Tapi Project: तापी परियोजना चिल्लीर की जगह ढेकना के पास शिफ्ट, ग्रमीणों के विरोश के बाद 2670 करोड़ की योजना का बदला स्थान

Tapi Project: Tapi project shifted to Dhekna instead of Chillir, location of Rs 2670 crore project changed after villagers protest

▪️ सांझवीर टाईम्स, बैतूल

Tapi Project: भीमपुर विकासखंड में करीब 2670 करोड़ की तापी मेगा रिचार्ज योजना के स्थान में परिवर्तन कर दिया गया है। ग्रामीणों के विरोध के बाद शासन को यह निर्णय लेना पड़ा। गत माह ही महाराष्ट्र और प्रदेश के अधिकारियों की इस परियोजना को लेकर बैठक हुई थी। बैठक में ग्रामीणों के विरोध को लेकर भी चर्चा हुई। इसके बाद निर्णय लिया गया है कि चिल्लौर की जगह अब ढेकना के पास परियोजना का काम शिफ्ट किया जाएगा।

सिंचाई विभाग के अधिकारी विपिन बामनकर ने बताया कि 2670 करोड़ रुपए की इस परियोजना में पहले 307 एमसीएम क्षमता का बांध बनाया जाना था, जिससे 81,600 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जानी थी। इसमें बैतूल के 10 हजार हेक्टेयर के अलावा खंडवा, बुरहानपुर और हरदा जिले के 71 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का प्रावधान था। मूल योजना में 8 गांव पूरी तरह और 6 गांव आंशिक रूप से डूब क्षेत्र में आ रहे थे। साथ ही बैतूल-खंडवा हाईवे भी प्रभावित होने वाला था। नई योजना के तहत अब चिल्लौर बांध का स्थान बदलकर ढेकना के पास कर दिया गया है और इसकी क्षमता घटाकर 140 एमसीएम कर दी गई है।

इस संशोधित परियोजना से केवल बैतूल जिले के दामजीपुरा क्षेत्र के 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जाएगी। इससे अन्य जिलों को पानी देने की आवश्यकता नहीं होगी।इस नई परियोजना से महतपुर, नहरपुर, केकड़िया कला, सहेली, गोबरबेल, चिल्लौर, बालू, बाटला कला, कमोड और झाकस जैसे गांवों को लाभ मिलेगा। विभाग जल्द ही इस परियोजना के सर्वे के लिए निविदाएं आमंत्रित करेगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस संशोधित योजना से क्षेत्र के गांवों को डूब की समस्या से निजात मिल जाएगी।

बड़ा क्षेत्र डूब में आने से बचेगा

विभागीय सूत्रों के मुताबिक विभाग ने हाल ही में खंडवा, बुरहानपुर में एनवीडीए के जरिए दो बड़ी परियोजनाएं स्वीकृत की है। जिससे इन क्षेत्रों की सिंचाई जरूरत को पूरा करने में बेहद मदद मिलेगी, इसलिए चिलौर परियोजना की आवश्यकता लगभग खत्म हो गई है। शासन स्तर पर हुई पुनरीक्षित समीक्षा के बाद इसमें बदलाव का फैसला किया गया है। ग्रामीण इसका विरोध भी कर रहे थे। जबकि जिले का बड़ा हिस्सा डूब में आने के बावजूद फायदा कम मिल रहा था।

ग्रामीणों के विरोध पर प्रस्ताव भी बदला

इस बदलाव से अब महाराष्ट्र एमपी बॉर्डर पर बनने वाले ताप्ती मेगा रिचार्ज प्रोजेक्ट को भी बदल दिया गया है। पहले यहां बड़ा बांध गुटी गढ़ पर बनाकर दोनों तरफ नहरें और उनके किनारों पर बड़े-बड़े किए बनाकर भूजल रिचार्ज की योजना थी, लेकिन अब ऐसा न कर यहां छोटे बैराज बनाने की योजना महाराष्ट्र सरकार ने बनाई है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

Related Articles

Back to top button