Betul News: समझौते में नपा के खाते में आए 32 लाख 50 हजार रुपए
Betul News: 32 lakh 50 thousand rupees came into the account of the municipality in the agreement

एक ही दिन में रिकार्ड वसूली, नपा ने वसूला सम्पत्ति और जलकर
Betul News: बैतूल। लोक अदालत वास्तव में विवादों के निपटारे के लिए एक सशक्त माध्यम सिद्ध हो रही है। चाहे वो आपसी विवाद हों या फिर आर्थिक विवाद। यही वजह है कि लोक अदालत के मूल मंत्र आपसी समझौते को अच्छा प्रतिसाद मिल पा रहा है। लोक अदालत की सफलता का नमूना नगर पालिका बैतूल में भी देखने को मिला है। जहां एक ही दिन में नपा लाखों रुपए की वसूली करने में सफल हुई है। जिन नागरिकों के संपत्ति और जलकर विवादों में फंसे हुए थे या कई सालों से पेंडिंग पड़े हुए थे।
उन नागरिकों ने स्वेच्छा से लोक अदालत पर विश्वास करते हुए नपा पहुंचकर आपसी समझौते के आधार पर टैक्स जमा किया है। इससे नपा का खजाना तो भरा ही है, बल्कि नागरिकों ने भी राहत की सांस ली है। नपा के अधिकारीयों ने नागरिकों को नियमों से अवगत कराते हुए समय पर टैक्स जमा करने की हिदायत भी दी है।
जल और संपत्ति से वसूले 32 लाख रुपए
नपा के राजस्व अधिकारी अखिल राय के मुताबिक लोक अदालत में समझौते के लिए संपत्ति कर के लिए 300 और जलकर के लिए भी 300 सहित कुल 600 बकायादारों को चिन्हित किया गया था। 10 मई को आयोजित लोक अदालत में उपस्तिथ होने के लिए सभी बकायादारों को पहले ही सूचित कर दिया गया था। बकायादारों को कोई असुविधा न हो इसके लिए 18 कर्मचारियों की टीम गठित की गई थी। करदाताओं की सुविधा के लिए नपा परिसर में टेंट पानी आदि की व्यवस्था की गई थी।
सुबह से ही नपा के वसूली कक्ष में बकायादारों का पहुंचना शुरू हो गया था। लोक अदालत के माध्यम से बकायादारों से संपत्ति कर के रूप में 26 लाख 50 हजार रुपए, जलकर के रूप में 4 लाख 50 हजार और दुकान किराए के 1 लाख 50 हजार रुपए की वसूली की गई है। हालांकि कई बकायादार ऐसे भी हैं जो लोक अदालत में उपस्थित नहीं हो पाए इसके लिए सम्बन्धितों से पुन: टैक्स जमा करने की अपील की जा रही है। हालांकि नपा के मुताबिक बकायादारों से संपत्ति कर के रूप में 25 लाख 1 हजार 945, जलकर 6 लाख 22 हजार 885, किराया 1 लाख 50 हजार सहित कुल 32 लाख 74 हजार 830 रुपए वसूलने थे समझौते के आधार पर लगभग पूरी राशि वसूली का लक्ष्य प्राप्त भी कर लिया गया है।
समय पर टैक्स जमा नहीं किया तो दूसरे वर्ष हो जाएगा डबल
संपत्ति कर को लेकर शासन ने नया नियम जारी कर दिया है। जो उन बकायादारों के लिए मुश्किल भरा हो सकता है जो समय पर टैक्स जमा करने में लापरवाही करते हैं। राजस्व निरीक्षक अखिल राय के मुताबिक नए नियम में यह तय कर दिया गया है कि बकायादारों से प्रति वर्ष संपत्ति कर अनिवार्य रूप से जमा कराया जाए। यदि बकायादार समय पर टैक्स जमा नहीं करता है, तो अगले वर्ष उसे टैक्स की दोगुनी रकम चुकानी पड़ेगी।
उदाहरण के तौर पर यदि किसी बकायादार के सम्पत्ति कर की रकम 2 हजार रुपए सालाना है, और वह रकम समय पर जमा करने के बजाय अगले वर्ष जमा करता है, तो बकायादार से 100 प्रतिशत पेनाल्टी वसूली जाएगी यानी बकायादार को पूरे 4 हजार रुपए चुकाने होंगे। यह नियम इसी वर्ष से लागू भी कर दिया गया है।




