Betul Ki Khabar: घटिया स्टेशनरी की अदला-बदली, जेएच कॉलेज में पहुंची उत्कृष्ट सामग्री

प्राचार्य के निरीक्षण में खुली गुणवत्ता की पोल, सप्लायर को लौटानी पड़ी सामग्री

टेंडर प्रक्रिया पर उठे सवाल, भंडार क्रय नियमों की अनदेखी का आरोप

Betul Ki Khabar: बैतूल। जिले के सबसे बड़े पीएम श्री जेएच कॉलेज में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को वितरित की जाने वाली स्टेशनरी सामग्री में गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद बड़ा घटनाक्रम हुआ है। सांझवीर टाईम्स द्वारा प्रमुखता से खबर प्रकाशित किए जाने के बाद कॉलेज प्रशासन हरकत में आया और घटिया सामग्री को बदलने की कार्रवाई की गई।

अब लाइब्रेरी में शर्तों के अनुरूप उत्कृष्ट गुणवत्ता की स्टेशनरी पहुंचा दी गई है, लेकिन इस खरीदी में सबसे बड़ा झोल यह बताया जा रहा है कि खरीदी में भंडार क्रय नियमों को ताक पर रखा गया है। लगभग 20 लाख रुपए की स्टेशनरी की खरीदी जहां एमपी ई टेंडर, या जेम पोर्टल के माध्यम से होना था। वही खरीदी खुली निविदा के आधार पर निपटा दी गई। यह प्रक्रिया सप्लायर और क्रय समिति के बीच गहरी सांठगांठ की तरफ इशारा कर रही है। जिसकी शिकायत कर जांच की मांग की जा रही है।

प्राचार्य की जांच में खुली घटिया सामग्री की पोल

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला सामने आने के बाद प्राचार्य डॉ. मीनाक्षी चौबे ने स्वयं स्टेशनरी सामग्री का निरीक्षण किया था। जांच में पाया गया कि सप्लाई की गई सामग्री निर्धारित शर्तों और गुणवत्ता मानकों के विपरीत थी। इसके बाद संबंधित सप्लायर भगवान बुक डिपो को पूरी खेप वापस लेने के निर्देश दिए। मंगलवार को तय मापदंडों के अनुरूप नई स्टेशनरी सामग्री कॉलेज लाइब्रेरी में पहुंचाई गई है। बताया जा रहा है कि समय रहते यह खेल अगर उजागर नहीं होता तो घटिया सामग्री बड़े आराम से खपाने या वितरित किए जाने की भी पूरी तैयारी कर ली गई थी।

खुली निविदा की प्रक्रिया शक के दायरे में

 सूत्र बताते हैं कि,सामग्री बदलने की कार्रवाई के बाद अब भी कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि नियम के मुताबिक लाखों की इस खरीदी में मध्यप्रदेश ई-टेंडर और जेम पोर्टल की प्रक्रिया को दरकिनार कर खुली निविदा आमंत्रित की गई। जबकि नियमानुसार ऐसा नहीं किया जाना चाहिए था।

खुली निविदा में भी जिन सप्लायरों ने टेंडर अप्लाई किया था उन सभी के सामने निविदाएं खोली जानी थी लेकिन ऐसे नहीं करते हुए बन्द कमरे में निविदाएं खोलकर भगवान बुक डिपो को सप्लाई का ऑर्डर जारी कर दिया गया जो शक की गुंजाइश निर्मित कर रहा है। आरोप है कि भंडार क्रय नियमों की अनदेखी करते पूरी प्रक्रिया को जल्दबाजी में अंजाम दिया गया। निविदा, क्रय एवं गुणवत्ता क्रय समिति की भूमिका भी संदेह के घेरे में बताई जा रही है।

परीक्षाएं शुरू, अब किस काम की स्टेशनरी

प्राप्त जानकारी के अनुसार कॉलेज में लगभग 6000 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिन्हें शासन की ओर से प्रतिवर्ष मुफ्त स्टेशनरी उपलब्ध कराने का प्रावधान है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि पूरा शैक्षणिक सत्र बीत जाने के बाद भी विद्यार्थियों को समय पर स्टेशनरी उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। अब जब परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं तब कॉलेज प्रशासन द्वारा सामग्री की आपूर्ति ली जा रही है।

चर्चा है कि यदि समय रहते गुणवत्ता की जांच नहीं होती, तो घटिया सामग्री ही विद्यार्थियों में वितरित कर दी जाती। ऐसे में मांग उठ रही है कि पूरी टेंडर प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए, संदिग्ध समिति सदस्यों की जवाबदेही तय की जाए और आवश्यकता होने पर टेंडर निरस्त कर पुन: पारदर्शी प्रक्रिया से निविदा आमंत्रित की जाए। फिलहाल मामला शांत तो हुआ है, लेकिन पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर प्रश्नचिह्न अभी भी बरकरार हैं।

इनका कहना…..

जांच में स्टेशनरी गुणवत्ता पूर्ण नहीं पाई गई थी। लिहाजा सप्लायर को स्टेशनरी वापस कर तय मानकों की स्टेशनरी बुलवा ली गई है। इसका वितरण कराया जाएगा।

डॉ. मीनाक्षी चौबे, प्राचार्य जेएच कालेज, बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

Related Articles

Back to top button