Betul News: गली-मोहल्लों में बड़े जोश से उतरा था प्रशासन, अब ठंडा पड़ा अभियान

सकरी सड़कों पर अतिक्रमण जस का तस, आपात स्थिति में बड़े हादसे की संभावना
Betul News: बैतूल। करीब डेढ़ माह पहले शहर के गली-मोहल्लों में व्यवस्थाओं को सुधारने के उद्देश्य से जिला प्रशासन का अभियान बड़े जोर-शोर से शुरू हुआ था, लेकिन अब यह पहल ठंडे बस्ते में जाती दिखाई दे रही है। कोठीबाजार क्षेत्र के तिलक वार्ड, आजाद वार्ड और आर्यपुरा वार्ड में कलेक्टर, एसपी और एसडीएम सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने पैदल भ्रमण कर अंदरूनी गलियों की स्थिति का जायजा लिया था। उस समय अधिकारियों ने वार्डों की संकरी सड़कों और अतिक्रमण की गंभीर समस्या को खुद अपनी आंखों से देखा था।
निरीक्षण के दौरान चिन्हित किए थे अतिक्रमण
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया था कि कई गलियों में घरों की सीढ़ियां सड़क तक बनाई गई हैं, जिससे रास्ता संकरा हो गया है। इसके अलावा दोपहिया और चौपहिया वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग के कारण आवागमन में काफी परेशानी होती है। उस समय कलेक्टर ने मौके पर ही अतिक्रमण को चिन्हित कर संबंधित विभागों को इन्हें हटाने के निर्देश भी दिए थे। हालांकि निरीक्षण के बाद कार्रवाई की उम्मीदें जगी थीं, लेकिन अब तक स्थिति में कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिला है। कई जगहों पर अतिक्रमण पहले की तरह बना हुआ है और गलियां अभी भी संकरी और अव्यवस्थित नजर आ रही हैं।
आपातकालीन सेवाओं के लिए भी चुनौती
स्थानीय लोगों का कहना है कि गलियों में फैले अतिक्रमण के कारण आपातकालीन सेवाओं के लिए भी बड़ी चुनौती पैदा हो सकती है। यदि किसी घर में आग लग जाए या कोई गंभीर रूप से बीमार हो जाए, तो फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस का समय पर मौके तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है। नागरिकों के अनुसार, प्रशासनिक अमले के भ्रमण के बाद लोगों को उम्मीद थी कि जल्द ही अतिक्रमण हटाकर गलियों को व्यवस्थित किया जाएगा, जिससे आम नागरिकों को राहत मिलेगी। लेकिन समय बीतने के साथ यह उम्मीद भी फीकी पड़ती दिखाई दे रही है।
नागरिकों ने मांगी ठोस कार्रवाई
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को सिर्फ औपचारिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि तय समय सीमा में अतिक्रमण हटाने की ठोस कार्रवाई भी करनी चाहिए। उनका मानना है कि जब तक सख्ती से कार्रवाई नहीं होगी, तब तक शहर के गली-मोहल्लों में अतिक्रमण की समस्या खत्म होना मुश्किल है। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जिस उद्देश्य से अभियान की शुरुआत की गई थी, उसे जल्द पूरा किया जाए, ताकि लोगों को रोजाना होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके और शहर की अंदरूनी सड़कों पर सुगम आवागमन सुनिश्चित हो सके।
विधायक के निर्देश भी किए नजरअंदाज
दरअसल जिले और अपनी विधान सभा के लोगो की सुविधा पर पैनी नजर रखने वाले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमन्त खण्डेलवाल ने इस सम्बंध में सख्त निर्देश जारी किए थे लेकिन उनके निर्देश पर मात्र 1 दिन का दिखावा ही हुआ बस। फिर न तो कलेक्टर, एसपी और न राजस्व, नपा की टीम ने गली,मोहल्लों में झांकने की कोशिश की। नतीजा यह हुआ कि अतिक्रमण करने वाले बेफिक्र हो गए। गली- गली में मकान बनाने का मटेरियल पड़ा है और रास्ते बंद होने से भी आवागमन अलग प्रभावित हो रहा। वाद विवाद की स्थिति अलग निर्मित हो रही हैं।




