Betul News: अतिक्रमण को लेकर परिषद के सम्मेलन में जमकर तकरार
Betul News: Fierce dispute in council conference regarding encroachment

- विपक्षी कांग्रेस के अलावा भाजपा के पार्षदों ने भी राजस्व अमले को कटघरे में लिया, अधिकारी देते रहे टालमटोल जवाब
Betul News: बैतूल। गुरुवार को बाल मंदिर सभागृह में नगरपालिका का विशेष सम्मेलन आहुत किया गया। सम्मेलन में कुल 15 विषय शामिल किए गए थे। पूर्व में पीआईसी की बैठक में भी चार विषयों पर चर्चा हुई थीं, इसलिए सम्मेलन में भी निर्माण कार्य से जुड़े अधिक विषय शामिल नहीं किए गए। सम्मेलन में शामिल 15 विषयों पर एक-एक कर नपाध्यक्ष पार्वती बारस्कर और एई नीरज धुर्वे ने जवाब दिया। पूरी बैठक में कांग्रेसी के अलावा भाजपा के पार्षदों ने अतिक्रमण के मामले में जमकर भड़ास निकालीं। पूरी बैठक का अधिकांश समय अतिक्रमण के मुद्दे पर निकल गया। इस पर नपाध्यक्ष और एई ने स्टाफ की कमी का हवाला देकर गोलमोल जवाब देने का प्रयास किया। इस पर कांग्रेसी पार्षदों ने जमकर हंगामा किया।
दोपहर 2.30 बजे बाल मंदिर सभाकक्ष में नपाध्यक्ष पार्वती बारस्कर, प्रभारी सीएमओ और एई नीरज धुर्वे, सभी पार्षदों और अधिकारियों की मौजूदगी में नपा का सम्मेलन आहुत किया गया। सम्मेलन में एक-एक विषय को लेकर चर्चा की गई। इसका जवाब प्रभारी सीएमओ धुर्वे ने दिया। हालांकि कुछ विषयों पर कांग्रेस और भाजपा के पार्षदों ने जमकर नाराजगी जताई। बैठक शुरु होते ही कांग्रेसी पार्षदों ने आरोप लगाया कि सम्मेलन के लिए विषयों का एजेंडा बनाते समय उनसे नहीं पूछा जा रहा है।
कांग्रेसी पार्षदों का आरोप था कि हमारे द्वारा अपने विषय सम्मेलन में शामिल किए जाने को लेकर आवेदन दिए जाने के बाद शामिल नहीं किए जाने पर औचित्य क्या रह गया। कांग्रेसी पार्षदों का आरोप था कि हम चुने हुए पार्षद है, हम अपनी बात अध्यक्ष के सामने नहीं रखेंगे तो किसके सामने कहेंगे? कांग्रेसी पार्षद नंदिनी तिवारी ने कहा कि उन्होंने एक टेंडर निरस्त करने के लिए आवेदन दिया था, इसका आज तक पता नहीं चल पाया।
अतिक्रमण को लेकर घिरी नपा
नपा के सम्मेलन में कांग्रेस के अलावा भाजपा पार्षदों ने नपा के अतिक्रमण अभियान को जमकर आड़े हाथों लिया। इसकी शुरुआत रामनगर से कांग्रेस पार्षद अशोक नागले ने की। उन्होंने सवाल किया कि नपा के कर्मचारी शिकायत के बाद अतिक्रमण क्यों नहीं हटा रहे? बीच में ही उनकी बात काटते हुए कांग्रेस पार्षद नंदिनी तिवारी ने सवाल किया कि नगरपालिका अपनी अतिक्रमण की टीम बताएं? कितने लोग अतिक्रमण दस्ते में शामिल है, इनके नाम दिए जाएं। उन्होंने कहा कि 6 माह से उनके वार्ड में निर्माण कार्य शुरु करने के लिए टैंडर लगा है, लेकिन नाली निर्माण अतिक्रमण की वजह से शुरु नहीं हुआ। इस पर प्रभारी सीएमओ ने जवाब दिया कि स्टाफ की कमी के कारण विलंब हो रहा है।
नाराजगी जताते हुए पार्षद तिवारी ने कहा कि नपा के बाद क्या चार लेबर नहीं है, जो अतिक्रमण हटाकर काम शुरु कर सकें। इस पर नपा के अधिकारियों की बोलती बंद हो गई। अतिक्रमण के मुद्दे पर जारी बहस के बीच शंकर वार्ड की पार्षद ममता मालवी ने भी सवाल उठाए कि अतिक्रमण की वजह से कई निर्माण कार्य शुरु नहीं हो पा रहे। नपा के अधिकारी आखिर अतिक्रमण हटाने में रूचि क्यों नहीं दिखा रहे। नपा की पूरी कार्रवाई नोटिस जारी करने की रह गई है। नपा का अमला अतिक्रमण नहीं हटाने के लिए जैसे ही प्रतिबद्ध ही लग रहा है। उनके सवाल पर बैठक में सन्नाटा पसर गया।

अलग-अलग विषयों पर हुई चर्चा
बैठक में नपाध्यक्ष और एई ने 15 विषयों पर बारी-बारी से जवाब दिया। कई विषयों पर आपत्ति भी आईं। बैठक में शहर की कोठी बाजार में मुख्य सड़क पर नाली नहीं होने का मुद्दा उठाया गया। इस पर एई ने कहा कि बजट नहीं होने के कारण काम नहीं हो पा रहा है। बजट मिलते ही काम स्वीकृत कराए जा रहे है। मुल्ला पेट्रोल पंप से आगे की सड़क के लिए 1 करोड़ 57 लाख की लागत से नाली निर्माण का बजट बनाकर रखा है। नेता प्रतिपक्ष राजकुमार दीवान ने घटिया सड़क का मुद्दा उठाया।
इस पर नपाध्यक्ष ने जवाब दिया कि पहले नालियों का निर्माण किया जाएं। ठेकेदार द्वारा काम नहीं किए जाने पर एई ने बताया कि 65 कार्यों की सूची बनाई गई है। कुछ ठेेकेदार काम में रूचि नहीं ले रहे सीसी रोड सहित 72 काम ठेकेदारों ने शुरु नहीं किए। सभी को तीन बार नोटिस दिए जा चुके है। उन्होंने कहा कि सब इंजीनियर मौके पर जाकर देखेंगे कि उन्होंने जो समस्या बताई है, वह जायज है या नहीं। यदि समस्या गलत निकलती है तो ऐसे ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा। इसके बाद एक-एक कर 15 विषयों पर सहमति बनीं।
बैठक के पहले ही नपाध्यक्ष-पूर्व पार्षद में तकरार
नपा के सम्मेलन में शामिल होने पहुंची नपाध्यक्ष पार्वती बारस्कर और विनोबा वार्ड के पूर्व पार्षद शशिकांत महाले के बीच मशीन के मामले को लेकर तकरार हो गई। दरअसल, महाले अपनी मशीन को लेकर नपाध्यक्ष से चर्चा करना चाह रहे थे। उन्होंने नपाध्यक्ष से कहा कि उनकी मशीन वापस की जाएं।
इस मशीन से तथाकथित ठेकेदार व्यापार कर रहे हैं। इस पर नपाध्यक्ष ने कहा कि अच्छे से बात करें, आप धमका रहे है। नपाध्यक्ष पूर्व पार्षद के इस रवैये से नाराज हो गई तो महाले भी नपाध्यक्ष के सामने यह कहकर लौट गए कि मुझे मेरी मशीन वापस दिलाई जाए। उनके जाने के बाद नपाध्यक्ष ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि किसी भी चीज को बोलने का तरीका होता है। पूर्व पार्षद का यह रवैया ठीक नहीं है। नपाध्यक्ष और पूर्व पार्षद के बीच मशीन को लेकर हुई हॉट टॉक को कई पार्षद और पूर्व पार्षदों ने भी देखा।




