Lok Sabha Chunav : शाह के मुताबिक रहा वोटिंग प्रतिशत तो फिर बढ़ेगा हेमंत का कद
Lok Sabha Chunav : According to Shah, if the voting percentage remains then Hemant's stature will increase

लोकसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी को जीत दिलाने भाजपाई जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता लगा रहे पूरी ताकत
Lok Sabha Chunav : बैतूल। लोकसभा चुनावों के दो चरण निपटने के तुरंत बाद आधी रात को भोपाल आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अगवानी करने एयरपोर्ट पहुंचे प्रदेश के चार दिग्गज नेताओं में से एक बैतूल विधायक हेमन्त खंडेलवाल भी थे। अमित शाह के अचानक हुए इस दौरे के पीछे कारण सामने आया था कि जिन विधान सभाओं में वोटिंग प्रतिशत कम हुआ है, उस क्षेत्र के विधायक और मंत्रियों का कद आने वाले समय मे छोटा हो सकता है।
इसके तत्काल बाद से ही भाजपा के विधायकों और मंत्रियों ने यह तय कर लिया कि किसी भी स्थिति में अपना रिपोर्ट कार्ड बिगड़ने नहीं देना है। हालांकि बैतूल लोकसभा में अभी मतदान होने को 5 दिन बाकी हैं। ऐसे में इस बात को बल मिल रहा है कि बैतूल लोकसभा क्षेत्र की सभी विधानसभाओं में काबिज विधायक दोगुने उत्साह के साथ भाजपा प्रत्याशी दुर्गादास उइके को जीत दिलाने के लिए अपनी ताकत झोंक रहे हैं।
चूंकि बैतूल जिले भाजपा की पूरी राजनीति बैतूल विधायक हेमन्त खण्डेलवाल के इर्द गिर्द ही घूमती है तो यह माना जा रहा है कि बैतूल लोकसभा क्षेत्र से यदि भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में बंफर वोटिंग होती है तो हेमन्त का कद और ज्यादा बढ़ने से कोई रोक नहीं पाएगा। भाजपा में हेमंत की सक्रियता को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि चुनाव परिणाम के बाद कहीं न कहीं उनकी लॉटरी लग सकती है।
विधानसभा चुनावों के समकक्ष होना चाहिए वोटिंग प्रतिशत
विधान सभा चुनावों को सम्पन्न हुए लगभग 5 माह बीत चुके हैं। जिले की पांचों विधानसभाओं में भाजपा के विधायक काबिज होने के बाद अब इन विधायकों के सामने केंद्रीय नेतृत्व ने लोकसभा चुनाव में बेहतर परफार्मेंस देने का टास्क दिया हुआ है। जानकारी के मुताबिक अमित शाह के निर्देश हैं कि भाजपा विधायकों की विधानसभाओं में वोटिंग प्रतिशत अपेक्षा के अनुरूप नहीं आएंगे तो ऐसे विधायकों और मंत्रियों को इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ सकता है।
जिले के पांच विधानसभाओं का रिकार्ड देखा जाए तो। विधानसभा चुनाव 2023 में जिले का कुल वोटिंग प्रतिशत 73.96 प्रतिशत रहा है। इनमें े बैतूल और मुलताई दो ऐसी विधान सभा हैं। जहां वोटिंग प्रतिशत 78.45 और 76.44 प्रतिशत रहा है। इस लिहाज से बैतूल विधायक हेमन्त खण्डेलवाल और मुलताई विधायक चन्द्र शेखर देशमुख टॉप पर रहे थे। इसके बाद आमला में 73.27 , भैंसदेही विधानसभा में 73 प्रतिशत और घोड़ाडोंगरी में सबसे कम 69 .11 प्रतिशत मतदान हुआ था।
यानी कि विधानसभा चुनावों में मतदान के लिए मतदाताओं ने अच्छा खासा उत्साह दिखाया था। केंद्रीय नेतृत्व की भी यही मंशा है कि लोकसभा चुनावों में मतदान का यह चुनावी गणित बरकरार रहना चाहिए इसी आधार पर विधायकों और मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा।
जिले में वन मेन शो की भूमिका निभा रहे हेमन्त खंडेलवाल
लोकसभा चुनावों के दौरान जिले की पांच विधानसभाओं के अलावा पड़ोसी जिले की तीन विधान सभा हरदा हरसूद और टिमरनी भी बैतूल लोकसभा क्षेत्र में शामिल है। चूंकि इन चुनावों में हेमन्त खण्डेलवाल प्रदेश चुनाव समिति के संयोजक की जिम्मेदारी का भी सफलता पूर्वक निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन बैतूल लोकसभा क्षेत्र की सभी विधानसभाओं में जिस तरह से हेमन्त की सक्रियता दिख रही है उसे राजनीतिक विश्लेषक वन मेन शो के रूप में देख रहे हैं।
पूरी आठ विधानसभाओं में आए दिन कार्यकर्ताओं की होने वाली बैठकों में रणनीति तैयार करने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं को दी जाने वाली जिम्मेदारियों सहित चुनावी मैनेजमेन्ट तय किए जाने में भी हेमन्त की भूमिका महत्वपूर्ण दिख रही है। पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में आहूत करने की रणनीति भी हेमंत ने ही बनाई थ, ताकि कांग्रेस विधायक वाले क्षेत्र से बड़ी बढ़त हासिल कर सके। राजनीति के जानकारों का मानना है कि लोकसभा चुनावों में यदि केंद्रीय नेतृत्व के मुताबिक वोटिंग प्रतिशत रहा तो बैतूल विधायक हेमन्त खण्डेलवाल का राजनीतिक कद अप्रत्याशित रूप से बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है।





