Prashasnik Kona : प्रशासनिक कोना: वर्दी वाले विभाग का कौनसा सारथी, जो साहब से भी आगे निकल गया?? मुखिया के आदेश का पालन नहीं करने में किसको आ रहा मजा??? सड़क निर्माण के लिए रेत, गिट्टी खरीदने ठेकेदार पर कौनसी मैडम बना रही दबाव???? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम प्रशासनिक कोना में…..

साहब से आगे निकला उनका सारथी
चाय से ज्यादा केटली गर्म वाली कहावत एक पवित्र नगरी वाले क्षेत्र में कार्यवाहक डीएसपी और रथ के सारथी पर पूरी तरह से फीड बैठ रही है। इसकी सर्वत्र चर्चा है। डीएसपी ने उसके क्षेत्र की पूरी मीडिया को भविष्य में देख लेने की बात तो सिर्फ एक बार कही थी, लेकिन दो कदम आगे निकलते हुए उनका सारथी हर दिन मीडिया को लेकर गाल बजा रहा है। चर्चा है कि चुन-चुन कर मीडियाकर्मियों के नाम लेकर बहुमूल्य वचनों से नवाजा गया है। हाल ही में एक मीडियाकर्मी ने भावविभोर होकर सारर्थी को पुलिस के लिए कलंक बताया। संबंधित क्षेत्र के बसस्टैंड पर एक मोबाइल की दुकान पर बैठकर सारर्थी ने सार्वजनिक रूप से यह बात कही। चूंकि दस वर्ष से वह संबंधित क्षेत्र के डीएसपी का सारथी रहा है, इसलिए उसे सारे गुप्त कामों की जानकारी है। यही कारण है कि सभी डीएसपी-एसडीओपी उसे अपना सारर्थी रखते हैं।
बॉस के आदेश का पालन नहीं
जिले के मुखिया ने पिछले दिनों एक तहसील का निरीक्षण कर लापरवाही पर तीन कर्मचारियों का वेतन काटने के निर्देश दिए थे, लेकिन एक प्रभारी तहसीलदार ने आज तक बॉस के आदेश का पालन नहीं किया है। जब उनके निर्देशों की अवहेलना हो रही है तो दफ्तरों से फोन घनघना रहे हैं, लेकिन उनका रट्टू तोता जवाब आ रहा है कि एसडीएम साहब को प्रतिवेदन भेज दिया है, मामला वहीं अटक गया है। हालांकि एसडीएम के यहां से प्रतिवेदन जा चुका है। यह वही तहसीलदार है जिनके अधिकांश हल्कों का काम उनकी कार्यप्रणाली को लेकर अन्य तहसीलदारों को दे दिया हैं, इसलिए इन दिनों काफी दुखी भी बताए जाते हैं।
महिला अधिकारी का ठेकेदार पर दबाव
निर्माण कार्य से जुड़ी एक महिला अधिकारी एक प्रमुख माननीय की फटकार के बावजूद उनकी मनोपल्ली चला रही है। चर्चा है कि एक प्रमुख सड़क का ठेकेदार इस महिला अफसर के दबाव में सार्वजनिक रूप से अपने मुंह से उनकी व्यथा सुना रहा है। ठेकेदार का कहना है कि उक्त अफसर उस पर रेत, मुरम और गिट्टी कहां से लेना है? का खुला दबाव बना रही है। इसके लिए उसे भुगतान भी अधिक करना पड़ रहा है। चर्चा है कि ठेकेदार ने सार्वजनिक रूप से कह दिया कि आठ फीसदी कमीशन देने के बावजूद महिला अधिकारी रेत, गिट्टी, मुरम में भी दलाली खाने की मंशा रख रही है, इससे उसके पूर्व में भी काम प्रभावित हुए हैं और एक और शुरू होने वाला काम प्रभावित हो सकता है।




