Betul Ki Khabar: मंत्री का अनुमोदन लिए बिना अधिकारियों के बदले डिवीजन, नियम ताक पर

वनवृत में उजागर हो रहा कर्मचारियों और अफसरों का गठजोड़
Betul Ki Khabar: बैतूल। वन विभाग में बड़े पैमाने पर हुए तबादलों के बीच नियमों की अनदेखी और मनमानी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इसी क्रम में बैतूल के मुख्य वन संरक्षक वासु कनोजिया का तबादला खंडवा जिले में कर दिया गया है। बीते दिन सांझवीर टाइम्स ने रेंजरों सहित कर्मचारियों के पदस्थापना स्थलों में किए गए फेरबदल को उजागर किया था, जिसके बाद विभागीय हलकों में हलचल तेज हो गई है।खुलासा हो रहा है कि इस मामले में तबादला नीति की खुल कर धज्जियां उड़ाई गई हैं। यदि नए मुख्य वन संरक्षक इसकी जांच करावा लें तो बड़ा खेल उजागर हो सकता है।
बिना अनुमोदन के कैसे बदल दिए डिवीजन?
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार रेंजरों और कुछ कर्मचारियों के डिवीजन बदले जाने की प्रक्रिया में न केवल नियमों को ताक पर रखा गया, बल्कि प्रभारी मंत्री को भी इस पूरे मामले में विश्वास में नहीं लिया गया। सूत्र बताते हैं कि, विभागीय प्रावधानों के मुताबिक किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का डिवीजन परिवर्तन करने से पूर्व प्रभारी मंत्री का अनुमोदन आवश्यक होता है, लेकिन आरोप है कि मुख्य वन संरक्षक ने बिना अनुमति के ही यह फेरबदल कर दिया।
सूत्रों का कहना है कि इस बदलाव से कुछ रेंजरों को दोहरा लाभ पहुंचाया गया। भौरा रेंजर विजेंद्र तिवारी के पास सामान्य का प्रभार होने के बावजूद उन्हें भौरा डिपो का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया, जबकि पहले से ही उत्पादन शाखा में पदस्थ भैंसदेही रेंजर गुमान सिंह नरगेस को उत्पादन के साथ-साथ सामान्य शाखा का भी प्रभार दे दिया गया। इसे नियम विरुद्ध बताते हुए विभाग के अंदर ही सवाल उठाए जा रहे हैं।
तबादलों के बावजूद भैसदेही से कर्मचारी नहीं हुए रिलीव
मनमानी का एक और उदाहरण यह भी सामने आया है कि महीनों पहले तबादले होने के बावजूद भैंसदेही में पदस्थ दो कर्मचारियों को अब तक रिलीव नहीं किया जा सका है। इससे स्पष्ट है कि आदेशों के क्रियान्वयन में भी भेदभाव बरता गया। बताया जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे कुछ रेंजरों और मुख्य वन संरक्षक के बीच गहरे गठजोड़ की चर्चा रही है।
हालांकि ऐन वक्त पर हुए तबादलों में मुख्य वन संरक्षक को भी रुखसती का दंश झेलना पड़ा। सूत्रों के मुताबिक एक-दो दिनों में नए अधिकारी के पदभार ग्रहण करने के बाद यह मामला उनके समक्ष औपचारिक रूप से उठाया जाएगा, जिससे पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो सकती है। इस मामले को लेकर मुख्य वन संरक्षक वासु कनोजिया से उनका पक्ष जानने के 12.44 बजे पर मोबाइल नम्बर 9424790300 पर सम्पर्क किया गया, लेकिन सम्पर्क नहीं हो पाया।




