Betul Samachar: आगे पाट, पीछे सपाट की तर्ज पर चल रहा ड्रेनेज निर्माण

अधूरी फिलिंग से हादसों का खतरा, गड्ढों में गिरकर हो रहे लोग घायल
Betul Samachar: बैतूल। शहर में कोतवाली थाना से लल्ली चौक तक बनाए जा रहे ड्रेनेज निर्माण कार्य में भारी अव्यवस्थाएं सामने आ रही हैं। ड्रेनेज का काम ‘आगे पाट, पीछे सपाटÓ की तर्ज पर किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। जिन स्थानों पर ड्रेनेज का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, वहां दोनों ओर की फिलिंग अधूरी छोड़ दी गई है। परिणामस्वरूप सड़क के दोनों तरफ गहरे गड्ढे बने हुए हैं, जो राहगीरों के लिए खतरे का सबब बनते जा रहे हैं।
गड्ढों में गिरकर हो रहे हादसे
ड्रेनेज के दोनों ओर फिलिंग नहीं होने के कारण लोगों को अपने घरों और दुकानों तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर लोग गड्ढों में गिरकर घायल हो चुके हैं। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को हो रही है, जिन्हें रोजमर्रा के कामों के लिए सड़क पार करना मजबूरी बन गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शाम के समय अंधेरा होने पर दुर्घटनाओं की आशंका और बढ़ जाती है।
अधूरा काम छोड़ नए हिस्से में शुरुआत
स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक तरफ ड्रेनेज का काम अभी पूरी तरह खत्म भी नहीं हुआ है, जबकि ठेकेदार ने लल्ली चौक से कोतवाली की ओर दूसरे हिस्से में काम शुरू कर दिया है। इससे पूरे क्षेत्र में अव्यवस्था का माहौल बन गया है। सड़क पर जगह-जगह खुदाई होने से यातायात प्रभावित हो रहा है और पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
साप्ताहिक बाजार में बढ़ती फजीहत
गुरुवार और रविवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार के दौरान हालात और भी बदतर हो जाते हैं। बाजार में आने वाले नागरिकों को जाम, धूल और गड्ढों के कारण भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है। बार-बार लगने वाले जाम से विवाद की स्थिति भी निर्मित हो रही है, जिससे क्षेत्र का माहौल तनावपूर्ण बना रहता है।
डीपीआर के अनुसार काम नहीं होने का आरोप
स्थानीय नागरिकों ने ड्रेनेज निर्माण में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि निर्माण कार्य डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) के अनुसार नहीं किया जा रहा है। कहीं सरिया डालने में कंजूसी की जा रही है तो कहीं बेस और कॉटन वॉल की ऊंचाई व मोटाई में मनमानी की जा रही है। इससे ड्रेनेज की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मॉनिटरिंग के अभाव में घटिया निर्माण की आशंका
नागरिकों का आरोप है कि निर्माण कार्य की उचित मॉनिटरिंग नहीं होने के कारण ठेकेदार लीपा-पोती कर काम चला रहे हैं। यदि यही स्थिति बनी रही और डीपीआर के अनुसार निर्माण नहीं हुआ, तो आने वाले समय में यह ड्रेनेज धाराशायी होना तय माना जा रहा है। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि गुणवत्ता पूर्ण निर्माण नहीं हुआ, तो आम जनता को इसका कोई वास्तविक लाभ नहीं मिल पाएगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ड्रेनेज निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराई जाए और अधूरी फिलिंग को तत्काल पूरा कराया जाए, ताकि दुर्घटनाओं पर रोक लग सके और नागरिकों को राहत मिल सके।




