Betul Samachar: आजीविका प्लाजा प्रोजेक्ट की 21 दुकानों से मिलेगा रोजगार का अवसर

30 जनवरी को नीलाम करेंगी जिपं, हेमंत की प्राथमिकता वाला प्रोजेक्ट बनकर तैयार
Betul Samachar: बैतूल। आम नागरिकों को स्वरोजगार से जोड़ने और सरकारी राजस्व में वृद्धि के उद्देश्य से बैतूल विधायक एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का एक और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट अब धरातल पर साकार हो गया है। कोठीबाजार बस स्टैंड के समीप जिला पंचायत की भूमि पर निर्मित 21 दुकानों वाला आजीविका प्लाजा पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है। जिला पंचायत ने इसकी नीलामी की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार 30 जनवरी को दोपहर 12 बजे जिला पंचायत कार्यालय परिसर में दुकानों की नीलामी की जाएगी।
आजीविका प्लाजा का निर्माण शहर के पॉश एरिया और मुख्य बाजार के बीच किया गया है, जिससे यहां व्यवसायिक गतिविधियों के विस्तार की पूरी संभावना है। आने वाले समय में यह प्लाजा एक सुव्यवस्थित कॉम्प्लेक्स के रूप में नजर आएगा, जहां विभिन्न प्रकार की दुकानें संचालित होंगी। इससे न केवल स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे, बल्कि शहर के व्यावसायिक ढांचे को भी मजबूती मिलेगी।
सात अलग-अलग साइज में बनाई गई दुकानें
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला पंचायत की जमीन पर कुल 21 दुकानें बनाई गई हैं। इन दुकानों को 7 अलग-अलग साइज में विकसित किया गया है। प्लाजा में 145 वर्गफीट से लेकर 370 वर्गफीट तक की दुकानें उपलब्ध हैं। दुकानों के साइज के अनुरूप ही उनकी बेस प्राइज तय की गई है, ताकि छोटे और बड़े दोनों तरह के व्यवसायी अपनी क्षमता के अनुसार बोली में भाग ले सकें।
आरक्षण व्यवस्था से सभी वर्गों को अवसर
नीलामी प्रक्रिया में सामाजिक समावेशन का विशेष ध्यान रखा गया है। कुल 21 दुकानों में से 11 दुकानें अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के लिए आरक्षित की गई हैं। इसके अलावा अनुसूचित जाति (एससी) के लिए 2, ओबीसी वर्ग के लिए 3, जनरल कैटेगरी के लिए 2 दुकानें आरक्षित हैं। वहीं शिक्षित बेरोजगारों के लिए 1 तथा विधवा और परित्यक्ता महिलाओं के लिए 2 दुकानें आरक्षित की गई हैं। इस व्यवस्था से विभिन्न वर्गों के लोगों को स्वरोजगार से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
20 लाख से शुरू होगी बोली, लाखों तक पहुंचने की संभावना
आजीविका प्लाजा में दुकानों की बेस प्राइज 20 लाख रुपए से शुरू होकर 33 लाख रुपए तक तय की गई है। बोलीदाताओं को बेस प्राइज से ऊपर ही बोली प्रारंभ करनी होगी। बाजार क्षेत्र में स्थित होने के कारण दुकानों की बोली लाखों रुपए तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। यदि सभी 21 दुकानें सफलतापूर्वक नीलाम होती हैं, तो जिला पंचायत को इससे अच्छी-खासी और अप्रत्याशित आय प्राप्त हो सकती है।
सालाना किराया भी तय, पंचायत को स्थायी आय
नीलामी के साथ-साथ दुकानों का सालाना किराया भी निर्धारित कर दिया गया है। साइज के अनुसार यह किराया 1 लाख 20 हजार रुपए से लेकर 2 लाख रुपए प्रति वर्ष तक रहेगा। इससे जिला पंचायत को स्थायी राजस्व प्राप्त होगा। फिलहाल नीलामी की सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि 30 जनवरी को होने वाली नीलामी में जिला पंचायत कितनी दुकानों को सफलतापूर्वक नीलाम कर पाती है। इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ अक्षत जैन को उनके मोबाइल 9706675545 पर कई बार काल किया, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया।




