Betul News : एनजीटी के निर्देशों का उल्लंघन, बदस्तूर जारी पत्थरों का खनन
Betul News: Violation of NGT instructions, mining of stones continues unabated

क्रेशर संचालकों की अधिकारियों से साठ गाठ की चर्चा, लग रहा करोड़ों का फटका
Betul News : (बैतूल)। गिट्टी क्रेशर खदान संचालकों को सिया की अनुमति अनिवार्य किए जाने के बावजूद संचालकों पर इसका कोई असर होता नजर नहीं आ रहा है। खास बात यह है कि बड़े क्रेशर संचालक रोक के बावजूद खनन करने में लगे हैं और इन्हें रोक पाना भी विभाग के बस में नजर नहीं आ रहा है। अब खनिज विभाग मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेशों का पालन क्यों नहीं करवा पा रहा हैं, यह तो अधिकारी ही जाने, लेकिन यह सच है कि के्रशर संचालकों के हौसले कार्रवाई नहीं होने से बुलंदी पर है।
सूत्र बताते हैं कि कुछ के्रशर संचालकों ने इसके लिए खनिज विभाग के अधिकारियों से साठगाठ करने मेें लगे हैं, लेकिन खनिज अधिकारी मनीष पॉलीवाल ने इसे नकार दिया है। श्री पालीवाल के मुताबिक संचालकों को सिया की अनुमति लिए जाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। और एनजीटी के निर्देशों के अनुरूप कार्यवाही जारी है।
खनन पर रोक तो कैसे हो रही सप्लाई?
पूरे मामले में साफ समझ आ रहा है कि जिले के अधिकांश ब्लाकों में रोक के बावजूद खनन का कार्य बदस्तूर जारी है। रोजाना गिट्टी से भरे डम्फर सड़कों पर नजर आ रहे हैं। मतलब साफ है कि एनजीटी के निर्देशों की के्रशर संचालक सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। खासतौर पर दूर दराज के इलाकों में स्तिथ क्रेशरों पर अभी भी दिन रात खनन के साथ साथ गिट्टी फोड़ने का काम किया जा रहा है। जानकारी यह भी मिल रही है कि खनिज विभाग के पास पर्याप्त स्टाफ ना होने की वजह से प्रॉपर मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही है, लेकिन बताया जा रहा है कि बल की कमी को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
माण्डवली में पूर्व खनिज अधिकारी का नाम चर्चा में
एनजीटी की रोक के बाद खनिज विभाग इस मामले के निपटारे की बात कर रहा है, लेकिन शहर के कुछ के्रशर संचालक इन निर्देशों को काफी हल्के में ले रहे हैं। चर्चा है कि इन के्रशर संचालकों को खनिज विभाग में पदस्थ रहे एक पूर्व खनिज अधिकारी का पूरा सहयोग मिल रहा है। सूत्रों के अनुसार जब यह खनिज अधिकारी बैतूल में पदस्थ थे तो इन्हीं क्रेशर संचालकों की महफिल गंज स्थिति इस अधिकारी के निवास पर रोजाना जमती थी।
अपनी बैतूल पदस्थापना के दौरान इस अधिकारी ने जहां इन के्रशर संचालकों को जम कर उपकृत किया था, वहीं खुद ने भी जमकर वारे न्यारे किए थे। सूत्रों के अनुसार अधिकारी अब के्रशर संचालकों के लिए इस मामले में माण्डवली करने का काम कर रहा है। सूत्रों से जानकारी मिली है कि कुछ बड़े के्रशर संचालकों ने खनिज विभाग के कुछ बड़े अधिकारियों से भी साठगाठ किए जाने की कोशिश भी की है।
इनका कहना….
निर्देश मिलने के बाद खनन पर रोक लगाई गई है। साठगाठ जैसी कोई बात नहीं है। नोटिस जारी कर कार्यवाही की जा रही है। बिना अनुमति खनन नहीं होगा।
मनीष पालीवाल, खनिज अधिकारी बैतूल




