Dr. Aanad Malviya Resigned : जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के बीच आनंद मालवीय का इस्तीफा 

एक माह पहले अग्रिम वेतन के साथ दिया था आवेदन, सीएमएचओ बोले बनाने का करेंगे प्रयास

Dr. Aanad Malviya Resigned: बैतूल। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के बीच एक ओर झटका लगा है। अपने मृदुभाषी स्वभाव और सरलता से उपलब्ध रहने वाले मेडिकल विशेषज्ञ डॉ आनंद मालवीय ने स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति का आवेदन देकर सबको चौका दिया है। वर्तमान में वे जिला क्षय रोग अधिकारी का दायित्व भी संभाल रहे हैं। इस बीच उनके इस्तीफे से खलबली मच गई है। निजी कारणों से इस्तीफे के लिए एक माह का वेतन उन्होंने जमा किया।

सिविल सर्जन कार्यालय से आगे की कार्रवाई के लिए सीएमएचओ कार्यालय से उनका आवेदन राज्य शासन को भेज दिया है। बताया जा रहा है कि वे अपने निर्माणाधीन अस्पताल में सेवा देंगे, इसलिए 15 वर्ष की नौकरी के बाद उन्होंने त्याग पत्र दिया है।

जिला चिकित्सालय लंबे समय से डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। सीमित स्टाफ के बीच मरीजों को चिकित्सीय सेवा उपलब्ध कराना डेढ़ खीर साबित हो रहा है। बांड पर आने वाले डॉक्टर कुछ दिनों रहने के बाद यहां से रवानगी डाल दे रहे हैं। इसके अलावा शासकीय सेवा पूरी करने के बाद पिछले कुछ वर्षों में करीब 9 से अधिक डॉक्टरों के पद रिक्त हो गए हैं। गत वर्ष ही सिविल सर्जन रहे डॉ अशोक बारंगा और पैथालाजिस्ट डॉ डब्ल्यूए नागले सेवानिवृत्त हुए थे, उसके पहले रेडियोलाजिस्ट डॉ ओपी यादव भी सेवा निवृत्त हो गए।

करीब 6 वर्षों में जिला चिकित्सालय से डॉ प्रदीप कुमरा, डॉ रश्मि कुमरा समेत 9 से अधिक सर्जनों की सेवानिवृत्ति होने के बाद व्यवस्थाएं बेपटरी हुई है। इसके अलावा नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ राहुल शर्मा, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ प्रतिभा रघुवंशी, शिशु बाल्य रोग विशेषज्ञ डॉ आयुष श्रीवास्तव ने भी शासकीय सेवा से त्याग पत्र दे दिया हैं।

ऊपर से बांड पर आने वाले डॉक्टर भी छोटा जिला होने के कारण कुछ दिनों बाद राजधानी या आसपास के जिलों में तबादला करवा रहे हैं। बेपटरी व्यवस्थाओं के बीच जिला अस्पताल के मृदुभाषी स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी मेडिकल आफिसर डॉ आनंद मालवीय ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन देकर और परेशानी बढ़ा दी है।

एक माह पहले आवेदन के साथ जमा किया वेतन

बताया जाता है कि डॉक्टर आनंद मालवीय ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए अपना आवेदन सिविल सर्जन और सीएमएचओ कार्यालय में दिया था। इसके लिए उन्होंने नियम के अनुसार एक माह का वेतन भी जमा करा दिया।

स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का यह आवेदन सीएमएचओ कार्यालय से राज्य शासन को भेज दिया है। चूंकि कोई भी शासकीय सेवक यदि एक माह का वेतन देकर त्यागपत्र सौंपता है तो राज्य शासन इस्तीफा स्वीकार कर लेता है। ऐसे में तय है कि डॉ मालवीय का इस्तीफा स्वीकार हो जाएगा। हालांकि उनके पास जिला क्षय अधिकारी का भी दायित्व है।

वर्ष 2011 मेंं जिला अस्पताल में सेवाएं देने वाले डॉ मालवीय अपने समर्पर्न के कारण हर दायित्व को पूरा करते आए हैं। उन्होंने क्षय अधिकारी के रहते जिले को टीवी के क्षेत्र में कई उपलब्धियां भी दिलाई है। यही वजह है कि उन्हें मनाने के लिए सीएमएचओ खुद प्रयास कर रहे हैं। चूंकि वे अपना निजी अस्पताल खोल रहे हैं, इसलिए संभावना कम है कि वे स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का आवेदन वापस लें।

49 में से 26 डॉक्टरों के भरोसे चल रहा जिला अस्पताल

डॉ. मालवीय के इस्तीफा देने के बाद जिला अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या में कमी आएगी। ए ग्रेड वाले जिला अस्पताल में कुल 49 प्रथम और द्वितीय श्रेणी अधिकारियों के पद स्वीकृत है। इसमें से 26 प्रथम श्रेणी में से केवल 11 डाक्टर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसी तरह द्वितीय श्रेणी के 18 में से 15 डाक्टर सेवाएं दे रहे हैं। डॉक्टर मालवीय के इस्तीफा देने से एक डाक्टर का पद और कम हो जाएगा। इससे हालात बिगड़ने से इंकार नहीं किया जा सकता है। ओपीडी और रात्रिकालीन ड्यूटी की सेवाएं भी डाक्टरों की कमी के कारण प्रभावित हो सकती है।

इनका कहना….

डॉ आनंद मालवीय ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का आवेदन दिया है। उनहें समझाने का प्रयास किया जाएगा। 

डॉ मनोज हुरमाडे, सीएमएचओ बैतूल।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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