Betul News: 71 लेवल में क्रेक से कोयला खदान में भराया पानी, मचा हड़कंप

Betul News: Water filled in coal mine due to crack in 71 level, panic ensued

69 से 72 लेवल में चलने वाली एलएचडी मशीन को पानी से बचाने के लिए ऊपर निकाला

Betul News: (काली चौरासे) सारनी। वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड पाथाखेड़ा क्षेत्र में इन दिनों हड़कंप मचा है। वजह भूमिगत खदान में पानी भरना है। बताया जा रहा है कि पानी निकालने दो दो पंप लगाए हैं। लेकिन जितना पानी खदान से बाहर निकाल पा रहे हैं। उससे कहीं ज्यादा पानी खदान में बढ़ रहा है। खदान सूत्र बताते हैं कि तवा वन खदान के ई-9 सेक्शन में 69 से 72 लेवल के बीच करीब चार दिनों से लगातार पानी बढ़ रहा है। पहले इस सेक्शन का मोटर पंप जला। तब तक यह अंदाजा लगाया जा रहा था कि मोटर पंप जलने की वजह से खदान में पानी बढ़ रहा है। लेकिन जब दूसरी खदानों से मोटर पंप लाकर पानी निकालने की कोशिश की गई, तो पता चला कि जितना पानी निकाल रहे हैं। उससे कहीं ज्यादा पानी खदान में आ रहा है।

इसके बाद खदान प्रबंधन ने आनन-फानन में दो मोटर पंप लगाकर पानी बाहर निकलने का प्रयास किया। लेकिन उसमें भी सफल नहीं हुए। इसके बाद जब हड़कंप मचा तो पता चला कि 71 लेवल में कहीं पर क्रैक आने की वजह से बारिश का पानी खदान में तेजी से पहुंच रहा है। इसके बाद खदान प्रबंधन ने 69 से 72 लेवल तक चलने वाली एलएचडी मशीनों को ऊपर यानी की 68 लेवल में पहुंचाया। ताकि खदान में पानी भरने की स्थिति में मशीनों को कोई नुकसान नहीं हो।

नहीं मिल रहा क्रैक

कोयला खदान सूत्र बताते हैं कि 71 लेवल में जहां से पानी आ रहा है। उसका क्रैक नहीं मिल पा रहा है। गौरतलब है कि जहां 71 लेवल है। वहां घना जंगल और बड़े बरसाती नाले हैं। यही वजह है कि क्रैक ढूंढने में कोल कर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। खदान सूत्र तो यह भी बता रहे हैं कि समय रहते क्रैक नहीं मिला तो उक्त सेक्शन को एहतियातन बंद करना पड़ सकता है। यहां सब मौजूदा प्रबंधन की लापरवाही का नतीजा प्रतीत हो रहा है। खबर तो यह भी है कि इस खदान में उपक्षेत्रीय प्रबंधक पर प्रबंधक भारी पड़ रहे हैं। आपसी समन्वय नहीं बैठने का ही परिणाम है कि इस तरह की समस्या का सामना सबसे सुरक्षित माने जाने वाली खदान में करना पड़ रहा है।

कोयला खदान पर एक नजर

 पाथाखेड़ा क्षेत्र की तव वन खदान में 625 अधिकारी, कर्मचारी कार्यरत है। तीनों शिफ्ट में इस खदान से फिलहाल 800 से 900 टन कोयला उत्पादन हो रहा है। इस खदान में फिलहाल ई-9 सेक्शन ही चालू है। इसके भी 69 से 72 लेवल में पानी भर जाने से कोयला उत्पादन प्रभावित हो रहा है। बताया जा रहा है कि वर्षाकाल को देखते हुए पूर्व योजना बनाई जाती है। लेकिन इस खदान में पानी भरने से सवाल खड़े हो रहे हैं।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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