Betul News: जिले में प्रशासन की सख्ती के बाद भी धधक रही नरवाई, जिम्मेदार बेपरवाह

Betul News: Despite the strictness of the administration, the stubble is burning in the district, the responsible are careless

मुख्य मार्गों के किनारे खेतों मेें नजर आ रही आग सुलगते, अनदेखी पर उठ रहे सवाल

Betul News: बैतूल। प्रशासन की तमाम सख्ती और चेतावनियों के बावजूद जिले में नरवाई जलाने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। खासकर बैतूल तहसील में हालात चिंताजनक बने हुए हैं। आरुल ,भरकवाड़ी और बैतूलबाजार पटवारी हल्के में तो हालात इतने खराब हैं कि मुख्य मार्गों के किनारे ही खेतों में आग सुलगती नजर आ रही है। सबसे हैरानी की बात यह है कि इन रास्तों से होकर गुजरने वाले अफसरों और राजस्व अमले को यह सब नजर नहीं आ रहा, या वे जानबूझकर अनदेखी कर रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक प्रशासन ने फसल कटाई के बाद खेतों में नरवाई (पराली) जलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बावजूद किसानों द्वारा नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। प्रशासन ने कई किसानों पर जुर्माना भी लगाया है और कुछ मामलों में एफआईआर भी दर्ज की गई है। इसके अलावा लापरवाह पटवारियों और राजस्व कर्मचारियों पर भी कार्यवाही की गई है। लेकिन यह सब कागजों तक ही सीमित लगता है क्योंकि जमीन पर हालात जस के तस बने हुए हैं।

नियम मानने वाले किसान ठगा हुआ महसूस कर रहे

सबसे ज्यादा नुकसान उन किसानों को हो रहा है जो प्रशासनिक आदेशों का पालन कर रहे हैं। वे न तो नरवाई जला रहे हैं और न ही खेतों में आग लगा रहे हैं। लेकिन जब उनके पड़ोसी नियमों की अनदेखी करके आसानी से बच निकलते हैं तो वे खुद को ठगा हुआ महसूस करते हैं। एक किसान ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, हमने तो प्रशासन की बात मानी, लेकिन कोई भी अधिकारी उन लोगों को नहीं रोक रहा जो खुलेआम नरवाई जला रहे हैं। इससे तो हमें ही नुकसान हो रहा है।प्रदूषण नरवाई जलाने से जहां वातावरण में भारी मात्रा में धुआं और प्रदूषण फैलता है, वहीं भूमि की उपजाऊ शक्ति पर भी इसका बुरा असर होता है। मिट्टी के जरूरी जीवाणु और जैविक तत्व नष्ट हो जाते हैं, जिससे आने वाली फसल की गुणवत्ता पर असर पड़ता है।

प्रशासन को करनी होगी गंभीर कार्यवाही

स्थिति को देखते हुए अब यह साफ हो गया है कि केवल चेतावनी और जुर्माना काफी नहीं है। प्रशासन को अब निगरानी तंत्र को और मजबूत करना होगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने होंगे। साथ ही नियमों का पालन करने वाले किसानों को प्रोत्साहन देना भी जरूरी है ताकि वे हतोत्साहित न हों।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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