Betul News: आदिवासी युवक की पिटाई पर बवाल: समुदाय की चेतावनी के बाद 8 थानों का पुलिस बल तैनात

भैंसदेही में पुलिस के अधिकारियों को संभालनी पड़ी कमान, व्रज वाहन भी तैनात
Betul News: बैतूल। भैंसदेही क्षेत्र में एक आदिवासी युवक संदीप चिल्हाटे के साथ शराब ठेकेदार के कर्मचारियों और पुलिस द्वारा मारपीट और जातिसूचक गालियां देने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना के विरोध में शुक्रवार को हजारों की संख्या में आदिवासी समुदाय के लोगों ने भैंसदेही में जोरदार धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन को चेताया कि यदि उचित न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन और तेज होगा।
इस प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने भैंसदेही में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। व्रज वाहन सहित आसपास के आठ थानों का पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया था। गंज, भैंसदेही, चौपना, आठनेर, मोदा, चिचोली, शाहपुर और बैतूल कोतवाली से बल बुलाया गया। चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती और निगरानी रही।

यह है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले भैंसदेही में शराब ठेकेदार के कर्मचारी और पुलिस के एक उपनिरीक्षक द्वारा एक आदिवासी युवक के साथ मारपीट की गई थी। इस दौरान युवक को जातिसूचक गालियां भी दी गईं। इस घटना के विरोध में आदिवासी संगठनों में रोष फैल गया। सोशल मीडिया पर भी इस मामले की तीखी आलोचना हुई।
घटना के बाद पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने कार्रवाई करते हुए उपनिरीक्षक नितिन उईके को लाइन अटैच किया और शराब ठेकेदार के कर्मचारी शिव इंगले, करण उईके और संजय कुमरे के विरुद्ध भी कार्यवाही की। हालांकि, आदिवासी समाज इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि यह केवल प्रतीकात्मक कदम हैं और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
आदिवासियों की यह है मांग
धरना प्रदर्शन में आए आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि मारपीट करने वाले उपनिरीक्षक को सिर्फ लाइन अटैच करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि निलंबित किया जाना चाहिए। साथ ही, शराब ठेकेदार के कर्मचारियों पर आपराधिक धाराओं में मामला दर्ज कर, ठेकेदार को भी आरोपी बनाया जाए। उन्होंने चेताया कि यदि दोषियों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आदिवासी समाज जिलेभर में व्यापक आंदोलन करेगा।
पुलिस प्रशासन अलर्ट पर
प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। एएसपी कमला जोशी, भैंसदेही एसडीओपी और बैतूल एसडीओपी सुनील लाटा सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। व्रज वाहन के साथ साथ अन्य विशेष दस्ते भी तैनात किए गए थे। प्रशासन ने स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों से संवाद किया। धरना स्थल पर आदिवासियों की भारी भीड़ उमड़ी, जिसमें भैंसदेही सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा।




