Betul Samachar: लिंक रोड के निवासियों को अच्छी सड़क के लिए करना होगा लंबा इंतजार

पुराने ठेकेदार ने व्हाइट टापिंग सड़क पूरी नहीं की, मजदूरी की कमी बन सकती है बाधा
Betul Samachar: बैतूल। व्हाइट टापिंग सड़क बनाने वाली जिस फर्म को दो किमी सड़क निर्माण का जिम्मा सौंपा था, यही फर्म लिंक रोड से टिकारी तक 2.70 किमी की सड़क बनाएगी। शनिवार को केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और विधायक हेमंत खंडेलवाल ने लगभग 8 करोड़ की लागत से बनने वाली सड़क का भूमिपूजन तो कर दिया, लेकिन लिंक रोड से गढ़ाघाट के निवासियों को इस सड़क के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। दरअसल ठेकेदार कपिल शर्मा ने दो किमी की व्हाइट टापिंग सड़क बनाने के लिए आठ माह का लंबा समय लगा दिया है। जिस कछुआ चाल से यह फर्म सड़क बना रही है। उससे ऐसा ही लगता है कि इसका काम पूरा होने के बाद ही मजदूर रहने पर लिंक रोड से गढ़ाघाट तक की सड़क का काम पूरा हो सकेगा।
विधायक हेमंत खंडेलवाल की प्राथमिकता वाली इस सड़क निर्माण में ठेकेदार विलेन बन जाए तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। बताया जाता है कि व्हाइट टापिंग सड़क के लिए विधायक ने गुणवत्तायुक्त और समय पर काम करने के लिए सड़क बनाने वाली कंपनी को स्पष्ट निर्देश दिए थे, लेकिन इसका बिलकुल ख्याल नहीं रखा गया। दीप पर्व जैसे प्रमुख त्यौहारों पर फर्म ने जगह-जगह कोठी बाजार मार्ग पर मटेरियल फैला दिया। इससे व्यापारियों और लोगों को परेशानी हुई। आठ माह बाद भी फर्म ने व्हाइट टापिंग सडक का काम पूरा नहीं किया है।
कलेक्टर मार्ग और कुछ हिस्से पर अभी भी काम चल रहा है। जबकि दोनों ओर पेविंग ब्लाक लगाने के काम में भी लंबा समय लग सकमता है। बताया जाता है कि दीप पर्व पर कईदिनों तक मजदूरों के लंबे अवकाश पर जाने से काम ठप पड़ा था। इससे लोगों की नाराजगी भी सामने आई। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को शिकायत हुई तो वे भी ठेकेदार का पक्ष लेते रहे। जब जनप्रतिनिधियों के पास मामला पहुंचा, तब काम में तेजी आई।
बड़ा सवाल: लिंक रोड निर्माण का क्या होगा?
मेसर्स कपिल शर्मा फर्म द्वारा 2.700 किमी सड़क का निर्माण किया जाना है। पहले इस मार्ग के लिए दो करोड़ स्वीकृुत हुए थे, लेकिन बाद में इसकी लागत 7.90 करोड़ हो गई। विधायक ने मुख्यमंत्री से इस रोड के लिए बजट स्वीकृत करवाया। इस मार्ग पर नाली निर्माण दोनों ओर पथवे भी बनाने के लिए बजट बढ़ाया है। हालांकि ठेकेदार को लेकर संशय बना हुआ है कि जिस तरह व्हाइट टापिंग सड़क में कछुआ चाल से निर्माण हुआ। लिंक रोड से गढ़ाघाट मार्ग मेें भी लेटलतीफी पर भी संदेह है। यदि ऐसा होता है तो बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल के इस ड्रीम प्रोजेक्ट पर भी लेटलतीफी की तलवार लटक जाएगी।




