Betul Samachar: Video: यूरिया खाद नहीं मिलने से किसानों का हंगामा, पुलिस की मौजूदगी में बांटी गई खाद
Betul News: Farmers create ruckus due to non-availability of urea fertilizer, fertilizer was distributed in the presence of police

किसानों की बढ़ती नाराज़गी के बीच खुली पर्याप्त खाद होने के दावों की पोल
Betul Samachar: बैतूल। जिले में एक बार फिर किसानों को यूरिया खाद के लिए परेशान होना पड़ रहा है। सरकारी दावों के अनुसार जिले में खाद की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। सोमवार को हमलापुर स्थित एमपी एग्रो कार्यालय में खाद नहीं मिलने से नाराज़ किसानों ने हंगामा कर दिया। सुबह से ही खाद के लिए बड़ी संख्या में किसान कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन उन्हें न तो समय पर टोकन मिले और न ही जरूरत के अनुसार खाद। इससे नाराज़ होकर किसानों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसकी सूचना मिलने पर गंज थाना पुलिस को मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए खाद वितरण व्यवस्था को पुलिस निगरानी में शुरू करवाया।

लंबी कतारें, परेशान किसान और अव्यवस्था का आलम
सोमवार की सुबह से ही हमलापुर एमपी एग्रो कार्यालय के बाहर किसानों की लंबी कतारें लग गई थीं। किसान उम्मीद लगाए खड़े थे कि उन्हें आज पर्याप्त मात्रा में यूरिया खाद मिल जाएगा, जिससे वे अपनी सूखती फसलों की देखरेख कर सकें। लेकिन जब खाद वितरण की प्रक्रिया शुरू हुई तो किसानों को बिना टोकन के मात्र दो बोरी खाद दी जा रही थी। अधिकांश किसान इससे संतुष्ट नहीं हुए और अधिक खाद की मांग करने लगे। इसी दौरान अव्यवस्था बढ़ गई और किसानों का आक्रोश फूट पड़ा।
हंगामे की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस
किसानों के बढ़ते आक्रोश और हंगामे की सूचना पर गंज थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने पहले किसानों को समझाइश देने की कोशिश की, लेकिन स्थिति कुछ देर तक तनावपूर्ण बनी रही। मौके पर किसानों और पुलिस के बीच हल्की धक्का-मुक्की की स्थिति भी बन गई। हालांकि, वरिष्ठ अधिकारियों की समझाइश और पुलिस की सख्ती के बाद स्थिति नियंत्रण में आई।
अधिकारियों ने दिया आश्वासन, शुरू हुआ टोकन वितरण
स्थिति बिगड़ती देख अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि सभी को पर्याप्त खाद दी जाएगी और किसी को भी खाली हाथ नहीं लौटाया जाएगा। इसके बाद टोकन वितरण की प्रक्रिया शुरू की गई और पुलिस की निगरानी में व्यवस्थित ढंग से खाद वितरण कार्य संपन्न किया गया। अधिकारियों ने किसानों से संयम बनाए रखने और वितरण प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की।
एक सप्ताह से इंतजार कर रहे थे किसान
खाद वितरण केंद्र पर पहुंचे कई किसानों ने बताया कि वे पिछले एक सप्ताह से यहां आ रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला। किसानों ने बताया कि हर दिन कहा जाता है कि खाद आ रही है, लेकिन जब हम पहुंचते हैं तो या तो टोकन खत्म हो जाते हैं या फिर खाद नहीं होती। अब तो फसलें पीली पड़ने लगी हैं। अगर समय पर खाद नहीं मिला, तो पूरी फसल चौपट हो जाएगी।
खाद की कमी से फसलों पर संकट
जिले में बारिश की अनियमितता और खाद की किल्लत के कारण किसानों की खरीफ फसलें संकट में हैं। अधिकतर किसानों ने धान, मक्का, सोयाबीन जैसी फसलें बोई हैं, जिन्हें इस समय खाद की अत्यधिक आवश्यकता है, लेकिन यूरिया और डीएपी जैसे प्रमुख खाद समय पर न मिलने से फसलें कमजोर पड़ रही हैं और उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है।
प्रशासनिक दावे हवा में
जिला प्रशासन और कृषि विभाग लगातार दावा कर रहे हैं कि जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है और वितरण व्यवस्था भी सुचारु है, लेकिन हमलापुर की घटना ने इन दावों की सच्चाई सामने ला दी है। किसानों का कहना है कि यदि खाद पर्याप्त मात्रा में होती, तो उन्हें बार-बार परेशान होकर लाइन में नहीं लगना पड़ता।
किसानों ने की पारदर्शी बनाकर खाद वितरण की मांग
किसानों ने मांग की है कि खाद वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाया जाए और केंद्रों पर पर्याप्त स्टाफ तैनात किया जाए ताकि समय पर टोकन और खाद मिल सके। साथ ही कालाबाजारी और बिचौलियों पर सख्त कार्रवाई हो ताकि वास्तविक जरूरतमंद किसानों को खाद समय पर मिल सके। यूरिया खाद की किल्लत अब जिले के किसानों के लिए गहरी चिंता का विषय बन गई है। सरकार और प्रशासन को चाहिए कि जल्द से जल्द वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाएं, ताकि आने वाले दिनों में फसलों को बचाया जा सके और किसान आंदोलनों की राह न पकड़े।
इनका कहना ….
खाद के लिए बड़ी संख्या में किसान पहुंच गए थे, इसीलिए कुछ समय के लिए अव्यवस्था निर्मित हो गई थी। किसानों को टोकन देकर खाद वितरण शुरू कर दिया है, सभी किसानों को खाद दिया जाएगा।
रामवीर सिंह राजपूत, एसडीओ कृषि विभाग बैतूल




