Betul Ki Khabar : जिले में बढ़ेगा सिंचाई का रकबा, नई सिंचाई परियोजनाओं की मंजूरी की तैयारी

भाजपा अध्यक्ष हेमंत के साथ जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट और पांचों विधायकों की मैराथन बैठक
Betul Ki Khabar : बैतूल। यदि सबकुछ ठीकठाक रहा तो जिले की पांचों विधानसभा में शीघ्र ही बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी मिल सकती है। इतना ही नहीं पुराने जलाशय और योजना की मरम्मत और लाइनिंग कार्य में तेजी आ सकती है। यह सब कवायद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल की सक्रियता से संभव होगा। दरअसल मंगलवार को खंडेलवाल ने जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट के साथ जिले के पांचों विधायक महेंद्र सिंह चौहान, चंद्रशेखर देशमुख, डॉ योगेश पंडाग्रे, गंगा उइके को लेकर मैराथन बैठक की। इसके सकारात्मक परिणाम कुछ दिनों में देखने को मिल सकते हैं। चूंकि जलसंसाधन विभाग के तमाम बड़े अधिकारी मौजूद थे, इसलिए जिले की कई सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी मिलने की संभावना दिखाई दे रही है।
अपनी दूरदर्शी सोच और जिले के विकास के लिए हमेशा अग्रसर रहने वाले बैतूल विधायक और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की वजह से कई सौगातें पूर्व में मिल चुकी है। वे भूमिपूजन और अन्य कार्यक्रमों में सार्वजनिक रूप से दोहराते हैं कि सिंचाई, सड़कों और स्वास्थ्य के मामले में जिले को प्रदेश में अव्वल स्थान पर लाना है। इसे लेकर वे खाका तैयार करने के बाद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से चर्चा करना नहीं भूलते। इस समय जब विधानसभा का पांच दिवसीय सत्र चल रहा है।
ऐसे में मंगलवार को केबिनेट की बैठक के बाद खंडेलवाल ने जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट से चर्चा कर पांचों विधायकों और विभागीय अधिकारियों की बैठक आहूत की। यह बैठक जिले की सिंचाई परियोजनाओं और पुरानी परियोजना को लेकर आहूत की गई थी। करीब दो घंटे तक चली बैठक में एक-एक विधानसभा की जल संरचनाओं को लेकर खंडेलवाल और मंत्री सिलावट ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
पांचों विधायक गए थे होमवर्क करके
बताया जाता है कि बैठक पूर्व में ही 2 दिसंबर को आहूत करने संबंधित प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने जिले के चारों विधायकों को सूचना दी थी। यही वजह है कि सभी विधायक अपने-अपने क्षेत्र की जल संरचना और सिंचाई परियोजना के लिए होम वर्क करके गए थे। मंत्रालय के कक्ष में हुई इस बैठक में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और मंत्री को विधायकों ने अपने क्षेत्र की नईपरियोजनाओं की स्वीकृति संबंधी आवेदन सौंपा तो मंत्री सिलावट ने फौरन बैठक में मौजूद जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त प्रमुख सचिव, प्रमुख अभियंता, मुख्य अभियंता को इन परियोजनाओं को स्वीकृत करने संबंधित निर्देश दिए।
इतना ही नहीं पांचों विधायकों ने अपने क्षेत्र की पुरानी परियोजनाओं और जलाशयों की मरम्मत, लाइनिंग के कार्यों का भी आग्रह किया। बताया जाता है कि इसको लेकर मंत्री ने अधिकारियों को तत्काल आदेश जारी करने के लिए कहा। बताया जाता है कि बैठक में करीब दो घंटे तक पूरे जिले की सिंचाई परियोजनाओं को लेकर मैराथन बैठक में कई निर्णय लिए गए।
सिंचाई का रकबा बढ़ा तो किसानों की बल्ले-बल्ले
जिस तरह विधायक खंडेलवाल अपने जिले की सिंचाई परियोजनाओं को लेकर पूर्व में सक्रिय दिख रहे, इस बार भी वे इतनी ही सक्रियता से नई परियोजनाओं को स्वीकृत कराने का प्रयास कर रहे हैं। पूर्व में उन्हीं के प्रयास से गढ़ा डैम, निरगुड़ डैम, पारसडोह डैम जैसी महत्ती परियोजनाएं स्वीकृत हुई है। इन परियोजनाओं से हजारों की संख्या में किसानों को पानी मिल रहा है। अब मंगलवार को हुई बैठक के सार्थक परिणाम दिखाई तो जिले में नई सिंचाई परियोजना स्वीकृत हो जाएगी। यदि ऐसा हुआ तो जिले में सिंचाई का रकबा फिर बढ़ने से किसानों को बंपर उपज की आवक बढ़ जाएगी। हेमंत के प्रयासों की चारों विधायक भी मुक्तकंड से प्रशंसा करने से नहीं चूक रहे हैं।




