Betul Cyber Fraud: 9.84 करोड़ की साइबर ठगी में दो और युवक पकड़ाएं, अब तक 11 आरोपी गिरफ्तार

Betul Cyber Fraud: बैतूल। बैतूल पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए 9.84 करोड़ रुपये की संगठित साइबर ठगी और अवैध ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही प्रकरण में अब तक कुल 11 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी के निर्देशन में गठित साइबर सेल और विशेष एसआईटी द्वारा की गई। तकनीकी दक्षता, सतत निगरानी और त्वरित कार्रवाई के माध्यम से इस संगठित साइबर नेटवर्क तक पुलिस पहुंच सकी।
मामले में पहली बड़ी कार्रवाई 20 नवंबर 2025 को की गई थी, जिसमें राजा उर्फ आयुष चौहान, अंकित राजपूत और नरेंद्र सिंह राजपूत को गिरफ्तार किया गया।
इसके बाद 7 दिसंबर 2025 को इंदौर से अमित अग्रवाल की गिरफ्तारी हुई। 11 दिसंबर 2025 को इंदौर से ही राजेन्द्र राजपूत और ब्रजेश महाजन को पकड़ा गया। 14 दिसंबर 2025 को अश्विन धर्मवाल, प्रवीण जायसवाल और पियूष राठौर को गिरफ्तार किया गया।
ताजा कार्रवाई 11 जनवरी 2026 को की गई, जिसमें अजय उर्फ अज्जू उर्फ आदित्य उर्फ डैडी पिता विरमलाल सोलंकी, उम्र 29 वर्ष, निवासी बडऩगर जिला उज्जैन तथा मुस्तफा उर्फ मुस्तु उर्फ गरीब पिता हारून मंसूरी, उम्र 29 वर्ष, निवासी नयापुरा बडऩगर जिला उज्जैन को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों को न्यायालय पेश किया जाएगा।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन जप्त किए गए हैं। अजय उर्फ अज्जू के पास से एक एप्पल और एक ओप्पो कंपनी का मोबाइल, जबकि मुस्तफा उर्फ मुस्तु के पास से वीवो कंपनी के दो मोबाइल फोन जप्त किए गए हैं।
पुलिस द्वारा आगे की विवेचना जारी है। डिजिटल साक्ष्यों का फॉरेंसिक परीक्षण किया जा रहा है, अवैध ऑनलाइन बेटिंग और साइबर ठगी से जुड़ी मनी ट्रेल का विश्लेषण किया जा रहा है तथा नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों और लाभार्थियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक ने इस जटिल साइबर अपराध का खुलासा करने वाली टीम की सराहना करते हुए कहा कि उत्कृष्ट टीमवर्क, तकनीकी दक्षता और त्वरित कार्रवाई के चलते यह बड़ी सफलता मिली है। इस ऑपरेशन में डीएसपी दुर्गेश आर्मो, कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज पाल, एसआई उत्तम मस्तकार, एसआई राकेश सरेयाम सहित कोतवाली पुलिस, साइबर सेल और एसआईटी की टीम शामिल रही।




