Swachh Bharat Mission: 13 करोड़ के घोटाले में आरोपियों की संपत्ति कुर्क औपचारिकता!

Swachh Bharat Mission: Seizing the property of the accused in the Rs 13 crore scam is just a formality!

पुलिस ने पकड़े गए दो लोगों को बता दिया मुख्य आरोपी, फरार आरोपियों की संपत्ति कब होगी कुर्क तय नहीं

Swachh Bharat Mission: बैतूल। जिले के चिचोली और भीमपुर जनपद में 13 करोड़ 21 लाख के स्वच्छ भारत मिशन के घोटाले में मुख्य आरोपी ब्लॉक समन्वयक और दो ऑपरेटर अब तक पुलिस गिरफ्त से बाहर है। गत 18 जून को पुलिस ने प्रेस नोट में गबन के मामले में सपना इवने और बीरबल रावत की गिरफ्तारी की सूचना दी थी। इन्हें ही प्रेस नोट में मुख्य आरोपी बना दिया।

ऐसे में ब्लॉक समन्वयक और दो कम्प्यूटर ऑपरेटर मामले के सूत्रधार होने के बावजूद, नाममात्र के आरोपी कहलाएंगे? यह प्रश्न कई सवाल खड़े कर रहा है। इस बीच प्रेस नोट में एसपी निश्चल झारिया के हवाले से कहा गया था कि फरार आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की जा रही है,लेकिन आठ दिनों में पुलिस ने कोई अपडेट नहीं दिया है। इससे भी कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्रधानमंत्री के स्वच्छत भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत चिचोली और भीमपुर जनपद में ब्लॉक समन्वयक राजेंद्र परिहार समेत दो कम्प्यूटर ऑपरेटरों के अलावा कई अन्य लोगों ने करोड़ों की राशि का चूना लगा दिया। कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ की जांच में खुलासा होने के बाद जांच हुई तो आरोपियों के खिलाफ चिचोली थाने में 420, 409, 34, 120(बी),भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) के तहत आरोपियों पर मामला दर्ज किया गया था।

मामले में ब्लॉक समन्वयक राजेंद्र परिहार को मुख्य आरोपी और गबन का सूत्रधार बताया गया था। उनकी निगरानी में चिचोली और भीमपुर के कम्प्यूटर ऑपरेटरों को भी सहयोगी माना गया था। करीब चार माह पहले हुए इस मामले में पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर कोई प्रयास नहीं किए। यही कारण है कि सत्तारूढ़ भाजपा के जनप्रतिनिधियों को भी इस मामले में लोगों ने घेरना शुरू कर दिया था। हालांकि पुलिस ने 18 जून को गबन के मामले में फरार चल रहे दो आरोपी सपना इवने और बीरबल रावत को गिरफ्तार किया था। इसके बावजूद शेष आरोपियों का एसपी द्वारा गठित एसआईटी सुराग नहीं लगा पाई है। इसके बाद से ही लोग एसआईटी पर ही कई सवाल खड़े कर रहे हैं।

कुर्की की कार्रवाई प्रारंभ पर सबकी नजर

18 जून को दो आरोपियों को पकड़े जाने के बाद पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट में दावा किया गया था कि फरार आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों की जानकारी प्रदेश और बाहरी जिलों से एकत्र कर कुर्की की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। शीध्र ही संपत्तियां कुर्क की जाएगी। पुलिस की चार टीम इंदौर, भोपाल, बालाघाट, गोंदिया और संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

एसआईटी और साइबर सेल की तकनीकी टीम लगातार आरोपियों के नेटवर्क और गतिविधियों की निगरानी करने का दावा प्रेस नोट में किया गया, लेकिन सवाल यह उठ रहे हैं कि दो आरोपियों के पकड़े जाने के बाद इस तरह का दावा कहां तक ठीक है? जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष हेमंत वागद्रे का कहना है कि यदि पुलिस ने एसआईटी बनाई है तो तकनीकी विशेषज्ञों के सहारे मुख्य आरोपी समेत सभी को हिरासत में ले लेना था,यह कहीं न कहीं एसआईटी और विभाग की लापरवाही को दर्शा रहा है। उनका आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों की बैंक डिटेल काफी पहले खंगाल ली इसके बावजूद गिरफ्तारी के प्रयास नहीं किए गए। कहीं ऐसा न हो बचे आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत न मिल जाए।

आखिर एसआईटी प्रमुख जानकारी देने से क्यों बच रहे?

एसपी निश्चल एन झारिया ने करोड़ों के घोटाले में शाहपुर एसडीओपी मयंक तिवारी को एसआईटी का प्रमुख बनाया था। उन्हें जिम्मेदारी से जांच कर आरोपियों को पकडऩे के निर्देश दिए थे, इस पर वे खरे नहीं उतर पाए। दरअसल प्रकरण में चार माह से अधिक बीत जाने के बाद भी वे आरेोपियों को लेकर अपडेट नहीं दे पाए। गत 18 जून को दो आरोपियों के पकड़ाए जाने के बाद भी मीडिया के सवाल से बचते नजर आ रहे हैं। हालांकि मीडिया से चर्चा न करने का सिलसिला काफी पुराना हो गया है।

यही वजह है कि मुख्यमंत्री से जिले के चार विधायकों ने मामले की जांच का अनुरोध करने के बाद भी एसआईटी प्रमखु शाहपुर एसडीओपी ने करोड़ों के घोटाले में कोई अपडेट देना उचित नहीं समझा। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर मीडिया से बात करने से क्यों कतरा रहे हैं? चौंकाने वाली बात यह है कि 14 अप्रैल को इस प्रतिनिधि से चर्चा के दौरान बैंक डिटेल निकालकर आरोपियों तक पहुंचने की बात कही थी। इसके बाद से वे ढाई महीने तक कोई भी कॉल रिसीव नहीं कर सके। गुरुवार उन्होंने लंबे समय बाद इस प्रतिनिधि का मोबाइल रिसीव कर चर्चा की।

इनका कहना

मैं अभी एक कार्यक्रम में व्यस्त हूं। आपसे बाद में इस मामले में चर्चा करूंगा।

निश्चल एन झारिया, एसपी बैतूल। 

हो सकता है व्यस्तता के कारण आपका मोबाइल रिसीव नहीं कर पाया। अभी दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। 

मयंक तिवारी, एसआईटी प्रमुख एवं एसडीओपी शाहपुर।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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