Betul News: सोशल मीडिया पर कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन चरम पर
Betul News: Congress's show of strength is at its peak on social media

दावेदारों की पोस्ट से भरा मैदान, नब्ज टटोलने कल आएंगे वरिष्ठ नेता
Betul News: बैतूल। कांग्रेस में नई ऊर्जा भरने की कवायद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। संगठन सृजन अभियान के अंतर्गत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सोमवार को बैतूल पहुंचेंगे। वे यहां कार्यकर्ताओं और दावेदारों की राजनीतिक नब्ज टटोलकर यह तय करेंगे कि जिले में पार्टी की कमान किसे सौंपी जाए, जो न सिर्फ संगठन को मजबूती दे सके, बल्कि आगामी चुनावों में भी निर्णायक भूमिका निभा सके।

लेकिन उनके आगमन से पहले ही कांग्रेस के भीतर सोशल मीडिया पर शक्ति प्रदर्शन पूरे जोरों पर है। फेसबुक समेत अन्य सोशल प्लेटफार्म पर स्थानीय दावेदारों की पोस्ट की बाढ़ आ गई है। कहीं कोई अपने नेता को जनप्रिय, हरदिल अजीज और 24&7 जनता के बीच रहने वाला बता रहा है, तो कोई उसे संगठन का असली सिपाही साबित करने में जुटा है।

युवाओं से लेकर वरिष्ठ कार्यकर्ताओं तक, हर कोई अपने पसंदीदा नेता को आगे बढ़ाने के लिए डिजिटल मोर्चे पर डटा हुआ है। एक पक्ष जहां इसे लोकतांत्रिक उत्साह मान रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इसे अंदरूनी गुटबाजी और टक्कर की रणनीति के रूप में देख रहा है। जो भी है लेकिन अब पूरा दारोमदार उन वरिष्ठ नेताओं के विवेक पर निर्भर है जो कुशल नेतृत्व की तलाश में यहाँ आ रहे हैं। इन नेताओं के फैसले के बाद आने वाले समय मे जिले की राजनीति में कांग्रेस का भविष्य क्या होगा यह भी तय हो जाएगा।

सोशल मीडिया पर दिखने लगीं पूर्व विधायक से सम्बंधित पोष्ट
राहुल गांधी ने जैसे ही भोपाल प्रवास के दौरान संगठन सृजन अभियान की नींव रखी जिले सहित प्रदेश का प्रत्येक कांग्रेसी पूरे कौशल के साथ मैदान में नजर आने लगा है। जानकारी के मुताबिक पूर्व विधायक निलय डागा भी कांग्रेस जिला अध्यक्ष की रेस में शामिल नजर आ रहे हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है, की पिछले कुछ दिनों से उनकी पोष्ट अधिकांश समर्थक ज्यादा से ज्यादा फेसबुक पर अपलोड कर रहे हैं।
शादी हो विवाह हो या फिर शोक संवेदनाओं का माहौल हो , इस तरह की पोष्ट प्रतिदिन सोशल मीडिया पर नजर आ रही हैं। साथ ही ऐसी पोष्ट भी दिख रही जिसमें उन्हें कांग्रेस का सक्रिय लीडर बताया जा रहा है, और यह वास्तविक भी है कि, प्रदेश कांग्रेस ने उन्हें संगठन सर्जन अभियान को अमलीजामा पहनाने के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी दे रखी हैं। इन जिम्मेदारियों के निर्वहन के फोटो भी फेसबुक की शोभा बढ़ा रहे हैं। कुल मिलाकर यह कहना अतिश्योक्ति नहीं हो सकती कि सोशल मीडिया भी दावेदारी और शक्ति प्रदर्शन के लिए एक शसक्त प्लेटफार्म के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

कैम्पेनिंग में हेमन्त भी बने शोसल मीडिया की शोभा
जिला अध्यक्ष की दौड़ पर पूरे जिले के कांग्रेसियों की नजर गड़ी हुई है। इस दौड़ में वर्तमान जिला अध्यक्ष हेमन्त वागद्रे के समर्थन में शोशल मीडिया गर्माया हुआ है। कोई इन्हें अपना अभिमान बता रहा है , तो कोई किसानों और मध्यम वर्ग की बुलंद आवाज, हेमन्त की कार्यप्रणाली के पुल तक बांधे जा रहे हैं। समर्थक हेमन्त को जिले में कांग्रेस का भविष्य तक बताने से नहीं चूक रहे। उन्हें कार्यकर्ताओं के लिए 24 घण्टे उपलब्ध रहने वाला नेता बताया जा रहा है। कहा यह भी जा रहा है कि, जो नेता प्रदेश कांग्रेस के निर्देष के बीच कभी कांग्रेस के धरना प्रदर्शन में खड़े नहीं हुए वे नेता भी जिला कांग्रेस अध्यक्ष की दौड़ में शामिल हो रहे हैं। हालांकि अभी डेलिगेशन के बैतूल पहुंचने में काफी वक्त है, लेकिन उसके पहले सोशल मीडिया पर छाया शक्ति प्रदर्शन चर्चा का केंद्र जरूर बना हुआ है।

ऐसे में डेलिगेशन में शामिल वरिष्ठ नेताओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि वे प्रचार और वास्तविकता के बीच फर्क कर सही नेतृत्व का चयन करें। क्योंकि सोशल मीडिया की चमक के पीछे जमीनी पकड़ कितनी मजबूत है, यह सवाल अब सबसे अहम होता जा रहा है। अब देखना होगा कि सोशल मीडिया की दीवारों पर चढ़े पोस्ट, जमीन की सच्चाई पर कितना खरा उतरते हैं।




