Betul News: नपा में खत्म होगा सब इंजीनियर का टोटा, दो की आमद शीघ्र

Betul News: The shortage of sub-engineers in the municipality will end, two will arrive soon

वागद्रे चिचोली के साथ बैतूल नपा भी संभालेंगे, राठौर की सेवाएं भी लेने की भी तैयारी

Betul News: बैतूल। जिला मुख्यालय की नगरपालिका में सब इंजीनियरों के अभाव में कामकाज पूरी तरह से ठप पड़े हैं। हालात यह है कि निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर एक मात्र सब इंजीनियर स्पाट पर जाने के बजाए टेबल रिपोर्ट बनाकर अधिकारियों की ओर बढ़ा दे रहे हैं। इसी वजह कार्यों की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है।

कहा जा रहा है कि प्रदेश स्तर पर सब इंजीनियरों की कमी का असर बैतूल नपा पर भी पड़ रहा है, लेकिन सांझवीर टाईम्स में पिछले कुछ दिनों पहले सब इंजीनियरों का टोटा को लेकर खबर प्रकाशित करने के बाद विधायक हेमंत खंडेलवाल ने इसे गंभीरता से लिया है। राज्य शासन से दो सब इंजीनियरों की डिमांड उन्होंने की थी। यहां पर लंबे समय से पदस्थ रहे सब इंजीनियर नगेंद्र वागद्रे अब चिचोली के साथ दोबारा बैतूल वापसी करेंगे। इसके अलावा बैतूल में पदस्थ रहे सेवानिवृत्त सब इंजीनियर धीरेंद्र राठौर को भी सब इंजीनियरों की कमी के बाद बैतूल पदस्थापना की फाइल राज्य शासन से शीघ्र ही बैतूल आ जाएगी। इससे सब इंजीनियरों की कमी का टोटा लगभग खत्म होने की संभावना है।

लंबे समय से बैतूल नपा में इंजीनियरों की कमी देखी जा रही है। लगभग 6 माह पहले ईई रहे महेश अग्रवाल सेवानिवृत्त हुए तो उनके स्थान पर आज तक किसी दूसरे ईई की पदस्थापना नहीं हुई। इसके बाद राज्य शासन ने सब इंजीनियर नगेंद्र वागद्रे को उनकी मूल पदस्थापना नगर परिषद चिचोली वापस भेज दिया। बची कसर सब इंजीनियर संजय सरेठा के दुर्घटना में घायल होने के बाद पूरी हो गई। वे पिछले कई माह से अस्वस्थ्य चल रहे हैं। हालांकि कभी कभार वे नगरपालिका आकर अपने दायित्वों का निर्वाहन जरूर करते हैं, लेकिन पैरालिसिस अटैक के कारण उनका दाहिना हाथ काम नहीं कर रहा है।

हालांकि काम के प्रति समर्पित सब इंजीनियर सरेठा ने बाएं हाथ से हस्ताक्षर करने समेत कुछ काम करना शुरू कर दिया। इससे कुछ राहत जरूर है। इस बीच एक मात्र सब इंजीनियर ब्रजेश खानूरकर का 14 अप्रैल को विवाह होने के कारण वे बालाघाट रवाना हो गए। कहा जा रहा है कि वे लगभग एक पखवाड़े तक अवकाश पर रहेंगे। ऐसे में पूरा दारोमदार एई नीरज धुर्वे पर आ गया है। दस दिनों में वे पूरी जिम्मेदारी संभालेंगे, लेकिन वे भी काफी व्यस्त रहते हैं, इससे नगरपालिका में उनकी आमद कम होने से भी काम प्रभावित हो रहे हैं।

वागद्रे-राठौर की आमद से मिलेगी राहत

सूत्र बताते हैं कि विधायक हेमंत खंडेलवाल के विशेष प्रयासों से जिला मुख्यालय की नपा में सब इंजीनियरों की कमी काफी हद तक पूरी कर ली जाएगी। कुछ दिन पहले सांझवीर टाईम्स ने पार्षदों और अधिकारियों की इस पीड़ा को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। सब इंजीनियरों की कमी से वार्डों में कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं। इस खबर के बाद विधायक खंडेलवाल ने आश्वासन दिया था कि शीघ्र ही व्यवस्था बनाएंगे। अब नपा के सूत्र बताते हैं कि एक सप्ताह में नगरीय निकाय एवं आवास विभाग से चिचोली के अलावा बैतूल में काम काज संभालने के आदेश होने वाले हैं। इसके अलावा राज्य शासन ने सेवानिवृत्त सब इंजीनियर धीरेंद्र राठौर को भी आगामी दो वर्षों तक बैतूल नपा में पदस्थ करने के लिए हामी भर दी है। उन्हें नपा के वेतन पर यहां पर जिम्मेदारी गई है।

होगा नए सिरे से कार्य विभाजन

बताया जाता है कि अगले सप्ताह तक एई, सब इंजीनियर के बीच सीएमओ नए सिरे से कार्यविभाजन करेंगे। चूंकि नए सब इंजीनियरों की आमद होने के बाद सभी को अलग-अलग दायित्व सौंपे जाएंगे। लिहाजा एक से अधिक कार्य करने वाले सब इंजीनियर के बीच अलग-अलग कार्य सौपे जाने की चर्चा है। इसमें जलशाखा और अमृत योजना पूर्व की तरह वागद्रे को दी जा सकती है। शेष तीन सब इंजीनियरों में वार्ड के अनुसार प्रभारी बनाए जाने की संभावना है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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