Betul Cyber Crime: बैतूल में साइबर अपराधों का विस्फोट: 24 घंटे में 11 मामले, 17 ई-ज़ीरो एफआईआर दर्ज

पुलिस विभाग में मचा हड़कंप, मामलों की जांच शुरू
Betul Cyber Crime: बैतूल। जिले में साइबर अपराधों ने अचानक रफ्तार पकड़ ली है। महज 24 घंटे के भीतर 11 नए साइबर ठगी के मामले सामने आने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। बढ़ते मामलों ने यह साफ कर दिया है कि साइबर ठग अब ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों को निशाना बना रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल 17 ई-ज़ीरो एफआईआर दर्ज कर संबंधित थाना क्षेत्रों को जांच के लिए अग्रेषित किया है।
पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में साइबर अपराधों के खिलाफ विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्राप्त शिकायतों पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने और समय रहते ठगी गई रकम होल्ड कराने के निर्देश सभी थाना प्रभारियों को दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि समय पर सूचना मिलने से पीड़ितों की राशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। उल्लेखनीय है कि पुलिस ने जिले में ठगी मामलों का भंडाफोड़ किया है। कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के बाद भी मामले कम नही हो रहे है।
ठगी के चौंकाने वाले तरीके आए सामने
जिले में सामने आए मामलों में साइबर ठगों ने अलग-अलग हथकंडे अपनाए। कई लोगों को केवाईसी या बैंक खाता अपडेट के नाम पर कॉल कर ओटीपी और बैंक डिटेल ली गई और खाते से रकम उड़ा ली गई। कुछ मामलों में पीड़ितों को एपीके फाइल या रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड करवाकर सीधे उनके बैंक खाते खाली कर दिए गए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ‘लाइक एंड रिव्यू’ टास्क देकर निवेश का झांसा देना, व्हाट्सएप शेयर ट्रेडिंग ग्रुप बनाकर हाई रिटर्न का लालच देना, बिजली कनेक्शन काटने की धमकी देकर तत्काल भुगतान करवाना जैसे तरीके भी सामने आए हैं। ओलेग्स पर सामान खरीदने-बेचने के दौरान क्यूआर कोड स्कैन करवाकर रकम डेबिट करने और फर्जी कस्टमर केयर कॉल के जरिए बैंक जानकारी हासिल करने के मामले भी दर्ज हुए हैं। इतना ही नहीं, लॉटरी और इनाम योजना के नाम पर प्रोसेसिंग फीस मांगकर भी लोगों को ठगा गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
ई-ज़ीरो एफआईआर प्रणाली के माध्यम से 17 प्रकरण दर्ज कर संबंधित थाना क्षेत्रों को भेजे गए हैं, ताकि क्षेत्राधिकार की बाधा के बिना तत्काल जांच शुरू की जा सके। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधों में शुरुआती घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि पीड़ित तुरंत शिकायत करता है तो बैंकिंग चैनल के जरिए ट्रांजेक्शन होल्ड कराई जा सकती है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी ने कहा कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं। आमजन को किसी भी प्रकार के लालच, धमकी या दबाव में आकर अपनी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक पर तुरंत सतर्क हो जाएं।
आमजन के लिए जरूरी सावधानियां
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ओटीपी, सीवीवी, एटीएम पिन या बैंक विवरण किसी से साझा न करें। अज्ञात लिंक या एपीके फाइल डाउनलोड करने से बचें और किसी भी अनजान व्यक्ति को स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस की अनुमति न दें। किसी भी निवेश से पहले संबंधित कंपनी या ऐप की वैधता अवश्य जांचें। यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। जिले में लगातार बढ़ते साइबर अपराधों ने यह संकेत दे दिया है कि अब अपराधी डिजिटल माध्यम को सबसे आसान हथियार बना चुके हैं। ऐसे में पुलिस की सख्ती के साथ-साथ जनता की सतर्कता ही इस साइबर जाल से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।




