Betul Samachar: अब भौरा रेंज के कुप्पा 4 में मशीनों से भरवाएं जा रहे सागौन के लट्ठे!

क्या,पीसीसीएफ के निर्देशों की सरेआम उड़ाई जा रही धज्जियां

Betul Samachar: बैतूल। नीलामी के लिए जंगलों से भारी भरकम मशीनों के जरिये सागौन लठ्ठों को बिना अनुमति ट्रकों में लोड करना लगातार जारी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तीन दिन पूर्व ही शाहपुर रेंज के कूप क्रमांक 5 लोनिया में यह नजारा आम हो चुका है, यहां खुद रेंजर आर बी कुमरे ने माना कि मशीनों के जंगल मे प्रवेश की अनुमति नहीं ली गई थी। अब यही कृत्य भौरा रेंज के कुप्पा बीट क्रमांक-4 में किया जा रहा है,जिससे सागौन परिवहन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

सूत्रों ने बताया कि यहां मशीनों के माध्यम से सागौन के भारी-भरकम लट्ठों को ट्रकों में भरवाए जाने का मामला आज रविवार सामने आया है, जो सीधे-सीधे प्रधान मुख्य वन संरक्षक द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की अवहेलना को दर्शाता है। जानकारों का कहना है कि, विभागीय नियमों के अनुसार वनों से निकाले गए कीमती सागौन लठ्ठों की लोडिंग-अनलोडिंग पूरी तरह श्रमिकों के माध्यम से की जानी चाहिए, ताकि वन संपदा को नुकसान न पहुंचे और अनियमितताओं की गुंजाइश न रहे।

मशीनों का धड़ल्ले से हो रहा उपयोग

स्थानीय सूत्रों के अनुसार कुप्पा-4 क्षेत्र में हाइड्रा जैसी भारी मशीनों का उपयोग कर सागौन के लठ्ठों को ट्रकों में लोड किया जा रहा है। मशीनों के प्रयोग से जहां आसपास की वनभूमि को नुकसान पहुंच रहा है, वहीं यह आशंका भी है कि इसकी विधिवत अनुमति ली गई है या नहीं।सम्भावना यह भी है कि, निर्धारित माप-तौल और रिकॉर्ड से अधिक लकड़ी का परिवहन तो नहीं किया जा रहा हो।

ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस पूरे घटनाक्रम पर आपत्ति जताते हुए इसे नियमों का खुला उल्लंघन बताया है। वन विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा पूर्व में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि सागौन जैसी बहुमूल्य प्रजाति के परिवहन में पूरी पारदर्शिता बरती जाए। मशीनों के उपयोग पर रोक का उद्देश्य यही था कि जंगलों और वन्य प्राणियों को किसी तरह का नुकसान ना पहुंचे। लेकिन यहां जो तस्वीर सामने आ रही है, वह इन निर्देशों के खिलाफ नजर आ रही है।

वन संरक्षक ने रेंजर से जानकारी की तलब

 मामला सामने आने के बाद मुख्य वन संरक्षक मधु वी राजू ने इस पर तत्काल संज्ञान लिया है। बताया जा रहा है कि संबंधित रेंज अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की गई है और यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि मशीनों का उपयोग किन परिस्थितियों में किया गया। यदि जांच में पीसीसीएफ के निर्देशों की अनदेखी और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।

इधर डीएफओ उत्पादन विजेंद्र खोब्रागडे का कहना है कि, इस सम्बंध में जानकारी ली जा रही है, की टेंडर में मशीनों से लोडिंग अनलोडिंग का उल्लेख है या नहीं, जानकारों का कहना है कि यदि उच्चस्तरीय निर्देशों का पालन जमीनी स्तर पर नहीं होगा, तो वनों की सुरक्षा और संरक्षण केवल कागजों तक सीमित रह जाएगा। अब सभी की नजर सीसीएफ की जांच और उस पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है, जिससे यह तय हो सके कि नियमों से ऊपर कोई नहीं है।

इनका कहना…..

यह मामला मेरे संज्ञान में आया है। भारी लठ्ठों को लोड करने के लिए मशीन का उपयोग किया जा सकता है, इसकी अनुमति ली गई या नहीं। अधिकारियों से जानकारी लेने के बाद ही कुछ बता पाएंगे।

मधु वी राजू, मुख्य वन संरक्षक वनवृत बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

Related Articles

Back to top button