Betul Samachar: बैतूल में बड़े प्रशासनिक फेरबदल की आहट, कई नामों की सूची बनकर तैयार

विकास कार्यों में खेल, कानून व्यवस्था ढीली सख्त कार्रवाई के संकेत
Betul Samachar: बैतूल। जिले में इन दिनों प्रशासनिक गलियारों में जबरदस्त हलचल है। संकेत साफ हैं कि जल्द ही बड़ी प्रशासनिक सर्जरी हो सकती है और कई अफसरों की कुर्सी हिलना तय माना जा रहा है। विकास कार्यों में लगातार मिल रही शिकायतों, घटिया निर्माण और बिगड़ती कानून व्यवस्था ने हालात को गंभीर बना दिया है।
सूत्रों के अनुसार बैतूल विधायक और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमन्त खंडेलवाल तक निर्माण कार्यों में भारी लापरवाही और मनमानी की शिकायतें पहुंची हैं। हाल ही में पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने भी सख्त कार्रवाई के संकेत दिए, जिसके बाद से अफसरों में बेचैनी साफ देखी जा रही है।
ड्रीम प्रोजेक्ट में भी लापरवाही, मॉनिटरिंग तक नहीं
सबसे ज्यादा सवाल निर्माण कार्य करने वाले विभागों पर उठ रहे हैं। लोक निर्माण विभाग, नगर पालिका परिषद और अन्य एजेंसियों द्वारा कराए जा रहे कई कार्यों में लापरवाही और गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग हैं। बताया जा रहा है कि विधायक के ड्रीम प्रोजेक्ट तक में अफसर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं । हालात यह हैं कि कई जगह निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग तक नहीं हो रही। घटिया सामग्री, अधूरे काम और समयसीमा की अनदेखी आम बात बन गई है। जनता सड़कों, नालियों और बुनियादी सुविधाओं की बदहाली से परेशान है, लेकिन जिम्मेदार अफसरों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
बिगड़ती कानून व्यवस्था ने बढ़ाई चिंता
दूसरी ओर जिले में बढ़ती आपराधिक घटनाओं ने प्रशासन की कार्यक्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार सामने आ रही वारदातों से आम नागरिकों में भय का माहौल है। चर्चाएं हैं कि संभावित सर्जरी की जद में पुलिस विभाग भी आ सकता है। जनता का साफ कहना है कि यदि लापरवाह और निष्क्रिय अधिकारियों को हटाया जाता है तो यह जिले के हित में होगा। लोगों का मानना है कि कुछ अफसरों की कार्यशैली ने प्रशासन की छवि को नुकसान पहुंचाया है।
व्यस्तता का फायदा उठा रहे अधिकारी?
शहर में यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद विधायक की बढ़ती जिम्मेदारियों का फायदा अधिकारी उठा रहे हैं। परिणामस्वरूप विकास कार्यों की रफ्तार और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो रही हैं। इसका सीधा असर नसम नागरिक झेल रहा है। अब संकेत मिल रहे हैं कि शीर्ष स्तर पर रिपोर्ट तलब की जा रही है और जवाबदेही तय करने की तैयारी है। यदि प्रशासनिक सर्जरी होती है तो यह जिले में बड़ा संदेश होगा कि लापरवाही और मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिलहाल कई अफसरों की धड़कनें तेज हैं और पूरे जिले की नजर संभावित कार्रवाई पर टिकी है।
विधायकों से भी मांगे अधिकारियों के नाम
इधर राजनैतिक और प्रशासनिक हल्के में चर्चा है कि जिला मुख्यालय के अलावा तहसीलों में बेलगाम हो चुके कई अधिकारियों की जिले से रवानगी होना तय माना जा रहा है। विधायकों की भी कुछ अधिकारियों को लेकर भी नाराजगी सामने आई है।
सूत्र बताते हैं कि इसे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इसे गंभीरता से लिया है और ऐसे अधिकारियों की सूची मांगी है। इसके बाद संभावना अधिक दिखाई दे रही है कि बैतूल के प्रमुख अधिकारियों के अलावा कुछ तहसीलों से भी अधिकारियों की जिले से रवानगी होना तय मानी जा रही है। विधानसभा सत्र खत्म होते ही अगले सप्ताह तक तबादला सूची जारी होने पर जिले से एक दर्जन से अधिक प्रमुख अधिकारियों की रवानगी तय मानी जा रही है।




