Political Column :ज्यूस पिलाने में आखिर क्यों उलझी 1 क्षेत्र की राजनीति? टिकट के लिए किन की उम्मीदों को पंख लगे?? आखिर पूरे जिले में किस बात के धमाल की चर्चा हो रही??? पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम राजनीतिक डायरी में….
Political Column :Why did the politics of 1 region get involved in giving juice? Whose hopes got wings for the ticket?? After all, what is the whole district talking about??? Read our popular column in political diary...

Political Column : एक क्षेत्र को जिला बनाने के लिए पिछले कुछ दिनों से आमरण अनशन की आड़ में जमकर नेतागिरी हो रही है। चूंकि चुनावी साल है और इस पर राजनीति रोटी नहीं सेंके यह संभव नहीं है। श्रेय लेने के लिए नेताओं ने समर्थन भी दिया। हद तो तब हो गई जब अनशन खत्म करने के लिए फोटो छपास का सिलसिला शुरू हुआ।
एक पार्टी से टिकट से वंचित रहे नेताजी ने अपने हाथों से धरना स्थल पर बैठे प्रदर्शनकारियों को ज्यूस पिलाकर धरना खत्म करने का दावा कर डाला। सच्चाई यह है कि उसके पहले ही विपक्ष पार्टी के एक बड़े नेता ज्यूस पिलाकर धरना खत्म करवा चुके थे। ज्यूस पिलाने के पीछे श्रेय लेने के मामले में इन नेताजी की जमकर जग हसाई हो रही है। पूर्व में उनके सरकार रहते हुए उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा भी मिल चुका है।
टिकट की उम्मीद अब भी बरकरार (Political Column)
जिले के एक सुरक्षित और महाराष्ट्र सीमा से सटे विधानसभा से सत्ता और विपक्ष पार्टी के नेताओं की सांसे थमी हुई है। एक पार्टी ने तो उम्मीदवार घोषित कर दिया है, लेकिन विरोध होने के कारण उम्मीदवार बदलने की चर्चा जोर पकड़ रही है। इससे यहां टिकट के उसी नाम से तालुकात रखने वाले एक दावेदार को अब भी उम्मीद है कि उनकी लॉटरी लग जाएगी।
उनके अलावा एक अफसर भी पड़ोसी जिले में पदस्थ रहने के बावजूद बार बार क्षेत्र में आकर आमद दे रहे हैं। वे तो बकायदा कह रहे हैं कि देर आए दुरुस्त आए, लेकिन लाटरी उन्हीं की लगेगी। वहीं दूसरी तरफ विपक्षी पार्टी से भी संभावित उम्मीदवार की जगह धूमकेतू की तरफ राजनीति में आए एक नेता को पिछले दिनों आई यात्रा के बाद अचानक सक्रिय देखा जा रहा है। देखना यह है कि दोनों पार्टियों में से किसकी लॉटरी पहले लगती है।
पूरे जिले में बड़े धमाल की चर्चा
पिछले कुछ दिनों में जिले की राजनीति में बड़े धमाल की चर्चा की जा रही है। यह नहीं बताया जा रहा है कि किस पार्टी में धमाल हो रहा है, लेकिन भाजपा और कांग्रेस के नेता एक दूसरे से पूछते नजर आ रहे है कि आखिर बड़ा धमाल क्या होने वाला है। चर्चा चल रही है कि भाजपा में एक से अधिक उम्मीदवार बदल सकते है तो कांग्रेस में खबर चल रही है कि दो विधानसभा में नए प्रत्याशी मैदान में हो सकते है, इनमें से कुछ वजनदार प्रत्याशियों को मौका दिया जा सकता है। हालांकि हकीकत क्या है यह तो पता नहीं। हालांंकि जिस तरह बाजार में एक दूसरे से पूछने का क्रम चल रहा है, इससे राजनीतिज्ञ भी हैरान-परेशान हो गए है।




