Betul Samachar: आगजनी के तीन माह बाद भी जिला अस्पताल का फायर सिस्टम अधूरा

अस्पताल प्रशासन गंभीर नहीं, भविष्य में आग लगी तो बचने के लिए मच सकती है अफरा तफरी
Betul Samachar: बैतूल। जिला अस्पताल में आग लगने की घटना को तीन माह बीत चुके हैं, लेकिन अब तक अस्पताल का फायर सेफ्टी सिस्टम पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो पाया है। अधूरा पड़ा फायर सिस्टम अस्पताल प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर रहा है। ऐसे में यदि भविष्य में फिर से आगजनी जैसी कोई घटना होती है तो अस्पताल में भर्ती मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
गौरतलब है कि नवंबर 2025 में जिला अस्पताल के स्टोर रूम में अचानक भीषण आग लग गई थी। आग लगने से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई थी। उस समय सबसे चिंताजनक बात यह रही कि अस्पताल में लगा फायर सिस्टम काम ही नहीं कर रहा था। हालात को देखते हुए तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, जिसके बाद दमकल वाहन मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
गनीमत रही कि समय रहते आग बुझा ली गई, जिससे कोई बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद उम्मीद थी कि अस्पताल प्रशासन फायर सेफ्टी को लेकर गंभीरता दिखाएगा और जल्द से जल्द सिस्टम को दुरुस्त कराएगा, लेकिन तीन महीने गुजरने के बाद भी फायर सेफ्टी सिस्टम का काम अधूरा ही पड़ा हुआ है। इससे अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
लगना है आटोमेटिक सिस्टम
बताया जाता है कि जिला अस्पताल में आधुनिक फायर सेफ्टी व्यवस्था स्थापित करने के लिए ठेका दिया गया था। योजना के तहत अस्पताल में ऑटोमेटिक फायर सिस्टम लगाया जाना था, जिससे आग लगने की स्थिति में तुरंत अलार्म बजने के साथ ही पानी का छिड़काव शुरू हो सके। लेकिन ठेकेदार ने काम बीच में ही छोड़ दिया और आधा अधूरा काम अधूरा ही पड़ा हुआ है। अस्पताल परिसर में कई स्थानों पर पाइप लाइन और अन्य उपकरण लगाए तो गए हैं, लेकिन पूरा सिस्टम अभी तक चालू नहीं हो पाया है। ऐसे में




