिकट हासिल होगी, लेकिन हेमंत ने शालीनता का परिचय देते हुए अपनी तैयारियां शुरू कर दी और शनिवार को जब भाजपा की पांचवीं सूची जारी हुई तो उनका नाम सूची में आना भाजपा की राजनीति में उन्हें परिपक्क राजनेता की ओर इशारा कर रहा है।
चर्चा में थे कई नाम, अंत तक सुर्खियां बने रहे (Betul Politics)
बैतूल विधानसभा हॉट हो चुकी थी। दरअसल यहां कांग्रेस से पहले ही वर्तमान विधायक निलय डागा का नाम तय था, लेकिन भाजपा में कई नेताओं के नाम सोशल मीडिया में सुर्खियां बटो रहे थे। कोई भी आसानी से नहीं कह रहा था कि किसी भाजपा उम्मीदवार बनाएगी।
इन नामों में पूर्व विधायक अलकेश आर्य, भारत भारतीय आवासीय विद्यालय के सचिव मोहन नागर, विहिप नेता प्रवीण गुगनानी, बैतूल नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष अतीत पवार, भाजपा जिला अध्यक्ष आदित्य शुक्ला, युवा नेता योगी खंडेलवाल के नाम गाहे-बगाहे चर्चा में थे। हालांकि इन नामों के बीच हेमंत का नाम सबसे आगे था। यह बात राजनीति में उनके घोर विरोध भी मानते हैं। आखिर वहीं हुआ सुर्खियों के बीच हेमंत का नाम तय होने पर विरोधियों का अनुमान भी सटीक बैठ गया।




