Betul Hospital News: जिला अस्पताल की पैथालॉजी में बड़ी चूक, ब्लड सैंपल हो रहे खराब

मरीजों को दोबारा देना पड़ रहा सैंपल, दूर-दराज के लोग सबसे ज्यादा परेशान
Betul Hospital News: बैतूल। जिला अस्पताल की पैथॉलॉजी में कर्मचारियों की लापरवाही के चलते इन दिनों मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ब्लड सैंपल लेने, उन्हें सुरक्षित रखने और समय पर जांच प्रक्रिया पूरी करने में तय मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। इसका नतीजा यह हो रहा है कि कई मरीजों के सैंपल खराब हो जा रहे हैं और उन्हें मजबूरन दोबारा सैंपल देना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में रोजाना सैकड़ों प्रकार की जांचें की जाती हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज खून की जांच कराने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन कर्मचारियों की लापरवाही के कारण आए दिन शिकायतें सामने आ रही हैं।
कई मरीजों का कहना है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत सैंपल देते हैं, इसके बावजूद जब रिपोर्ट लेने पहुंचते हैं तो उन्हें बताया जाता है कि उनका सैंपल खराब हो गया है और दोबारा सैंपल देना होगा। स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब मरीजों को बिना किसी पूर्व सूचना के दोबारा बुलाया जाता है। कई बार मरीज घंटों लाइन में लगकर सैंपल देते हैं, फिर कई दिनों तक रिपोर्ट का इंतजार करते रहते हैं। इसके बाद जब रिपोर्ट नहीं मिलती और कारण पूछा जाता है तो कर्मचारियों द्वारा सैंपल खराब होने की बात कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया जाता है।
दूर-दराज के मरीजों को हो रही ज्यादा परेशानी
इस अव्यवस्था का सबसे ज्यादा असर दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों पर पड़ रहा है। ऐसे कई मरीज हैं जिनकी जांच रिपोर्ट 4 से 5 दिन या फिर एक सप्ताह बाद मिलती है। मरीज सैंपल देने के बाद अपने गांव लौट जाते हैं, लेकिन जब तय तारीख पर रिपोर्ट लेने पहुंचते हैं तो उन्हें दोबारा सैंपल देने के लिए कहा जाता है। कई मामलों में मरीज स्वयं नहीं आ पाते और अपने परिजनों को रिपोर्ट लाने भेजते हैं। ऐसे में जब परिजनों को बताया जाता है कि सैंपल खराब हो गया है, तो मरीज को फिर से अस्पताल बुलाना पड़ता है। इससे न सिर्फ मरीजों का समय और पैसा बर्बाद होता है, बल्कि उनकी शारीरिक और मानसिक परेशानी भी बढ़ जाती है।
इलाज में हो रही देरी
समय पर जांच रिपोर्ट नहीं मिलने से मरीजों का इलाज भी प्रभावित हो रहा है। डॉक्टर साफ तौर पर कहते हैं कि जब तक जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं होगी, तब तक बीमारी का सही उपचार शुरू करना संभव नहीं है। कई गंभीर बीमारियों में इलाज में देरी मरीज की हालत को और बिगाड़ सकती है, लेकिन पैथोलॉजी की लापरवाही के कारण मरीजों को अनावश्यक रूप से इंतजार करना पड़ रहा है।
मरीजों का कहना है कि यदि सैंपल लेने और सुरक्षित रखने की प्रक्रिया में सावधानी बरती जाए और जांच कार्य समय पर पूरा किया जाए तो इस तरह की समस्या से बचा जा सकता है। वहीं अस्पताल प्रबंधन की ओर से अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई या स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. जगदीश घोरे से उनके मोबाईल नम्बर 9425636311 पर संपर्क किया, लेकिन चर्चा नहीं हो सकी।




