Betul Ki Khabar: शिक्षकों की कमी , मनमर्जी से चलाया जा रहा सीएम राइज स्कूल
Betul Ki Khabar: Shortage of teachers, CM Rise School is being run as per one's own will

भीमपुर सीएम राइज स्कूल की व्यवस्था बदहाल, छात्रों की पढ़ाई पर संकट
Betul Ki Khabar: बैतूल। जिले के भीमपुर विकासखंड मुख्यालय स्थित सीएम राइज स्कूल में शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। शासन की महत्वाकांक्षी योजना के तहत उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा देने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस स्कूल में व्यवस्थाएं केवल कागजों तक सीमित होकर रह गई हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कई विषयों के शिक्षक नहीं होने से लंबे समय से कक्षाएं संचालित नहीं हो रहा है, जिससे छात्र-छात्राएं मानसिक तनाव में हैं और उनके भविष्य पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। स्थिति चिंताजनक बनी हुई है । हालांकि स्कूल के प्राचार्य ने भी शिक्षकों की कमी की समस्या को स्वीकार कर बताया कि, शिक्षकों की कमी की पूर्ति के प्रयास किये जा रहे हैं।
लापरवाही के चलते शिक्षा की गिर रही गुणवत्ता
इधर ब्लॉक स्तर पर मौजूद अधिकारी भी पूरी तरह से उदासीन बने हुए हैं। बीईओ की लापरवाही और मॉनिटरिंग के अभाव के कारण स्कूल की शैक्षणिक गुणवत्ता दिन-ब-दिन गिरती जा रही है। संकुल व्यवस्था का हाल भी बेहाल है, जिससे बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से प्रभावित हो रही है। पालकों का कहना है कि मनमाने ढंग से नजदीकी प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों को सीएम राइज से जोड़ दिया गया है, लेकिन पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की गई। इससे न तो मूलभूत शिक्षण कार्य हो पा रहा है और न ही बच्चों को विषयवार गाइडेंस मिल पा रहा है।
शासन के दावे सिर्फ मंचों तक सीमित
हैरानी की बात यह है कि यह सब कुछ ब्लॉक मुख्यालय पर हो रहा है, जहां अधिकारियों की नजर सबसे पहले जानी चाहिए। लेकिन स्थानीय प्रशासन इस ओर से आंखें मूंदे बैठा है। जिसके चकते पालकों में गहरा रोष है। उनका कहना है कि यदि ऐसे ही हालात रहे तो बच्चों का भविष्य अंधकार में चला जाएगा। कुछ पालकों ने यह तक आरोप लगाया है कि शासन के दावे सिर्फ मंचों तक सीमित हैं और जमीनी हकीकत में केवल खिलवाड़ हो रहा है। अब सवाल यह उठता है कि क्या शासन वास्तव में बच्चों के भविष्य को लेकर गंभीर है, या फिर कुछ जिम्मेदार अधिकारी इस योजना को फेल करने पर तुले हैं? यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो सीएम राइज स्कूल की यह महत्वाकांक्षी योजना सिर्फ एक असफल प्रयोग बनकर रह जाएगी।
इनका कहना….
यह सही है कि स्कूल में शिक्षकों की कमी जरूर है, इसके लिए उच्च अधिकारियों से पत्राचार किया गया है। अतिथि शिक्षकों की सेवाएं लेने पर भी विचार कर रहे हैं।
बीएल सिरसाम, प्राचार्य, सीएम राइज स्कूल भीमपुर




