Betul Ki Khabar : Video: सेहत के सौदागर: दूध में मिला रहे कुएं का गंदा पानी
Betul Ki Khabar: Health merchants: Mixing dirty well water in milk

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, जांच में जुटा विभाग, 40 सेंपलों की 8 माह में नहीं आई रिपोर्ट
Betul Ki Khabar : बैतूल। शहर में मिलावटखोरी का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने लोगों में आक्रोश और चिंता दोनों बढ़ा दी है। वीडियो में एक युवक दूध में कुएं का गंदा पानी मिलाते हुए साफ दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो सोनाघाटी रेलवे फाटक के पास का है। स्थानीय लोगों ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि खुले में बेचा जाने वाला दूध अब शुद्धता की कसौटी पर बिल्कुल खरा नहीं उतर रहा। घर-घर पहुंचने वाले दूध विक्रेताओं पर लोग भरोसा कर लेते हैं, लेकिन इस घटना ने उपभोक्ताओं का विश्वास डगमगा दिया है।
खुले दूध को अक्सर पैकेटबंद दूध से बेहतर मानकर लोग इसे प्राथमिकता देते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए कई परिवार विशेष रूप से फेरीवालों से दूध लेना पसंद करते हैं। लेकिन वायरल वीडियो में दिखी मिलावट ने स्वास्थ्य के प्रति गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। दूषित पानी मिलाने से न केवल दूध की गुणवत्ता खत्म हो जाती है, बल्कि यह शरीर में घातक संक्रमण पैदा कर सकता है जो बच्चों में दस्त, उल्टी, एलर्जी, गैस्ट्रो संक्रमण और कई अन्य बीमारियों का कारण बन सकता है।
विभाग की कार्रवाई, मौके पर टीम, लेकिन हाथ खाली
वीडियो वायरल होते ही खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने सोनाघाटी क्षेत्र में जांच की, लेकिन निरीक्षण के दौरान कोई भी दूध विक्रेता दूध में पानी मिलाते हुए नहीं मिला। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि वीडियो वायरल होने के बाद संबंधित मिलावटखोर सतर्क हो गए होंगे, जिससे उनकी गतिविधियां फिलहाल दिखाई नहीं दे रही हैं। हालांकि विभाग ने इस क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने की बात कही है। निरीक्षक संदीप पाटील ने बताया कि वीडियो की पुष्टि के लिए जांच की गई थी। मौके पर टीम भेजी गई, लेकिन कोई भी पानी मिलाते हुए नहीं मिला। संभव है कि वीडियो के वायरल होने के बाद मिलावटखोर अलर्ट हो गए हों। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं इस तरह की गतिविधि दिखे तो तुरंत विभाग को सूचना दें।
सैंपल लिए गए, लेकिन रिपोर्ट नहीं, मिलावटखोर बेखौफ
दूध में मिलावट को रोकने के लिए खाद्य एवं औषधि विभाग द्वारा सैंपल लिए तो जा रहे हैं, लेकिन कार्रवाई का अभाव बड़ा सवाल खड़ा करता है। विभाग का दावा है कि एक अप्रैल से अब तक लगभग 40 दूध के सैंपल लिए गए हैं, लेकिन हैरानी की बात है कि आठ महीनों में एक भी सैंपल की रिपोर्ट नहीं आई । रिपोर्ट न आने के कारण विभाग किसी भी आरोपी के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। यह स्थिति न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि मिलावटखोरों को खुली छूट भी देती है। अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में दूध परीक्षण के लिए केवल एक मुख्य लैब होने के कारण सैंपल रिपोर्ट आने में देरी होती है। इस देरी का फायदा उठाकर कई मिलावटखोर लंबे समय तक बिना किसी कार्रवाई के बच जाते हैं और लोगों की सेहत से लगातार खिलवाड़ करते रहते हैं।
लोगों में बढ़ी चिंता, कड़ी कार्रवाई की मांग
वीडियो वायरल होने के बाद शहर के लोगों में आक्रोश है। उपभोक्ताओं ने मांग की है कि ऐसे दूध विक्रेताओं की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि कोई भी मिलावटखोर दोबारा ऐसी हरकत करने की हिम्मत न करे। कई लोगों ने प्रशासन से विशेष अभियान चलाने और नियमित सैंपल जांच की प्रक्रिया को तेज करने की मांग की है।
इनका कहना…….
वीडियो की जानकारी मिलने के बाद टीम मौके पर पहुंची थी, लेकिन कोई भी दूध में पानी मिलाते हुए नहीं मिला। संभव है कि वीडियो वायरल होने के बाद संबंधित लोग अलर्ट हो गए हों। विभाग अब इस क्षेत्र में विशेष निगरानी बढ़ाएगा।
संदीप पाटील, खाद्य एवं औषधि विभाग निरीक्षक बैतूल




