Betul News: नपा में अटकी अनुबंध की कई फाइलें, काम प्रभावित

हस्ताक्षर करने पर भी परहेज की चर्चा, जनप्रतिनिधियों के निर्देश दरकिनार
Betul News: बैतूल। जिला मुख्यालय की नपा में व्यवस्था की गाड़ी एक बार फिर बेपटरी होते दिखाई दे रही है। इसके लिए कहीं न कहीं संबंधित अधिकारी जिम्मेदार कहे जा रहे हैं। बताया जाता है कि नगरपालिका में कई अनुबंधों की फाइलों के अलावा कई टेंडर की फाइल भी रोकर रखने से सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। पूर्व में ही जनप्रतिनिधि जिम्मेदारों को हिदायत दे चुके हैं कि काम में रूकावट न आए, लेकिन बैतूल नपा में जिस तरह की कार्यप्रणाली सामने आ रही है, इससे उनके निर्देशों की खुलेआम अवहेलना हो रही है।
जानकार सूत्र बताते हैं कि बैतूल नपा में अधिकारियों की मनोपल्ली के आगे ठेकेदार त्रस्त हो चुके हैं। पूर्व में भी ठेकेदार ने इस संबंध में शिकायत की थी तो सबसे पहले विधायक हेमंत खंडेलवाल ने अधिकारियों के साथ ठेकेदारों की बैठक लेकर दो टूक शब्दों में कहा था कि ठेकेदार समय पर काम करें। यदि उन्हें कोई परेशानी आ रही है तो अधिकारी से चर्चा करें। इसके बावजूद ठेकेदारों के कामों में अड़ंगा अड़ाकर कुछ अधिकारी अपनी मनोपल्ली चलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। इससे शहर के अधिकांश काम ठप होते जा रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि इसी अड़ंगे के कारण कई महत्वपूर्ण फाइलें अधिकारियों के टेबल ही धूल खा रही है। इससे विकास की रफ्तार पर बुरा असर पड़ रहा है।
फाइलों को आगे बढ़ाने से परहेज
जानकार सूत्र बताते हैं कि नपा में विभिन्न कामों के अनुबंध करने वाली फाइल पर हस्ताक्षर न होने के कारण लंबे समय से रोके रकी है। इसके पीछे क्या माजरा है, यह आज तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। अनुबंध के अलावा कई टेंडर की फाइलें भी पीडब्ल्यूडी की शाखा में धूल खा रही है। इस पर संबंधित अधिकारी ने हस्ताक्षर नहीं किए हैं। सूत्रों के अलावा कुछ ठेकेदारों ने भी बताया है कि सभी की फाइलों को रोककर निर्देश दिए गए हैं कि इसे आगे न बढ़ाया जाए और न ही कोई टेंडर खोले जाएंगे। चर्चा यह भी है कि आउटसेट सर्विस के टेंडर के बाद यह पूरा माजरा सामने आया है। इसके पीछे की असलियत क्या है, यह किसी को समझ नहीं आई है, लेकिन ठेकेदार भी अपनी फाइलों की पेंडेंसी से खासे परेशान हो गए हैं।
शहर विकास में विलेन क्यों बन रहे अधिकारी?
जिस तरह नपा में अनुबंध समेत टेंडर की फाइलों को रोककर रखा है, इससे शहर का विकास बाधित हो रहा है। सूत्र बताते हैं कि ऐसा कौन सा अधिकारी है जो इस तरह के काम कर विलेन और शहर विकास में बाधा बन रहा है। हालांकि तर्क दिया जा रहा है कि कुछ तकनीकी खामियां और नपा की खस्ताहाल वित्तीय स्थिति को देखते हुए फिलहाल अनुबंध और निर्माण कार्य वाली फाइलों को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है। वैसे इसकी हकीकत क्या है, यह तो स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन यदि बजट की बात आ रही है और निर्माण कार्य में बाधा बन रही है तो इसके लिए कोई विकल्प तलाशना जाना था। यह अब तक नहीं हो पाया है। ऐसे में अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाएं जा रहे हैं।
इनका कहना..
अनुबंध और टेंडर की फाइलें रोके जाने की बात पूरी तरह से बेबुनियाद है। नपा की वित्तीय हालात ठीक नहीं होने के कारण फिलहाल इस पर रोक लगाई है। इस बारे में अध्यक्ष ने भी निर्देश दिए। इसी वजह फाइलें आगे नहीं बढ़ रही।
सतीष मटसेनिया, सीएमओ नपा बैतूल




