Multai Vidhansabha Election : कल तक भाजपा नेताओं को बता रहे थे गुंडे, आज पार्टी के प्रति निष्ठावान, मुलताईं भाजपा प्रत्याशी चंद्रशेखर के खिलाफ उखड़ रहे गढ़े मुर्दे
Multai Vidhansabha Election : Till yesterday they were calling BJP leaders as goons, today they are loyal to the party, false rumors are rising against BJP candidate Chandrashekhar.

Multai Vidhansabha Election : बैतूल। विधान सभा चुनाव के पूर्व इस समय मुलताईं विधानसभा क्षेत्र राजनीति का अखाड़ा बन चुका है। भले ही भाजपा ने इस विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक चन्द्र शेखर देशमुख को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया हो पर इसके बाद देशमुख की खिलाफत की गूंज मुलताई से भोपाल तक गूंज रही है। विरोधियों का विरोध सरेआम सड़कों पर दिखाई दे रहा है। विरोध के सुरों के बुलंदियों के बीच सीधे-साधे दिखने और दिखाने वाले इस नेता की कारगुजारी के गढ़े मुर्दे भी अब उखड़ने शुरू हो गए हैं। सूत्र बताते हैं कि कुछ आम चुनावों में भाजपा को ही बाहर का रास्ता बताने वाले घोषित उम्मीदवार आज अपने आप को पार्टी का निष्ठावान नेता बता रहे हैं। हालात ये हैं कि देशमुख के नाम के विरोध का दायरा लगातार बढ़ने से अब भाजपा का सिरदर्द भी बढ़ता जा रहा है।
पार्टी उम्मीदवार उर्मिला गव्हाड़े की खुलकर की थी खिलाफत
सूत्र बताते हैं कि जिला पंचायत चुनावों के दौरान चन्द्रशेखर देशमुख ने ना ही भाजपा की रीति-नीति को दरकिनार किया, बल्कि पार्टी द्वारा घोषित उम्मीदवार की भी खुल कर खिलाफत की थी। जिला पंचायत के वार्ड क्रमांक 15 के चुनाव में पार्टी द्वारा उर्मिला गव्हाड़े को अपना समर्थन दिया था, लेकिन देशमुख ने उस समय पार्टी गाइडलाइन को धता बताकर अपने स्वयं के समर्थन वाले प्रत्याशी के लिए घर-घर जाकर वोट मांगे थे। चन्द्रशेखर देशमुख ने सार्वजनिक तौर पर यहां तक कहा था कि यह चुनाव पार्टी बेस पर नहीं होते। यानी कि जनता को यह बताने की कोशिश की गई थी कि पार्टी समर्पित उर्मिला का कोई वजूद नहीं है। इन्होंने सरेआम आरोप लगाए थे कि पंचायत चुनाव में बहार के गुंडे बुलाकर गुंडागर्दी करवाई जा रही है।
सूत्र बताते हैं कि गुंडे शब्द का उपयोग पूर्व विधायक ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के लिए किया था। आज जब पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार बनाया है तब यह शब्द पूरी मुलताईं विधान सभा क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बने है। दबी जुबान से पार्टी के कार्यकर्ता ही पूछ रहे कि जिनको गुंडे कहा था अब उन्ही से चुनाव प्रचार के लिए क्यों मिन्नतें की जा रही है। क्या इतना होने के बावजूद गुंडे कहलाने वाले देशमुख के लिए प्रचार में हिस्सा लेने को तैयार ही जाएंगे, यह सवाल मुलताई की राजनीति में गूंज रहा है। यही वजह है कि इनके खिलाफ आक्रोश पनप ही नहीं रहा, बल्कि चरम पर पहुंच रहा है।
पूर्व के कार्यकाल की निकाली जा रही जानकारियां
मुलताई में भाजपा प्रय्याशी के खिलाफ आक्रोश किस तेजी से पनप रहा है। इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। सूत्र बताते हैं। कि भाजपा के प्रताद्धित कार्यकर्ता और गुंडे कहलाने वाले नेता अब खुल कर विरोध में उतर आए हैं। सूत्र बताते हैं की कुछ नेता अब पूर्व विधायकी के कार्यकाल में होने वाले गड़बड़ झाले, कमीशन खोरी और वितीय अनियमितताओं की जानकारियां निकालने की जुगाड़ में लगे हुए हैं ताकि जिला पंचायत चुनावों में हुए अपमान का बदला अब चुकाया जा सके।




