Betul Mandi News : कलेक्टर के निर्देश के बाद भी नहीं बने हम्मालों के आईडी कार्ड 

विधायक- कलेक्टर के निर्देशों पर भी नहीं बनी व्यवस्था, इसलिए लूट रहे किसान

Betul Mandi News : बैतूल। बैतूल कृषि उपज मंडी में प्रतिदिन जिले भर से सैकड़ों किसान हजारों क्विंटल उपज बेचने के लिए पहुंचते है, लेकिन इस मंडी में व्यवस्था अच्छी नहीं होने के कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बैतूल कृषि मंडी इन दिनों अव्यवस्थाओं के कारण ज्यादा सुर्खियों में है।

कलेक्टर ने मंडी की व्यवस्था बदलने और मंडी में कार्यरत हम्मालों के आईडी कार्ड बनाने के निर्देश दिए थे। मंडी प्रशासन कलेक्टर के आदेशों का उल्लंघन किए जा रहा है। अब तक मंडी में हम्मालों के आईडी कार्ड नहीं बने है।

कई बार किसान पहचान नहीं कर पाते कि हम्माल कौन है। उल्लेखनीय है कि गत दिनों विधायक हेमंत खंडेलवाल और कलेक्टर नरेन्द्र सूर्यवंशी ने मंडी का निरीक्षण कर मंडी की बिगड़ती व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए थे। व्यवस्था नहीं सुधरने पर सचिव को निलंबित कर दिया था। अब भैंसदेही कृषि मंडी के सचिव सूरज उईके को बैतूल मंडी का प्रभार सौंपा है।

नए सचिव को जिम्मेदारी देने के बाद ऐसा लग रहा था कि मंडी की व्यवस्था में तेजी से सुधार आएंगा लेकिन मंडी की व्यवस्था पुराने ढर्रें पर ही चल रही है। आए दिनों किसानों को किसी ना किसी परेशानियों से जुझना पड़ता है। हम्मालों द्वारा तौल के नाम पर किसानों से राशि ली जाती है। राशि लेने का सिलसिला भी अभी खत्म नहीं हो सका। मंडी प्रशासन भले ही व्यवस्था सुधारने के तमाम दावे कर रहा है, लेकिन हकीकत कुछ ओर है।

सुरक्षा गार्डों की नहीं बनी ड्रेस 

कृषि उपज मंडी निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मंडी में तैनात सुरक्षा गार्डों के लिए ड्रेस कोर्ड लागू करने के निर्देश दिए थे, लेकिन इस आदेशों को भी मंडी प्रशासन ने इन आदेशों को भी हवा में उड़ा दिया। मंडी में तैनात गार्ड सामान्य डे्रस में रहते है जिससे किसानों को पहचान में नहीं आते कि मंडी के सुरक्षा गार्ड कौन है।

कई बार किसानों और गार्डों के बीच विवाद की भी घटना सामने आई है। इन गार्डों के पास ना तो आईडी कार्ड है और न ही डे्रस है, ऐसे में किसी पर विश्वास करना मुश्किल हो जाता है कि वे मंडी के कर्मचारी है। मंडी की व्यवस्था सुधारने के लिए प्रशासन को बारिकी से इन समस्याओं पर ध्यान देना होगा। अन्यथा मंडी की व्यवस्था पुराने ढर्रे पर ही चलते रहेंगी।

किसान धूप में डालते उपज

कृषि उपज मंडी में किसानों को उपज डालने के लिए शेड बने है, लेकिन शेड के भीतर उपज डालने के लिए किसानों को जगह नहीं मिलती। भीषण गर्मी में भी किसानों को बाहर उपज डालना पड़ता है।

किसान धूप से परेशान रहते है। शेड के भीतर जगह नहीं मिलने से किसान गर्मी और बारिश के दिनों में सबसे ज्यादा परेशान रहते है। शेड के भीतर व्यापारियों द्वारा खरीदी गई उपज के बोरों के ढेर लगे रहते है, जिसके कारण किसानों को शेड के भीतर उपज डालने स्थान नहीं मिल पाता।

कलेक्टर और विधायक के निरीक्षण के बावजूद भी व्यापारियों के बोरे मंडी शेड के भीतर रखे रहते है। इसमें भी कोई सुधार नहीं आया। मंडी की अव्यवस्थाओं के संबंध में मंडी के प्रभारी सचिव सूरज उईके से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

Related Articles

Back to top button