Betul Ki Khabar: जेएच कॉलेज में भंडार क्रय नियमों का खुला उल्लंघन!

लाखों की स्टेशनरी खरीदी पर उठे सवाल, एक ही सप्लायर को लाभ पहुंचाने के आरोप

Betul Ki Khabar: बैतूल। पीएम श्री जेएच कॉलेज में अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थियों के लिए खरीदी गई लाखों रुपये की स्टेशनरी सामग्री को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि निविदा, क्रय एवं गुणवत्ता समिति ने मध्यप्रदेश भंडार क्रय तथा सेवा उपार्जन नियम-2015 (संशोधित 2022) को दरकिनार करते हुए लगभग 20 से 25 लाख रुपये की स्टेशनरी सामग्री की खरीदी कर ली। इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरते जाने और एक ही सप्लायर को लाभ पहुंचाने की आशंका जताई जा रही है।

एक ही सप्लायर को कैसे मिला सप्लाई ऑर्डर?

सूत्रों के अनुसार अन्य संभावित सप्लायरों को नजरअंदाज करते हुए केवल भगवान बुक डिपो को सप्लाई ऑर्डर जारी किया गया। सवाल यह उठ रहा है कि खुली प्रतिस्पर्धा के बजाय एक ही सप्लायर को प्राथमिकता क्यों दी गई? यदि निविदा प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायतें सामने आई थीं तो टेंडर निरस्त कर पुन: आमंत्रित क्यों नहीं किया गया? इस मुद्दे पर कॉलेज प्रबंधन की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।

नियमों की अनदेखी या मिलीभगत?

भंडार क्रय नियमों के तहत 2.50 लाख से अधिक की खरीदी जेम पोर्टल या एमपी टेंडर पोर्टल के माध्यम से विधिवत निविदा प्रक्रिया अपनाकर की जानी अनिवार्य है। साथ ही दरों की युक्तियुक्तता प्रमाणित करना भी आवश्यक है। बावजूद इसके लगभग 20-25 लाख की खरीदी कथित रूप से नियमों की अनदेखी कर की गई। इससे समिति में शामिल संयोजक, सदस्यों और संबंधित सप्लायर की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।

घटिया सामग्री पर भी नहीं हुई कार्रवाई

आरोप यह भी हैं कि खरीदी गई सामग्री की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। इसके बावजूद न तो सप्लायर को ब्लैकलिस्ट किया और न ही किसी प्रकार की जांच प्रारंभ की गई। यदि सामग्री मानक अनुरूप नहीं है, तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई होना स्वाभाविक था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम सामने नहीं आया है।

जांच की मांग तेज

मामले को लेकर शिकायत किए जाने की बात भी सामने आ रही है। जानकारों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच हो जाए तो पूरी प्रक्रिया में हुई अनियमितताएं उजागर हो सकती हैं। लाखों के इस कथित घपले की पारदर्शी जांच कर आवश्यक हो तो संपूर्ण टेंडर निरस्त कर नियमानुसार पुन: प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। अब देखना यह है कि प्रबंधन और संबंधित विभाग इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाते हैं, या फिर यह मामला भी अन्य विवादों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।

इनका कहना…

 अभी ऑन लाइन मीटिंग चल रही है। इस संबंध में यदि कोई शिकायत होती है तो पूरे मामले की जांच करवा ली जाएगी।

डॉ मीनाक्षी चौबे , प्राचार्य जेएच कॉलेज बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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