Betul News: वित्तीय वर्ष के अंतिम सम्मेलन में करों का बोझ बढ़ाने की तैयारी

शिवाजी ऑडिटोरियम की स्वसहायता समूह को आवंटित दुकानें होगी नीलाम, किदवई वार्ड से ट्रेचिंग ग्राउंड दूसरी जगह शिफ्ट करने पर भी बनेंगी सहमति

Betul News: बैतूल। आर्थिक तंगी से जूझ रही नगर पालिका परिषद एक बार फिर बड़े निर्माण कार्यों के प्रस्तावों को लेकर चर्चा में है। 30 मार्च को होने वाले विशेष सम्मेलन के लिए जारी 35 बिंदुओं के एजेंडा में एक ओर जहां करोड़ों रुपए के सड़क और नाली निर्माण कार्य शामिल हैं, वहीं दूसरी ओर आम जनता पर संपत्ति कर और अन्य करों का बोझ बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा गया है। ऐसे में परिषद की प्राथमिकताओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

एजेंडा के मुताबिक परिषद वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट पर चर्चा करेगी, लेकिन मौजूदा हालात यह हैं कि नगरपालिका को कर्मचारियों के वेतन भुगतान में भी देरी करनी पड़ रही है। इसके बावजूद शहर में लाखों रुपए के निर्माण कार्यों की स्वीकृति के प्रस्ताव रखे गए हैं। शहर के जवाहर, पटेल, किदवई, टैगोर, विवेकानंद, मोती, दुर्गा, अर्जुन और लोहिया वार्ड सहित कई क्षेत्रों में सीसी रोड, आरसीसी नाली और डामरीकरण सड़कों के निर्माण के लिए 45 लाख से लेकर 94 लाख रुपए तक के प्रस्ताव एजेंडा में शामिल हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब नगर पालिका की आर्थिक स्थिति कमजोर है तो इतने बड़े निर्माण कार्यों के लिए राशि की व्यवस्था कैसे की जाएगी।

स्वच्छता व्यवस्था से जुड़े कार्यों के लिए भी एक साल की निविदा स्वीकृति का प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें कचरा संग्रहण, वाहनों की मरम्मत, ईंधन, जीपीएस ट्रैकिंग और अन्य कार्य शामिल हैं। हालांकि पहले से चल रही व्यवस्थाओं की गुणवत्ता को लेकर भी समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं।कर्मचारियों के मुद्दे पर भी परिषद को निर्णय लेना है। 216 दैनिक वेतनभोगी और 116 मानदेय कर्मचारियों को अगले दो वित्तीय वर्षों तक निरंतर रखने का प्रस्ताव रखा गया है, लेकिन इन कर्मचारियों के नियमितीकरण या स्थायी समाधान को लेकर कोई स्पष्ट योजना सामने नहीं आई है।

समेकित कर बढ़ाने की भी तैयारी

एजेंडा में वित्तीय वर्ष 2026-27 में संपत्ति कर और समेकित कर बढ़ाने का प्रस्ताव भी शामिल है। इससे आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। ऐसे समय में जब लोग महंगाई से जूझ रहे हैं, कर वृद्धि का प्रस्ताव जनहित में कितना उचित है, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है। इसके अलावा ओपन ऑडिटोरियम की दुकानों का आवंटन स्व-सहायता समूहों से वापस लेकर नीलामी से देने का प्रस्ताव भी सवालों के घेरे में है। इससे छोटे समूहों की आजीविका प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

कुल मिलाकर परिषद की इस बैठक में विकास कार्यों के नाम पर बड़े खर्च और दूसरी तरफ आय बढ़ाने के लिए टैक्स वृद्धि जैसे प्रस्ताव यह संकेत दे रहे हैं कि नगरपालिका आर्थिक संतुलन बनाने के लिए जनता पर बोझ बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। अब देखना यह होगा कि परिषद इन प्रस्तावों पर क्या निर्णय लेती है और क्या शहर की मूलभूत समस्याओं को प्राथमिकता मिलती है ।

सड़कों पर भी करेंगे करोड़ों खर्च, स्वसहायता समूह की दुकानें होगी नीलाम

नगरपालिका वित्तीय वर्ष के अंतिम बजट में खस्ताहाल स्थिति के बावजूद कई वार्डों में डामरीकृत सड़क बनाने की तैयारी कर रही है। इनमें सभी वार्डों को प्राथमिकता देने का प्रयास किया गया है। इन सड़कों में विवेकानंद वार्ड, पटेल वार्ड, मोती वार्ड समेत अन्य वार्ड शामिल हैं। इसके अलावा कुछ वार्डों में सीसी सड़क का भी निर्माण कार्य किया जाने का प्रस्ताव तीस मार्च को होने वाले सम्मेलन में लिया जाएगा। इसके अलावा टे्रचिंग ग्राउंड को किदवई वार्ड से अन्य स्थान पर ले जाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए लोगों का जमकर विरोध हो रहा है। इधर सम्मेलन में ओपन आडिटोरियम की पूर्व में स्वसहायता समूह को आवंटित दुकाने निरस्त किए जाकर आम नीलामी करने का भी विषय शामिल किया गया है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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