Betul Samachar: रामघाटी जलाशय परियोजना स्वीकृत हुई तो 10 हजार हेक्टेयर में होगी सिंचाई

भैंसदेही विकासखंड के आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को सिंचाई के लिए मिलेगा पानी
Betul Samachar: बैतूल। भैंसदेही विधानसभा क्षेत्र में बहुप्रतीक्षित रामघाटी जलाशय परियोजना को लेकर किसानों की मांग अब तेज होने लगी है। क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक ग्रामों के ग्रामीणों ने इस महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजना को शीघ्र स्वीकृति देने की मांग भैंसदेही विधायक महेंद्र सिंह चौहान से की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि रामघाटी जलाशय परियोजना को मंजूरी मिलती है तो लगभग 10 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई का लाभ मिलेगा, जिससे क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल सकती हैं।
इस मांग में शामिल ग्रामों में पोहर सिहार, काटोल, चोपन, भैंसदेही, चिचोली ढाना, नवापुर सहित आसपास के अन्य गांव शामिल हैं। ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि भैंसदेही क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम पोहर, सिवनी, सिहार, काटोल, चोपन, भैंसदेही, चिचोली ढाना एवं नवापुर के किसान बीते कई वर्षों से पूर्णा नदी के रामघाटी क्षेत्र में डेम निर्माण की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक यह मांग केवल आश्वासनों तक ही सीमित रह गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं होने के कारण बड़ी मात्रा में कृषि भूमि बंजर पड़ी हुई है। वर्षा पर निर्भर खेती होने से फसलों का उत्पादन अनिश्चित रहता है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। कई किसान मजबूरी में मजदूरी या अन्य कार्यों के लिए पलायन करने को विवश हैं।
किसानों ने यह दिया तर्क
किसानों का कहना है कि यदि रामघाटी डेम का निर्माण कर उसका पानी नहरों के माध्यम से संबंधित ग्रामों तक पहुंचाया जाता है, तो न केवल सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, बल्कि फसल उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे क्षेत्र में खरीफ और रबी दोनों मौसमों में खेती संभव हो सकेगी और किसानों की आय में स्थायी बढ़ोतरी होगी।
ग्रामीणों ने विधायक महेंद्र सिंह चौहान से आग्रह किया है कि वे रामघाटी जलाशय परियोजना एवं प्रस्तावित मध्यम सिंचाई परियोजना को शीघ्र स्वीकृति दिलाने के लिए शासन स्तर पर प्रभावी पहल करें। किसानों का मानना है कि यह परियोजना केवल सिंचाई साधन नहीं, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास की कुंजी साबित होगी। यदि समय रहते परियोजना को मंजूरी देकर कार्य प्रारंभ कराया जाता है, तो आने वाले वर्षों में भैंसदेही क्षेत्र को सूखाग्रस्त की श्रेणी से बाहर निकाला जा सकता है और किसानों को स्थायी लाभ मिला।
हेमंत पर टिकी उम्मीद की किरण
जिस तरह बैतूल विधायक और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सिंचाई परियोजनाओं को सबसे अधिक महत्व देकर किसानों का सबसे अधिक ध्यान रख रहे हैं। हाल ही में जल संसाधन विभाग ने ताप्ती नदी पर 4 हजार 36 करोड़ की परियोजना प्रस्तावित कर 60 हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सिंचिंत होने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। इसे शीघ्र स्वीकृति मिलने की संभावना है।
इसी के बाद भैंसदेही क्षेत्र के किसानों ने रामघाटी परियोजना को शीघ्र स्वीकृति दिलाने की मांग उठाई है। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि स्थानीय विधायक महेंद्र सिंह चौहान पहल करें और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के साथ जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट से मुलाकात करे तो इस परियोजना को स्वीकृति मिली जाएगी। यदि ऐसा होता है तो क्षेत्र के दर्जनों गांवों को सिंचाई का एक महत्वपूर्ण साधन मुहैया हो जाएगा। इस संबंध में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और विधायक महेंद्र सिंह चौहान को उनके नंबर पर काल किया, लेकिन व्यवस्तता होने के कारण चर्चा नहीं हो सकी।




