Betul News: तेंदुए की तलाश में जंगल खंगाल रहे चार हाथी, तीन शिफ्ट में जारी सघन सर्चिंग

हाथियों की खुराक बनी वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती, पिंजरों से भी नहीं फंस रहा तेंदुआ

Betul News: बैतूल। उत्तर वन मंडल के जंगलों में घूम रहे तेंदुए ने वन विभाग से लेकर आमजन तक की चिंता बढ़ा दी है। तेंदुए की दहशत मुख्य सडक़ों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक साफ देखी जा सकती है। तेंदुए को पकडऩे के लिए वन विभाग द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन लगभग एक माह बीत जाने के बाद भी विभाग को कोई ठोस सफलता नहीं मिल पाई है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, तेंदुए की सर्चिंग और उसे खदेडऩे के लिए सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से चार प्रशिक्षित हाथियों को उत्तर वन मंडल के जंगलों में उतारा गया है। इन हाथियों के माध्यम से घने जंगलों में लगातार सर्चिंग की जा रही है। वन विभाग की टीमें तीन शिफ्ट में 8-8 घंटे जंगलों में तेंदुए की तलाश में जुटी हुई हैं। इसके बावजूद तेंदुआ पकड़ से बाहर बना हुआ है, और वन विभाग का खर्च अलग बढ़ता जा रहा है।

चार हाथियों की रोजाना खुराक, 1 क्विंटल 20 किलो अनाज की रोटी

इस पूरे अभियान में सबसे बड़ी चुनौती हाथियों की रोजाना खुराक की व्यवस्था करना बन गई है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि एक हाथी को एक समय में करीब 15 किलो की विशेष रोटी खिलाई जाती है। यानी एक हाथी की दो टाइम की खुराक में लगभग 30 किलो अनाज खर्च हो रहा है। इस हिसाब से चार हाथियों के लिए प्रतिदिन करीब 1 क्विंटल 20 किलो अनाज की व्यवस्था करनी पड़ रही है।

इसके अलावा सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से आए महावतों और कर्मचारियों के रहने और खाने-पीने की अलग से व्यवस्था भी वन अधिकारियों को करनी पड़ रही है। बताया जा रहा है कि अनाज की प्रतिदिन व्यवस्था करने में ही अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं।

जंगलों में लगाये चार पिंजरे, पकड़ से दूर तेंदुआ

 सूत्र बताते हैं कि,तेंदुए को पकडऩे के लिए विभाग ने लगभग 60 हजार रुपए की लागत से चार पिंजरे भी तैयार कराए हैं, जिन्हें अलग-अलग संभावित इलाकों में रखा गया है। इन पिंजरों में चारे के साथ-साथ कैमरे भी लगाए गए हैं ताकि तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। कैमरों में तेंदुआ कई बार पिंजरों के आसपास घूमता हुआ दिखाई दिया है, लेकिन अब तक वह पिंजरे के अंदर घुसने से बचता रहा है।

तीन दिन पहले तेंदुआ हाइवे के किनारे एक मरे हुए मवेशी का मांस खाते हुए भी नजर आया था। वहां से गुजर रहे राहगीरों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिससे इलाके में दहशत और बढ़ गई है। कुल मिलाकर तेंदुआ वन विभाग के लिए बड़ी सिरदर्दी बना हुआ है। विभाग की कोशिशें लगातार जारी हैं, लेकिन तेंदुए की चतुराई के आगे अब तक सभी प्रयास नाकाम साबित हो रहे हैं,हालांकि अधिकारियों को पूरा भरोसा है कि, थो?ा विलंब जरूर हो रहा है लेकिन सफलता मिल जाएगी।

इनका कहना 

तेंदुए को पकडऩे सर्चिंग की जा रही है। कैमरे में भी फुटेज आ रहे हैं। हाथियों की खुराक का खर्च शासन स्तर पर वहन किया जा रहा है। थोड़ा समय जरूर लग रहा है, लेकिन जल्द सफलता मिल जाएगी।

बृजेन्द्र तिवारी, रेंज ऑफिसर, परिक्षेत्र भौरा

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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